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लॉकडाउन पर बैकफुट पर आया जिला प्रशासन
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बहराइच नगर में सोमवार को अनलॉक के बाद खुली दुकानें व रही भीड़।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। शहर में लॉकडाउन की घोषणा के बाद व्यापारियों के बढ़ते विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन बैकफुट पर आ गया। रविवार की रात हुई बैठक में फैसला वापस लेने का निर्णय लिया गया। इसके बाद सोमवार को सामान्य तरीके से बाजार में चहल-पहल दिखाई दी। हालांकि देर रात तक व्यापारी उहापोह की स्थिति में रहे।
उद्योग व्यापार मंडल की ओर से 21 अगस्त को बैठक में 22 से 30 अगस्त तक लोकल स्तर पर लॉकडाउन किए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे जिला प्रशासन ने सहमति प्रदान कर दी थी। सहमति प्रदान किए जाने के बाद से ही व्यापारियों के बीच विरोध के स्वर उठने शुरू हो गए थे।
व्यापारियों के विरोध को देखते हुए रविवार देर रात पीडब्ल्यूडी के डाक बंगले में बैठक की गई, जिसमें मुख्य राजस्व अधिकारी प्रदीप कुमार यादव, सीओ सिटी टीएन दूबे आदि मौजूद रहे। साथ ही व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर में 22 से 30 अगस्त तक घोषित किया जाने वाला लॉकडाउन का फैसला वापस लिया जा रहा है। इसके तहत जो भी दुकानदार स्वेच्छा से अपना व्यवसाय बंद रखना चाहेंगे, वह स्वतंत्र होंगे। प्रशासन की ओर से दुकानों को बंद कराने के लिए कोई भी दबाव नहीं बनाया जाएगा।
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माइक से कराई गई थी घोषणा
नगर क्षेत्र में प्रशासन की ओर से 22 से 30 अगस्त तक होने वाले लॉकडाउन के लिए रिक्शे पर माइक लगाकर अनाउंस कराया गया था। मगर देर रात हुए फैसले के बारे में जानकारी देने के लिए केवल सोशल मीडिया का ही सहारा लिया गया। इससे व्यापारियों और जनता के बीच उहापोह के हालात बने रहे।
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उद्योग व्यापार मंडल की ओर से 21 अगस्त को बैठक में 22 से 30 अगस्त तक लोकल स्तर पर लॉकडाउन किए जाने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे जिला प्रशासन ने सहमति प्रदान कर दी थी। सहमति प्रदान किए जाने के बाद से ही व्यापारियों के बीच विरोध के स्वर उठने शुरू हो गए थे।
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व्यापारियों के विरोध को देखते हुए रविवार देर रात पीडब्ल्यूडी के डाक बंगले में बैठक की गई, जिसमें मुख्य राजस्व अधिकारी प्रदीप कुमार यादव, सीओ सिटी टीएन दूबे आदि मौजूद रहे। साथ ही व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर में 22 से 30 अगस्त तक घोषित किया जाने वाला लॉकडाउन का फैसला वापस लिया जा रहा है। इसके तहत जो भी दुकानदार स्वेच्छा से अपना व्यवसाय बंद रखना चाहेंगे, वह स्वतंत्र होंगे। प्रशासन की ओर से दुकानों को बंद कराने के लिए कोई भी दबाव नहीं बनाया जाएगा।
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माइक से कराई गई थी घोषणा
नगर क्षेत्र में प्रशासन की ओर से 22 से 30 अगस्त तक होने वाले लॉकडाउन के लिए रिक्शे पर माइक लगाकर अनाउंस कराया गया था। मगर देर रात हुए फैसले के बारे में जानकारी देने के लिए केवल सोशल मीडिया का ही सहारा लिया गया। इससे व्यापारियों और जनता के बीच उहापोह के हालात बने रहे।