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Bahraich News: डीपीआरओ पर 25 हजार का जुर्माना
Tue, 24 Mar 2026 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:12 AM IST
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बहराइच। आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा मांगी गई सूचना उपलब्ध न कराने और राज्य सूचना आयोग द्वारा निर्धारित पेशियों पर लगातार अनुपस्थित रहने पर आयोग ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने डीपीआरओ पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए 24 मार्च को पुनः आयोग के समक्ष तलब किया है।
शहर के चौक बाजार, कमल पैलेस निवासी आरटीआई कार्यकर्ता रोशनलाल नाविक ने जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जिला पंचायत राज अधिकारी से विभाग में स्थायी किए गए ग्राम पंचायत अधिकारियों की प्रमाणित सूची मांगी थी। निर्धारित समयावधि में सूचना उपलब्ध न कराने पर उन्होंने 10 अगस्त 2024 को राज्य सूचना आयोग में याचिका दायर की।
आयोग ने याचिका स्वीकार करते हुए वर्ष 2025 में 4 फरवरी, 5 मई, 6 जून, 29 जुलाई, 26 सितंबर और पहली दिसंबर को सुनवाई की तिथियां निर्धारित कर डीपीआरओ को उपस्थित होने के लिए तलब किया, लेकिन वह किसी भी तिथि पर उपस्थित नहीं हुए।
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इसके बाद आयोग ने पहली दिसंबर को डीपीआरओ के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 250 रुपये प्रतिदिन की दर से अधिकतम 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया। इसके बावजूद न तो डीपीआरओ आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और न ही आरटीआई कार्यकर्ता को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराई।
इस पर आयोग ने नाराजगी जताते हुए आदेशों की अवहेलना और सूचना उपलब्ध न कराने का दोषी मानते हुए डीपीआरओ पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 24 मार्च को पुनः आयोग की अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
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शहर के चौक बाजार, कमल पैलेस निवासी आरटीआई कार्यकर्ता रोशनलाल नाविक ने जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जिला पंचायत राज अधिकारी से विभाग में स्थायी किए गए ग्राम पंचायत अधिकारियों की प्रमाणित सूची मांगी थी। निर्धारित समयावधि में सूचना उपलब्ध न कराने पर उन्होंने 10 अगस्त 2024 को राज्य सूचना आयोग में याचिका दायर की।
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आयोग ने याचिका स्वीकार करते हुए वर्ष 2025 में 4 फरवरी, 5 मई, 6 जून, 29 जुलाई, 26 सितंबर और पहली दिसंबर को सुनवाई की तिथियां निर्धारित कर डीपीआरओ को उपस्थित होने के लिए तलब किया, लेकिन वह किसी भी तिथि पर उपस्थित नहीं हुए।
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इसके बाद आयोग ने पहली दिसंबर को डीपीआरओ के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 250 रुपये प्रतिदिन की दर से अधिकतम 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया। इसके बावजूद न तो डीपीआरओ आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और न ही आरटीआई कार्यकर्ता को मांगी गई सूचना उपलब्ध कराई।
इस पर आयोग ने नाराजगी जताते हुए आदेशों की अवहेलना और सूचना उपलब्ध न कराने का दोषी मानते हुए डीपीआरओ पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 24 मार्च को पुनः आयोग की अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।