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आयुष्मान कार्ड बनाने में जिला 39वें स्थान पर
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बहराइच। स्वास्थ्य कर्मियों ने आयुष्मान कार्ड बनाने में जिले को सफलता दिलाई है। बीते अक्तूबर में रिकॉर्ड 13900 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए, जिससे 49वें स्थान पर काबिज जिला एकाएक 39वें स्थान पर पहुंच गया है। इतना ही नहीं शहर और ग्रामीण क्षेत्र के जिन 25 गांवों में एक भी कार्ड नहीं बना था, वहां पर विशेष शिविर लगाकर सभी पात्र ग्रामीणों के प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड बना दिए गए हैं।
शासन ने जिले के 12 लाख लोगों के प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में अब तक 1.96 लाख आयुष्मान कार्ड बन गए हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने में जिले के कर्मचारी शिथिलता बरत रहे थे। इससे कई गांव ऐसे थे, जहां पर एक भी आयुष्मान कार्ड नहीं बनाए गए थे। इसकी समीक्षा शासन की ओर से की गई। इसमें जिले के 25 गांव ऐसे मिले, जहां पर एक भी कार्ड नहीं बनाए गए थे। शासन ने इन गांवों में शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए थे। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने की समीक्षा अक्तूबर में मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में की गई। इस दौरान आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में जिला प्रदेश में 49वें स्थान पर था। इस पर दिशा निर्देशित करते हुए तेज गति से आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक सप्ताह समीक्षा शुरू की गई।
सीएमओ ने बताया कि अक्तूबर में रिकॉर्ड 13900 आयुष्मान कार्ड बनाए गए, जिससे 49वें स्थान पर शामिल जिला एकाएक 39वें स्थान पर पहुंच गया। जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने की गति तेज हुई है। सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने में लगे कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी तनमन से लगें। मालूम हो कि आयुष्मान कार्ड से व्यक्ति व उसके परिवारीजनों का पांच लाख रुपये तक इलाज प्राइवेट अस्पतालों में आसानी से होता है।
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पांच दिन चला विशेष अभियान
आयुष्मान योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पीयूष मिश्रा ने बताया कि गांवों में कार्ड बनाने के लिए 27 अक्तूबर से एक नवंबर तक विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत 13900 आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
इन गांवों में नहीं बना था एक भी कार्ड
जिला कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि फखरपुर विकास खंड के सिलौटा, घरवा, जगतापुर, तेजवापुर विकास खंड के जानीजोत, भोगाजोत, जरवल के नियामतपुर समेत 25 गांवों में एक भी आयुष्मान कार्ड नहीं बना था, जिसमें विशेष अभियान के तहत वर्ष 2011 की सूची में शामिल सभी ग्रामीणों के कार्ड बना दिए गए हैं।
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शासन ने जिले के 12 लाख लोगों के प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में अब तक 1.96 लाख आयुष्मान कार्ड बन गए हैं। आयुष्मान कार्ड बनाने में जिले के कर्मचारी शिथिलता बरत रहे थे। इससे कई गांव ऐसे थे, जहां पर एक भी आयुष्मान कार्ड नहीं बनाए गए थे। इसकी समीक्षा शासन की ओर से की गई। इसमें जिले के 25 गांव ऐसे मिले, जहां पर एक भी कार्ड नहीं बनाए गए थे। शासन ने इन गांवों में शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए थे। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने की समीक्षा अक्तूबर में मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में की गई। इस दौरान आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में जिला प्रदेश में 49वें स्थान पर था। इस पर दिशा निर्देशित करते हुए तेज गति से आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक सप्ताह समीक्षा शुरू की गई।
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सीएमओ ने बताया कि अक्तूबर में रिकॉर्ड 13900 आयुष्मान कार्ड बनाए गए, जिससे 49वें स्थान पर शामिल जिला एकाएक 39वें स्थान पर पहुंच गया। जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने की गति तेज हुई है। सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने में लगे कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी तनमन से लगें। मालूम हो कि आयुष्मान कार्ड से व्यक्ति व उसके परिवारीजनों का पांच लाख रुपये तक इलाज प्राइवेट अस्पतालों में आसानी से होता है।
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पांच दिन चला विशेष अभियान
आयुष्मान योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पीयूष मिश्रा ने बताया कि गांवों में कार्ड बनाने के लिए 27 अक्तूबर से एक नवंबर तक विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत 13900 आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
इन गांवों में नहीं बना था एक भी कार्ड
जिला कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि फखरपुर विकास खंड के सिलौटा, घरवा, जगतापुर, तेजवापुर विकास खंड के जानीजोत, भोगाजोत, जरवल के नियामतपुर समेत 25 गांवों में एक भी आयुष्मान कार्ड नहीं बना था, जिसमें विशेष अभियान के तहत वर्ष 2011 की सूची में शामिल सभी ग्रामीणों के कार्ड बना दिए गए हैं।