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मरीज को चिकित्सक ने लिखी बाहर की दवा
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बहराइच। मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय परिसर में स्थापित किये गये बूथ के उद्घाटन अवसर पर एक तीमारदार ने जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में चिकित्सक द्वारा बाहर की दवा लिखे जाने की शिकायत की गयी।
तीमारदार द्वारा की गयी शिकायत का डीएम शंभु कुमार ने तत्काल कड़ा संज्ञान लिया। वह सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह के साथ इमरजेंसी पहुंचे। डीएम ने चिकित्सक फिजीशियन डॉ. रामेंद्र त्रिपाठी से बाहर की दवा लिखने के बारे में आवश्यक जानकारी ली।
चिकित्सक द्वारा बताया गया कि मरीज को अस्पताल में उपलब्ध दर्द का इंजेक्शन दो बार लगाया था। मगर उसे राहत नहीं मिली थी। जिस पर तीमारदार ने फिर से अस्पताल के बाहर का इंजेक्शन लिखने का दबाव बनाया। कई बार अनुरोध करने पर बाहर की दवा लिखी गई।
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डीएम ने पूरे मामले की जानकारी लेते हुए मौके पर ही सीएमओ को निर्देश दिया कि प्रकरण की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करायी जाये। जिलाधिकारी ने सचेत किया कि चिकित्सालय के किसी भी डॉक्टर द्वारा किसी मरीज को बाहर की दवा न लिखें। इसमें सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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तीमारदार द्वारा की गयी शिकायत का डीएम शंभु कुमार ने तत्काल कड़ा संज्ञान लिया। वह सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह के साथ इमरजेंसी पहुंचे। डीएम ने चिकित्सक फिजीशियन डॉ. रामेंद्र त्रिपाठी से बाहर की दवा लिखने के बारे में आवश्यक जानकारी ली।
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चिकित्सक द्वारा बताया गया कि मरीज को अस्पताल में उपलब्ध दर्द का इंजेक्शन दो बार लगाया था। मगर उसे राहत नहीं मिली थी। जिस पर तीमारदार ने फिर से अस्पताल के बाहर का इंजेक्शन लिखने का दबाव बनाया। कई बार अनुरोध करने पर बाहर की दवा लिखी गई।
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डीएम ने पूरे मामले की जानकारी लेते हुए मौके पर ही सीएमओ को निर्देश दिया कि प्रकरण की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करायी जाये। जिलाधिकारी ने सचेत किया कि चिकित्सालय के किसी भी डॉक्टर द्वारा किसी मरीज को बाहर की दवा न लिखें। इसमें सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।