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Bahraich News: बारिश व तेज हवा से बिजली गुल, 100 गांवों में अंधेरा
Sun, 02 Jul 2023 10:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 02 Jul 2023 10:33 PM IST
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बहराइच/महसी/हुुजूरपुर। गर्मी की शुरुआत से ही बदहाल ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था बारिश के बाद बेपटरी हो गई है। बारिश के दौरान चली तेज हवा से 100 से अधिक गांवों में बिजली गुल हो गई है। एक दिन बाद भी आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। हजारों की आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर है।
सैकड़ों गांवों में कुछ घंटों के लिए बिजली आपूर्ति मिल सकी। जिससे ग्रामीण उपभोक्ताओं में जिम्मेदारों के प्रति भारी रोष देखने को मिल रहा है। बिजली कटौती से बुजुर्ग व बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
शासन की ओर से जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 20 से 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने का निर्देश है। गर्मी की शुरुआत के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बिजली महकमे के अधिकारियों को रोस्टर के मुताबिक बिजली आपूर्ति देने का आदेश दिया था। बावजूद इसके जिले की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बेपटरी है।
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आलम यह है कि महसी विकासखंड के महसी तहसील फीडर से आपूर्ति पाने वाले लगभग 60 गांवों को बीते 36 घंटे से आपूर्ति नहीं मिली है। महसी फीडर से आपूर्ति पाने वाले लगभग 50 गांवों को बीते 36 घंटे में मात्र चार घंटे बिजली आपूर्ति मिल सकी है। महसी के ग्राम पंचायत सधुवापुर, मुढेरा, बाजपेईपुरवा, लखनापुर, टेपरा, बेटौरा, शुकलनपुरवा, शिवगढ, लोधपुरवा, खमरियाशुक्ल आदि गांवों के लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
हुजूरपुर विकासखंड के 30 गांवों में बीते 50 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। जिसके चलते लोगों में शासन-प्रशासन के जिम्मेदारों के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
अवर अभियंता गजेंद्र मौर्य से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बारिश व तेज हवा के चलते तारों पर पेड़ गिर गए थे। जिसके चलते आपूर्ति बाधित थी। सुधारने का कार्य जारी है, शाम तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
दो दिन बाद मिली सिर्फ तीन घंटे आपूर्ति, गायब
धरसवा। चित्तौरा विकासखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों में बीते दो दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित थी। श्रावस्ती के गिलौला स्थित पचदेवरी फीडर की खराबी के चलते क्षेत्र के कामोलिया, सिटकहना, ककरा, धरसवा, नानकार, कैमीचक, दरगाहीचक, बड़ागांव, बरहिया आदि गांवों के हजारों लोग परेशान थे।
ऐसे में शनिवार रात लगभग नौ बजे आपूर्ति शुरू हुई तो लोग खुश हो गए। लेकिन तीन घंटे बाद ही दोबारा आपूर्ति ठप हो गई। लगभग 18 घंटे बीतने के बाद भी आपूर्ति नहीं चालू हो सकी।
ग्रामीण सूरज, दीनदयाल, रामछबीले, पुनीत, राहुल, उमंग, मोनू आदि ने बताया कि जिम्मेदारों की लापरवाही से शासन का मजाक बन रहा है।
हर एक घंटे पर होती कटौती
तेजवापुर। विकासखंड क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति बेपटरी है। 24 घंटे में मात्र 10 से 12 घंटे आपूर्ति मिल रही है। ग्रामीण मेराज अहमद, कमलेश द्विवेदी, रामेन्द्र त्रिपाठी, संजीव मिश्रा आदि ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी ट्रिपिंग से हो रही है। लोगों ने बताया कि शाम के समय हर एक घंटे पर बिजली काटी जा रही है। जिससे बच्चे व बुजुर्गों को परेेशानी हो रही है।
सड़क पर टहल कर कटती रात
बाबागंज। क्षेत्र के अनूप सिंह, राम कुमार शर्मा, राकेश कुमार पाठक, अकील अहमद, नन्हे, दिनेश त्रिपाठी आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि मात्र आठ से 10 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। शाम के समय सबसे ज्यादा कटौती की जा रही है। जिसके चलते मजबूरन सड़कों पर टहल कर आधी रात गुजारनी पड़ रही है। बारिश के दौरान अंधेरा होने से विषैले जीवों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बिजली कर्मियों पर फोन न उठाने का आरोप लगाया।
जर्जर तार भी बिजली गुल होने का बड़ा कारण
खुटेहना। खुटेहना में भी बारिश के बाद से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। आलम यह है कि हल्की सी हवा चलने पर घंटों बिजली गुल हो जाती है। जिसके चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पयागपुर उपकेन्द्र के जेई अजय कुमार यादव ने बताया कि 22 हजार उपभोक्ताओं को आपूर्ति देने वाले कुछ फीडरों की लाइनें 25 किलोमीटर लंबी हैं। पुरानी होने के कारण फाल्ट हो रही है।
पिपरी उपकेन्द्र के जेई नवीन कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उपकेन्द्र पर लगा मुख्य ट्रांसफार्मर महज पांच एमवी का है। उपकेन्द्र पर लगे तीनों फीडर एक साथ नहीं चल सकते। एक समय में दो फीडर ही चल सकते हैं।
हवा चलने पर भी काट दी जाती बिजली
चरदा। नवाबगंज पावर हाउस के मासूपुर फीडर से लगभग 50 गांवों को आपूर्ति मिलती है। लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। महज आठ घंटे आपूर्ति मिल रही है।
पुरैनी निवासी दयाशंकर, परमानंद वर्मा, भूधरगांव निवासी कुलदीप, निबिया निवासी हर्षित सिंह आदि ने बताया कि हल्की सी हवा चलने पर चार से छह घंटे आपूर्ति काट दी जाती है। लो वोल्टेज व ट्रिपिंग से सभी परेशान हैं।
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सैकड़ों गांवों में कुछ घंटों के लिए बिजली आपूर्ति मिल सकी। जिससे ग्रामीण उपभोक्ताओं में जिम्मेदारों के प्रति भारी रोष देखने को मिल रहा है। बिजली कटौती से बुजुर्ग व बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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शासन की ओर से जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 20 से 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने का निर्देश है। गर्मी की शुरुआत के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बिजली महकमे के अधिकारियों को रोस्टर के मुताबिक बिजली आपूर्ति देने का आदेश दिया था। बावजूद इसके जिले की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बेपटरी है।
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आलम यह है कि महसी विकासखंड के महसी तहसील फीडर से आपूर्ति पाने वाले लगभग 60 गांवों को बीते 36 घंटे से आपूर्ति नहीं मिली है। महसी फीडर से आपूर्ति पाने वाले लगभग 50 गांवों को बीते 36 घंटे में मात्र चार घंटे बिजली आपूर्ति मिल सकी है। महसी के ग्राम पंचायत सधुवापुर, मुढेरा, बाजपेईपुरवा, लखनापुर, टेपरा, बेटौरा, शुकलनपुरवा, शिवगढ, लोधपुरवा, खमरियाशुक्ल आदि गांवों के लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
हुजूरपुर विकासखंड के 30 गांवों में बीते 50 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। जिसके चलते लोगों में शासन-प्रशासन के जिम्मेदारों के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
अवर अभियंता गजेंद्र मौर्य से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बारिश व तेज हवा के चलते तारों पर पेड़ गिर गए थे। जिसके चलते आपूर्ति बाधित थी। सुधारने का कार्य जारी है, शाम तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
दो दिन बाद मिली सिर्फ तीन घंटे आपूर्ति, गायब
धरसवा। चित्तौरा विकासखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों में बीते दो दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित थी। श्रावस्ती के गिलौला स्थित पचदेवरी फीडर की खराबी के चलते क्षेत्र के कामोलिया, सिटकहना, ककरा, धरसवा, नानकार, कैमीचक, दरगाहीचक, बड़ागांव, बरहिया आदि गांवों के हजारों लोग परेशान थे।
ऐसे में शनिवार रात लगभग नौ बजे आपूर्ति शुरू हुई तो लोग खुश हो गए। लेकिन तीन घंटे बाद ही दोबारा आपूर्ति ठप हो गई। लगभग 18 घंटे बीतने के बाद भी आपूर्ति नहीं चालू हो सकी।
ग्रामीण सूरज, दीनदयाल, रामछबीले, पुनीत, राहुल, उमंग, मोनू आदि ने बताया कि जिम्मेदारों की लापरवाही से शासन का मजाक बन रहा है।
हर एक घंटे पर होती कटौती
तेजवापुर। विकासखंड क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति बेपटरी है। 24 घंटे में मात्र 10 से 12 घंटे आपूर्ति मिल रही है। ग्रामीण मेराज अहमद, कमलेश द्विवेदी, रामेन्द्र त्रिपाठी, संजीव मिश्रा आदि ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी ट्रिपिंग से हो रही है। लोगों ने बताया कि शाम के समय हर एक घंटे पर बिजली काटी जा रही है। जिससे बच्चे व बुजुर्गों को परेेशानी हो रही है।
सड़क पर टहल कर कटती रात
बाबागंज। क्षेत्र के अनूप सिंह, राम कुमार शर्मा, राकेश कुमार पाठक, अकील अहमद, नन्हे, दिनेश त्रिपाठी आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि मात्र आठ से 10 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। शाम के समय सबसे ज्यादा कटौती की जा रही है। जिसके चलते मजबूरन सड़कों पर टहल कर आधी रात गुजारनी पड़ रही है। बारिश के दौरान अंधेरा होने से विषैले जीवों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बिजली कर्मियों पर फोन न उठाने का आरोप लगाया।
जर्जर तार भी बिजली गुल होने का बड़ा कारण
खुटेहना। खुटेहना में भी बारिश के बाद से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। आलम यह है कि हल्की सी हवा चलने पर घंटों बिजली गुल हो जाती है। जिसके चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। पयागपुर उपकेन्द्र के जेई अजय कुमार यादव ने बताया कि 22 हजार उपभोक्ताओं को आपूर्ति देने वाले कुछ फीडरों की लाइनें 25 किलोमीटर लंबी हैं। पुरानी होने के कारण फाल्ट हो रही है।
पिपरी उपकेन्द्र के जेई नवीन कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उपकेन्द्र पर लगा मुख्य ट्रांसफार्मर महज पांच एमवी का है। उपकेन्द्र पर लगे तीनों फीडर एक साथ नहीं चल सकते। एक समय में दो फीडर ही चल सकते हैं।
हवा चलने पर भी काट दी जाती बिजली
चरदा। नवाबगंज पावर हाउस के मासूपुर फीडर से लगभग 50 गांवों को आपूर्ति मिलती है। लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। महज आठ घंटे आपूर्ति मिल रही है।
पुरैनी निवासी दयाशंकर, परमानंद वर्मा, भूधरगांव निवासी कुलदीप, निबिया निवासी हर्षित सिंह आदि ने बताया कि हल्की सी हवा चलने पर चार से छह घंटे आपूर्ति काट दी जाती है। लो वोल्टेज व ट्रिपिंग से सभी परेशान हैं।