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महंगी हुई थाली, बच्चों के िटफिन से गायब होता जा रहा पूड़ी-पराठा
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बहराइच में एक दुकान पर खरीददारी करते लोग।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। लगातार बढ़ती महंगाई से आम आदमी के लिए दो जून की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो गया है। दिवाली के बाद से आटा दाल, चावल व खाद्य तेलों की कीमत में महंगाई का ऐसा छौका लगा है कि रसोई का बजट पूरी तरह पटरी से उतर चुका है। बीते 15 दिन के अंदर में आटा व चावल के दामों में 10 रुपया तक की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। बढ़ती महंगाई से मध्यमवर्गीय परिवारों से लेकर गरीब तबके से जुड़े सभी लोग परेशानहाल हैं। बढ़ती महंगाई को देखते हुए घर परिवार का खर्च चलाने में ही जेब दो गुना तक ढीली ही रही है।
रोजाना बढ़ रहे राशन, सब्जी व फल के दामों ने इस परेशानी को और बढ़ा दिया है। फलों से लेकर सब्जियों तक का इस्तेमाल करने के बारे में में लोगों को सोचना पड़ रहा है। खाद्य सामग्रियों के रेट में तेजी के कारण कम आय वालों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। गेहूं की आवक कम होने से आटा महंगा हो गया है। धनिया, जीरा और हल्दी के दाम भी तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पहले जिन घरों में दो लीटर दूध लिया जा रहा था, अब एक या डेढ़ लीटर में ही काम चलाया जा रहा है। राशन विक्रेता आशीष जायसवाल ने बताया आटा के दाम में बढ़ोतरी होने से आम लोगों के जेब पर सीधा असर पड़ा है। इसके साथ ही अन्य खाद्य पदार्थों के दामों में भी बढ़ोत्तरी हुई है।
आसमान छू रही महंगाई
महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। जिससे अब रसोई के साथ ही घर का बजट भी बिगड़ रहा है। इसके चलते ही अब दोनों समय खाने में दाल चावल व सब्जी बनाने के बारे में भी सोचना पड़ रहा है। बढ़ती कीमत के कारण खाने में मनपसंद आइटम खाना तो लगभग बंद होने लगा है। कोमल शर्मा
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बिगड़ रहा घर का बजट
पहले सब्जियों के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही थी और अब खाद्य पदार्थों में बढ़ोत्तरी हो रही है। लगातार बढ़ रहे दामों से घर का बजट बिगड़ रहा है। अगर यही स्थिति रही तो दो जून की रोटी भी मिलना मुश्किल हो जाएगा। वंदना श्रीवास्तव
महंगाई को रोके सरकार
दिन-प्रतिदिन बढ़ रही महंगाई से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। लगातार बढ़ रही महंगाई को रोकने की जरूरत है। सरकार को बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने के लिए तत्काल कुछ ठोस कदम उठाना चाहिए। ताकि आम लोगों की दो समय की दाल रोटी चलती रहे। आरती शर्मा
कमर तोड़ रही महंगाई
बढ़ रही महंगाई ने कमर तोड़ दी है। पहले सब्जी व अब चावल और आटा के दामों में हुई बढ़ोत्तरी ने हालत और बिगाड़ दिए हैं। महंगाई के हिसाब से आय में बढ़ोत्तरी न हो पाने के कारण अब घर का खर्च चलाना भी बड़ी चुनौती बन गया है। सबसे ज्यादा परेशानी मध्यम वर्गीय परिवार से जुड़े लोगों को उठानी पड़ रही है। काजल
कीमतों में बढ़ोतरी एक नजर में
खाद्य पदार्थ पहले अब
चावल 35 42
आटा 30 40
दाल 110 120
कड़वा तेल 150 170
रिफाइंड 120 150
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रोजाना बढ़ रहे राशन, सब्जी व फल के दामों ने इस परेशानी को और बढ़ा दिया है। फलों से लेकर सब्जियों तक का इस्तेमाल करने के बारे में में लोगों को सोचना पड़ रहा है। खाद्य सामग्रियों के रेट में तेजी के कारण कम आय वालों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। गेहूं की आवक कम होने से आटा महंगा हो गया है। धनिया, जीरा और हल्दी के दाम भी तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पहले जिन घरों में दो लीटर दूध लिया जा रहा था, अब एक या डेढ़ लीटर में ही काम चलाया जा रहा है। राशन विक्रेता आशीष जायसवाल ने बताया आटा के दाम में बढ़ोतरी होने से आम लोगों के जेब पर सीधा असर पड़ा है। इसके साथ ही अन्य खाद्य पदार्थों के दामों में भी बढ़ोत्तरी हुई है।
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आसमान छू रही महंगाई
महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। जिससे अब रसोई के साथ ही घर का बजट भी बिगड़ रहा है। इसके चलते ही अब दोनों समय खाने में दाल चावल व सब्जी बनाने के बारे में भी सोचना पड़ रहा है। बढ़ती कीमत के कारण खाने में मनपसंद आइटम खाना तो लगभग बंद होने लगा है। कोमल शर्मा
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बिगड़ रहा घर का बजट
पहले सब्जियों के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही थी और अब खाद्य पदार्थों में बढ़ोत्तरी हो रही है। लगातार बढ़ रहे दामों से घर का बजट बिगड़ रहा है। अगर यही स्थिति रही तो दो जून की रोटी भी मिलना मुश्किल हो जाएगा। वंदना श्रीवास्तव
महंगाई को रोके सरकार
दिन-प्रतिदिन बढ़ रही महंगाई से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। लगातार बढ़ रही महंगाई को रोकने की जरूरत है। सरकार को बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने के लिए तत्काल कुछ ठोस कदम उठाना चाहिए। ताकि आम लोगों की दो समय की दाल रोटी चलती रहे। आरती शर्मा
कमर तोड़ रही महंगाई
बढ़ रही महंगाई ने कमर तोड़ दी है। पहले सब्जी व अब चावल और आटा के दामों में हुई बढ़ोत्तरी ने हालत और बिगाड़ दिए हैं। महंगाई के हिसाब से आय में बढ़ोत्तरी न हो पाने के कारण अब घर का खर्च चलाना भी बड़ी चुनौती बन गया है। सबसे ज्यादा परेशानी मध्यम वर्गीय परिवार से जुड़े लोगों को उठानी पड़ रही है। काजल
कीमतों में बढ़ोतरी एक नजर में
खाद्य पदार्थ पहले अब
चावल 35 42
आटा 30 40
दाल 110 120
कड़वा तेल 150 170
रिफाइंड 120 150