फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   elephant injured its caretaker

पानी की खातिर हाथी ने रौंदा साथी

Tue, 19 Jan 2016 09:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Tue, 19 Jan 2016 09:47 PM IST
विज्ञापन
elephant injured its caretaker
बिछिया (बहराइच)। जल ही जीवन है का नारा इंसानों के लिए भले ही महज शब्द हों पर हाथी के लिए हकीकत है। पर ताज्जुब की बात यह है कि प्रकृति का जिम्मा संभालने वाले वन विभाग के अफसर ही इससे अनजान हैं।
विज्ञापन


कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के अफसरों की इस अनदेखी का खामियाजा सोमवार को दो कर्मचारियों को उस वक्त भोगना पड़ा जब प्यास से व्याकुल हथिनी चंपाकली अपने सामने महज एक बाल्टी पानी देख भड़क गई और इसी गुस्से में उसने कई सालों के अपने साथी महावत व उसके सहयोगी को कुचल डाला।
विज्ञापन


महावत की रीढ़ की हड्डी आैर उसके सहयोगी की कई पसलियां टूट गई हैं। दोनों का इलाज ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में चल रहा है।

कतर्नियाघाट रेंज में वन विभाग हथिनी जयमाला और चंपाकली को जंगल गश्त और पर्यटकों के भ्रमण के लिए रखे हुए है। दिन भर दोनों हथिनियां कतर्नियाघाट रेंज स्थित पर्यटक स्थल और नावघाट के पास रहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शाम को उन्हें गिरिजापुरी के सेंट्रल स्टेट फार्म में हौदे पर ले जाया जाता है। प्रतिदिन की तरह महावत रामप्रसाद (55) अपने सहयोगी नजाकत अली (45) के साथ हथिनी चंपाकली को लेकर गिरिजापुरी पहुंचा।

यहां हथिनी को बाल्टी से पानी पिलाना शुरू किया। हैंडपंप से पानी निकालने और पिलाने में कुछ समय लग रहा था। इतने में पानी न मिलने से चंपाकली बिगड़ गई। उसने महावत रामप्रसाद को सूंड में लपेटकर पटक दिया, फिर उस पर पैर रख दिया।

महावत के सहयोगी नजाकत ने हथिनी को काबू में करने की कोशिश की तो उसे भी चंपाकली ने पटककर सीने पर पैर रख दिया। नजाकत के मुंह से खून निकल आया।

महावत और सहयोगी की चीख-पुकार सुनकर दौड़े वनकर्मियों ने किसी तरह चंपाकली को काबू में किया। रात में ही दोनों वनकर्मियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा पहुंचाया गया।

डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। यहां इलाज के दौरान हालत गंभीर देखकर मंगलवार सुबह दोनों को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।

हौज है, लेकिन नहीं है पानी

हाथी को पानी पिलाने के लिए टंकी बनी है, हौज भी है लेकिन पानी ही नहीं है। बताया जा रहा है कि सिर्फ एक प्रेशर हैंडपंप के सहारे टंकी और हौज को भरने की व्यवस्था है। इससे कभी भी टंकी को भरा नहीं जाता है। महावत अरसे से हैंडपंप से बाल्टी भरकर हाथियों को पानी पिलाते हैं।

लखनऊ से बुलाए डॉक्टर, आखिर क्यों बिगड़ी हाथिनी

डीएफओ आशीष तिवारी का कहना है कि पहली बार हथिनी चंपाकली बिगड़ी है। उसने महावत और उसके सहयोगी पर हमला किया है। हथिनी के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लखनऊ से पशु चिकित्सक बुलाए जा रहे हैं कि आखिर हथिनी बिगड़ी क्यों।

घायलों का लखनऊ में कराएंगे इलाज

डीएफओ ने कहा कि हथिनी के हमले में घायल महावत और उसके सहयोगी का इलाज लखनऊ में कराएंगे। दोनों को जिला अस्पताल से रेफर करवा दिया है। इलाज में कमी नहीं आने दी जाएगी। मैं खुद भी लखनऊ पहुंच गया हूं ताकि उन्हें समुचित सुविधाएं दिलवा सकूं।

राजस्थान से जयमाला व दुधवा से चंपाकली आई थी

कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में मौजूद हथिनी जयमाला को वर्ष 2010 में राजस्थान के जयपुर में आयोजित एक मेले से वन विभाग ने खरीदा था, जबकि चंपाकली को वर्ष 2003 में दुधवा नेशनल पार्क से कतर्नियाघाट लाया गया था।

डिप्टी रेंजर पर है हथिनियों की व्यवस्था का जिम्मा

डिप्टी रेंजर रमेशचंद्र पर जयमाला और चंपाकली के चारा, पानी और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जिम्मा है। ऐसे में चूक कहां हुई है, इसकी जांच के बाद डीएफओ आगे की कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं।


स्वस्थ होने में लगेगा समय

ट्रॉमा सेंटर के उपचिकित्साधिक्षक डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि महावत रामप्रसाद की रीढ़ की हड्डी टूट गई है जबकि उसके सहयोगी नजाकत की कई पसलियां टूट गई हैं।

उन्होंने बताया कि दोनों का इलाज आर्थो सर्जन और न्यूरो सर्जन कर रहे हैं। चोट गंभीर है, इसलिए ठीक होने में काफी समय लगेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed