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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Elephants broke through chain-link fencing and entered the fields, trampling crops across five bighas.

Bahraich News: चेनलिंक फेंसिंग तोड़कर खेतों में घुसे हाथी, पांच बीघा फसल रौंदी

Fri, 28 Aug 2026 12:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:00 AM IST
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Elephants broke through chain-link fencing and entered the fields, trampling crops across five bighas.
कतर्नियाघाट रेंज के जमुनिहा गांव में हाथी के उत्पात में बर्बाद हुई फसल।
बिछिया। कतर्नियाघाट वन्य प्रभाग के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत जमुनिहा गांव में बुधवार रात करीब 10 बजे पहुंचे हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी। जंगल की चेनलिंक फेंसिंग तोड़कर खेतों में पहुंचे 18 हाथियों ने धान और गन्ने की करीब पांच बीघा खड़ी फसल रौंद डाली। झुंड में छोटे हाथी भी शामिल थे। हाथियों के खेतों में पहुंचने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
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खेत से करीब 50 मीटर दूर झोपड़ी में 70 वर्षीय दुलारी अपने बेटे ओमकार के साथ सो रही थीं। अचानक हाथियों की चिंघाड़ सुनकर दुलारी की नींद खुली तो सामने हाथियों का झुंड दिखाई दिया। हाथियों को अपनी झोपड़ी की ओर बढ़ता देख मां-बेटे आनन-फानन में झोपड़ी छोड़कर भागे और कुछ दूरी पर स्थित इकबाल के बंगले में जाकर शरण ली। इससे दोनों की जान बाल-बाल बच गई।
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हाथियों के झुंड से गांव में दहशत फैलने के बाद ग्रामीण एकजुट हुए। उन्होंने हांका लगाया और पटाखे दगाकर काफी मशक्कत के बाद हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। ग्रामीणों के अनुसार हाथियों ने किसान जेले, पाले, मानबहादुर और प्रताप के खेतों में खड़ी धान व गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया है।
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सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी आशीष गौड़ और दारोगा राधेश्याम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों ने ग्रामीणों को रात में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी। रेंजर ने बताया कि गजमित्रों की टीम को अलर्ट कर दिया गया है और वन विभाग की पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है।

हाथी दिखें तो 100 मीटर की दूरी रखें

नेचर, एन्वायरमेंट एंड वाइल्डलाइफ सोसाइटी के प्रबंध निदेशक सितांगशु ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गांव के आसपास हाथियों की गतिविधि दिखाई दे तो सबसे पहले वन विभाग और गजमित्रों को सूचना दें। शाम के बाद हाथियों की मौजूदगी में मेगाफोन, टॉर्च और अन्य गैर-आक्रामक तरीकों से उन्हें दूरी पर रखने का प्रयास किया जा सकता है, लेकिन ग्रामीण स्वयं हाथियों के करीब न जाएं। हाथियों से कम से कम 100 मीटर की दूरी बनाए रखें।
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