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3.5 पर पहुंचा पारा, गलन से लोग बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 19 Jan 2016 09:53 PM IST
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बहराइच। तराई के तापमान में निरंतर गिरावट दर्ज हो रही है। मंगलवार को वन क्षेत्रों में हुई बहुत मामूली बूंदाबांदी के कारण पारा 3.5 डिग्री पर पहुंच गया। पूरे दिन धूप नहीं निकली। इस कारण लोग घरों में ही कैद रहे।
वहीं, स्कूल जाने वाले नन्हें-मुन्ने बच्चों को काफी दिक्कत हुई। सुबह देर तक कोहरा और पूरे दिन धुंध रहने से ट्रेन और बसों के संचालन पर भी असर पड़ा। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 घंटों में तेज बारिश की संभावना जताई है।
तीन दिन से अचानक बदला मौसम मंगलवार को और भी बिगड़ गया। तेज पछुवा हवा के साथ लोगों को घने कोहरे और धुंध का सामना पूरे दिन करना पड़ा। ठिठुरन और गलन ने भी लोगों को बेहाल किया।
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वहीं, मिहींपुरवा, कैसरगंज, महसी आदि वन क्षेत्रों में मामूली बूंदाबांदी हुई लेकिन ये फसलों के लिए नाकाफी है। फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पश्चिमोत्तर दिशा में साइबेरियन हवाएं तराई से होकर 8 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गुजर रही हैं।
इस हवा के साथ उत्तराखंड और नेपाल में पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का भी असर तराई में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ से जो स्थिति बनी है, उससे आसार यह हैं कि 26 जनवरी तक मौसम में कोई खास तब्दीली नहीं होगी। बारिश भी होगी। लोगों को तेज ठंड का सामना करना पड़ेगा।
डॉ. एमवी सिंह ने कहा कि बारिश होने से किसानों को बहुत लाभ होगा। गेहूं, सरसों, मटर आदि फसलों के लिए ये मौसम अमृत बन गया है। बरसात होने से इनकी पैदावार अच्छी होगी।
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वहीं, स्कूल जाने वाले नन्हें-मुन्ने बच्चों को काफी दिक्कत हुई। सुबह देर तक कोहरा और पूरे दिन धुंध रहने से ट्रेन और बसों के संचालन पर भी असर पड़ा। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 घंटों में तेज बारिश की संभावना जताई है।
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तीन दिन से अचानक बदला मौसम मंगलवार को और भी बिगड़ गया। तेज पछुवा हवा के साथ लोगों को घने कोहरे और धुंध का सामना पूरे दिन करना पड़ा। ठिठुरन और गलन ने भी लोगों को बेहाल किया।
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वहीं, मिहींपुरवा, कैसरगंज, महसी आदि वन क्षेत्रों में मामूली बूंदाबांदी हुई लेकिन ये फसलों के लिए नाकाफी है। फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पश्चिमोत्तर दिशा में साइबेरियन हवाएं तराई से होकर 8 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गुजर रही हैं।
इस हवा के साथ उत्तराखंड और नेपाल में पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का भी असर तराई में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।
पश्चिमी विक्षोभ से जो स्थिति बनी है, उससे आसार यह हैं कि 26 जनवरी तक मौसम में कोई खास तब्दीली नहीं होगी। बारिश भी होगी। लोगों को तेज ठंड का सामना करना पड़ेगा।
डॉ. एमवी सिंह ने कहा कि बारिश होने से किसानों को बहुत लाभ होगा। गेहूं, सरसों, मटर आदि फसलों के लिए ये मौसम अमृत बन गया है। बरसात होने से इनकी पैदावार अच्छी होगी।