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Bahraich News: पूरी रात रुलाती है बिजली, कागजों में रोशन हो रहे गांव
Sat, 12 Jul 2025 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 12 Jul 2025 12:01 AM IST
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बरहाइच के कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक को संबोधित करते सांसद।
बहराइच। तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावा किताबी है। जनकवि अदम गोंडवी की कविता की ये पंक्तियां शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विद्युत समिति की बैठक के दौरान अधिकारियों की ओर से पेश किए गए आंकड़ों को देखकर जेहन में गूंज उठीं। विभाग की मानें तो गांवों में सवा सत्रह घंटे व नगर में पौने चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति की रही है। बिजली आपूर्ति के इन कागजी आंकड़ों को देखकर वहां मौजूद जनप्रतिनिधि भी भड़क उठे। उनके सवालों का जवाब अधिकारी भी नहीं दे सके।
जिले में विद्युत आपूर्ति के लिए ग्रामीण क्षेत्र में जुलाई माह में 18 घंटे, तहसील में 21 व शहर में विद्युत आपूर्ति के लिए 24 घंटे का रोस्टर निर्धारित है। विभाग का दावा है कि वह ग्रामीण क्षेत्र में तय 18 घंटे के तय शेड्यूल में से 19.25 घंटे विद्युत आपूर्ति मिली और 17.32 घंटे की आपूर्ति की गई। इसी प्रकार तहसील क्षेत्र में 21.30 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर है। इसमें से उसे 21.17 घंटे की आपूर्ति मिली थी और 21.17 घंटे की आपूर्ति की गई। शहर का भी यही हाल मिला। यहां 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर है। बुकलेट में दर्ज था कि 23.57 घंटे की बिजली मिली। इसमें से 23.49 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। जबकि गर्मी की शुरूआत से ही जिले का शहरी इलाके के लोग हों या फिर ग्रामीण क्षेत्र के, बिजली के लिए परेशान होते रहे हैं।
सांसद आनंद गोंड की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान समिति ने समीक्षा के लिए बुकलेट खोली तो उसमें ये आंकड़े देख विधायक सुभाष त्रिपाठी व महसी के विधायक सुरेश्वर सिंह भड़क गए। उन्होंने कहा कि महसी में कई दिनों से पूरी रात बिजली आपूर्ति नहीं हो रही तो यह बिजली जा कहां रही है। यही आरोप पयागपुर विधायक का भी था। उनका आरोप था कि बिजली कटौती के परेशान होकर उन्हें चीफ इंजीनियर से बात करनी पड़ी, ऐसे में आपूर्ति कहां हो रही है। कई दिनों से शहर में नाजिरपुरा, बख्सीपुरा, गुदड़ी, किला, मीराखेल पुरा, अकबर पुरा, ढपालीपुरा, रायपुर राजा में मुश्किल से पंद्रह घंटे ही बिजली मिलती है। इसलिए यह आंकड़ा गलत है। उसको तत्काल ठीक किया जाए। समीक्षा के दौरान अधिकारी न तो किसी योजना के बारे में होने वाले कार्य की जानकारी दे पाए और न ही मौके पर कितने ट्रांसफार्मर खराब है। इसके बारे में ही बता पाए। इस पर जनप्रतिनिधियों ने बिना तैयारी बैठक में आने के कारण उन्हें फटकार लगाई। बैठक के दौरान डीएम मोनिका रानी, सभी खंडों के अधिशासी अभियंता, एई व अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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जिले में विद्युत आपूर्ति के लिए ग्रामीण क्षेत्र में जुलाई माह में 18 घंटे, तहसील में 21 व शहर में विद्युत आपूर्ति के लिए 24 घंटे का रोस्टर निर्धारित है। विभाग का दावा है कि वह ग्रामीण क्षेत्र में तय 18 घंटे के तय शेड्यूल में से 19.25 घंटे विद्युत आपूर्ति मिली और 17.32 घंटे की आपूर्ति की गई। इसी प्रकार तहसील क्षेत्र में 21.30 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर है। इसमें से उसे 21.17 घंटे की आपूर्ति मिली थी और 21.17 घंटे की आपूर्ति की गई। शहर का भी यही हाल मिला। यहां 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर है। बुकलेट में दर्ज था कि 23.57 घंटे की बिजली मिली। इसमें से 23.49 घंटे बिजली आपूर्ति की गई। जबकि गर्मी की शुरूआत से ही जिले का शहरी इलाके के लोग हों या फिर ग्रामीण क्षेत्र के, बिजली के लिए परेशान होते रहे हैं।
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सांसद आनंद गोंड की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान समिति ने समीक्षा के लिए बुकलेट खोली तो उसमें ये आंकड़े देख विधायक सुभाष त्रिपाठी व महसी के विधायक सुरेश्वर सिंह भड़क गए। उन्होंने कहा कि महसी में कई दिनों से पूरी रात बिजली आपूर्ति नहीं हो रही तो यह बिजली जा कहां रही है। यही आरोप पयागपुर विधायक का भी था। उनका आरोप था कि बिजली कटौती के परेशान होकर उन्हें चीफ इंजीनियर से बात करनी पड़ी, ऐसे में आपूर्ति कहां हो रही है। कई दिनों से शहर में नाजिरपुरा, बख्सीपुरा, गुदड़ी, किला, मीराखेल पुरा, अकबर पुरा, ढपालीपुरा, रायपुर राजा में मुश्किल से पंद्रह घंटे ही बिजली मिलती है। इसलिए यह आंकड़ा गलत है। उसको तत्काल ठीक किया जाए। समीक्षा के दौरान अधिकारी न तो किसी योजना के बारे में होने वाले कार्य की जानकारी दे पाए और न ही मौके पर कितने ट्रांसफार्मर खराब है। इसके बारे में ही बता पाए। इस पर जनप्रतिनिधियों ने बिना तैयारी बैठक में आने के कारण उन्हें फटकार लगाई। बैठक के दौरान डीएम मोनिका रानी, सभी खंडों के अधिशासी अभियंता, एई व अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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