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Bahraich News: किशोरी की मौत पर लापरवाही का आरोप लगा परिजनों ने किया हंगामा
Tue, 03 Jun 2025 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 03 Jun 2025 12:47 AM IST
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बहराइच मेडिकल कॉलेज में किशोरी की मौत पर हंगामे के बाद बिलखते परिजन।
बहराइच। ग्राम पंचायत सिकंदरपुर निवासी गुलशन (16) को सोमवार को बुखार संबंधी समस्या होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गुलशन की मौत पर परिजनों ने इमरजेंंसी चिकित्सक व स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान परिजनों ने स्टाफ रुपये मांगने का भी आरोप लगाया।
मेडिकल काॅलेज में हंगामा कर रहे गुलशन के पिता पंकज मिश्रा ने आरोप लगाते हुए बताया कि बेटी को बुखार आने पर सीएचसी महसी ले गए थे। वहां चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया। लेकिन यहां भर्ती करवाने के बाद चिकित्सक देखने नहीं आए। सिर्फ स्टाफ ने एक छोटा ग्लूकोज लगा दिया। गुलशन की हालत खराब देख लखनऊ रेफर करने की बात कही, लेकिन रेफर नहीं किया। चिकित्सक को बुलाने के लिए इधर से उधर भटकते रहे, लेकिन सिर्फ स्टाफ नर्स ने ही बेटी को देखा। इस दौरान रुपये की भी मांग की गई। वहीं मृतका के रिश्तेदार सुंदरम शुक्ला ने आरोप लगाया कि लापरवाही का आलम यह रहा कि ड्रिप निकालने तक कोई नहीं आया। घंटों चले हंगामे के बाद मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस के समझाने पर परिजन माने और शव लेकर घर चले गए।
किशोरी को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया था। उसका बीपी भी कम थी। समुचित इलाज किया जा रहा था। परिजनों को किशोरी के स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारी दी गई थी। इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई है। -डॉ. अरविंद शुक्ला, मीडिया प्रभारी
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मेडिकल काॅलेज में हंगामा कर रहे गुलशन के पिता पंकज मिश्रा ने आरोप लगाते हुए बताया कि बेटी को बुखार आने पर सीएचसी महसी ले गए थे। वहां चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया। लेकिन यहां भर्ती करवाने के बाद चिकित्सक देखने नहीं आए। सिर्फ स्टाफ ने एक छोटा ग्लूकोज लगा दिया। गुलशन की हालत खराब देख लखनऊ रेफर करने की बात कही, लेकिन रेफर नहीं किया। चिकित्सक को बुलाने के लिए इधर से उधर भटकते रहे, लेकिन सिर्फ स्टाफ नर्स ने ही बेटी को देखा। इस दौरान रुपये की भी मांग की गई। वहीं मृतका के रिश्तेदार सुंदरम शुक्ला ने आरोप लगाया कि लापरवाही का आलम यह रहा कि ड्रिप निकालने तक कोई नहीं आया। घंटों चले हंगामे के बाद मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस के समझाने पर परिजन माने और शव लेकर घर चले गए।
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किशोरी को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया था। उसका बीपी भी कम थी। समुचित इलाज किया जा रहा था। परिजनों को किशोरी के स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारी दी गई थी। इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई है। -डॉ. अरविंद शुक्ला, मीडिया प्रभारी
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