फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   DM taught history and CDO biology

डीएम ने पढ़ाया इतिहास, सीडीओ ने बायोलॉजी

Mon, 25 Apr 2016 10:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 25 Apr 2016 10:12 PM IST
विज्ञापन
DM taught history and CDO biology
जीजीआईसी में छात्राओं को पढ़ाते श्रावस्ती के के जिलाधिकारी नीतीश कुमार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
श्रावस्ती। शिक्षकों के अभाव के चलते अपना अस्तित्व खो रहे राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को पुन: जीवनदान देने के लिए सोमवार से अधिकारियों ने पाठशाला लगाना शुरू कर दिया। निर्धारित समय पर डीएम व सीडीओ अपनी कक्षाएं लेने के लिए पहुंचे। छात्राओं की संख्या कम होने के बाद भी कक्षाएं चलीं। एक वर्ष से बंद पड़े कंप्यूटर लैब का ताला खोला गया। एनआईसी प्रभारी ने छात्राओं की कंप्यूटर क्लास ली।  
विज्ञापन


समय - 8:50 से 10 बजे 
विषय - इतिहास व भूगोल 
शिक्षक - नीतीश कुमार,  जिलाधिकारी 

पाठ्यक्रम - हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की इतिहास व भूगोल की कक्षाएं संयुक्त रूप से ली गई। पहले दिन बच्चों को इतिहास व भूगोल का सामान्य परिचय दिया गया।

स दौरान इतिहास का परिचय देते हुए डीएम नितीश कुमार ने हड़प्पा सभ्यता के बारे में एक कहानी की भांति बताई ताकि बच्चे आसानी से समझ सके। उन्होंने बच्चों को बताया हड़प्पा सभ्यता कब से कब थी। इसमें क्या मिला, उस समय की लिपी कैसी थी। इस पर विस्तार से जानकारी दी गई।  
विज्ञापन


अनुभव - बच्चों को पढ़ाने का यह मेरा पहला अनुभव है। जब कुछ लोगों ने जानकारी दी कि शिक्षकों के अभाव में स्कूल का अस्तित्व ही समाप्त हो रहा है तो हम शिक्षक के आने का इंतजार किए बिना ही पढ़ाने में रुचि रखने वाले अफसरों के साथ शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मैंने पहले दिन मैप व चित्रों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया। रटने की प्रकृति का मैं विरोध करता हूं। बच्चों को समझा कर ही विषय वस्तु को उनके जेहन में उतारा जा सकता है। 
...................................
समय - 7:50 से 8:50
विषय - जीव विज्ञान इंटरमीडिएट, विज्ञान हाईस्कूल  
शिक्षक - एनपी सिंह, सीडीओ 

पाठ्यक्रम - पहले दिन हाईस्कूल विज्ञान वर्ग के बच्चों को सीडीओ ने शरीरिक संरचना के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने बोर्ड पर कई चित्र बनाकर बच्चों को विज्ञान का मूल अर्थ समझाया।

इस दौरान शरीर की संरचना की तुलना एक भवन से करते हुए उन्होंने बताया कि जिस प्रकार भवन बनाने के लिए ईंट पर ईंट रखी जाती है उसी प्रकार शरीर का निर्माण भी छोटे-छोटे सेल को जोड़ कर होता है। उन्होंने इंटरमीडिएट में बच्चों को जीव विज्ञान का अर्थ व स्लेबस की जानकारी दी। 

अनुभव-अपनी पढ़ाई बंद करने के बाद सरकारी सेवा में आ गया था। पहली बार पढ़ाने का अवसर मिला है। इसके लिए मैने दो दिन तैयारी भी की है।

हाईस्कूल व इंटर के बच्चों को पढ़ाने के लिए उनके पाठ्यक्रम के अनुसार नोटस भी बनाया है। आज पहला दिन था, इसमें केवल बच्चों से अनौपचारिक वार्ता व पाठ्यक्रम बताया गया है। मंगलवार को पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षण कार्य करूंगा। 

बच्चों के मन को भायी अधिकारियों की क्लास 

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज भिनगा की छात्रा किरन तिवारी, रिचा त्रिपाठी व योगिता तिवारी कहती हैं कि पहली बार अलग अलग कक्षाओं में अलग अलग अधिकारी द्वारा शिक्षा दी गई। जिससे बहुत कुछ पहले दिन ही सीखने को मिला।


छात्रा राधा शुक्ला, पुष्पा शुक्ला, रिंकी शुक्ला व कुसुम लता यादव का कहना था कि अधिकारियों की क्लास बहुत ही अच्छी रही। उनके पढ़ाने का तरीका भी अच्छा रहा जो समझ में आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed