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हम शिक्षक ही नहीं तो क्यों करें चुनाव ड्यूटी
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 01 Oct 2015 10:25 PM IST
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बहराइच। वेतन भुगतान को लेकर प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की ओर से पंचायत चुनाव का कार्य बहिष्कार चौथे दिन गुरुवार को भी जारी रहा। इस दौरान शिक्षामित्रों ने डीएम को मांगपत्र सौंपा।
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के तत्वावधान में शिक्षामित्रों ने संघ के जिलाध्यक्ष शिवश्याम मिश्र की अगुवाई में गुरुवार को चौथे दिन भी चुनाव कार्य का बहिष्कार किया। केडीसी में चुनाव प्रशिक्षण स्थल के निकट शिक्षामित्रों ने धरना प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की।
संघ अध्यक्ष मिश्र ने कहा कि 15 साल तक प्राथमिक शिक्षा को अपनी सेवा देने वाले शिक्षामित्रों का न्यायालय के आदेश के बाद भविष्य अंधकारमय है। सभी पूरी तरह तनावग्रस्त हैं। प्रदेश में दर्जनों शिक्षामित्रों की आकस्मिक मौत हो चुकी है। न्यायालय के आदेश के बाद विभाग भी शिक्षामित्रों को शिक्षक नही मान रहा है। ऐसे में चुनाव जैसे संवेदनशील कार्य में शिक्षामित्रों को लगाना ठीक नही है।
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अध्यक्ष ने कहा कि बीएसए द्वारा वेतन देने में अस्पष्ट राय रखना और कार्य कराने की प्रक्रिया में स्पष्ट राय रखना न्यायहित में नही है। धरने के बाद शिक्षामित्रों ने डीएम से मिलकर वेतन भुगतान करवाने व शिक्षामित्रों को पंचायत चुनाव ड्यूटी से पृथक कराने की मांग कर पत्र सौंपा।
इस दौरान अवधेश वर्मा, कमलेश वर्मा, अनिल सिंह, शेषराज तिवारी, राजेश सिंह, शरफुद्दीन खां, दिनेश गौतम, रिजवान अली, अभय मिश्रा, मिथलेश गुपता, रघुकुल शिरोमणि, अमरीक सिंह अनुराग यादव आदि मौजूद रहे।
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प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के तत्वावधान में शिक्षामित्रों ने संघ के जिलाध्यक्ष शिवश्याम मिश्र की अगुवाई में गुरुवार को चौथे दिन भी चुनाव कार्य का बहिष्कार किया। केडीसी में चुनाव प्रशिक्षण स्थल के निकट शिक्षामित्रों ने धरना प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की।
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संघ अध्यक्ष मिश्र ने कहा कि 15 साल तक प्राथमिक शिक्षा को अपनी सेवा देने वाले शिक्षामित्रों का न्यायालय के आदेश के बाद भविष्य अंधकारमय है। सभी पूरी तरह तनावग्रस्त हैं। प्रदेश में दर्जनों शिक्षामित्रों की आकस्मिक मौत हो चुकी है। न्यायालय के आदेश के बाद विभाग भी शिक्षामित्रों को शिक्षक नही मान रहा है। ऐसे में चुनाव जैसे संवेदनशील कार्य में शिक्षामित्रों को लगाना ठीक नही है।
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अध्यक्ष ने कहा कि बीएसए द्वारा वेतन देने में अस्पष्ट राय रखना और कार्य कराने की प्रक्रिया में स्पष्ट राय रखना न्यायहित में नही है। धरने के बाद शिक्षामित्रों ने डीएम से मिलकर वेतन भुगतान करवाने व शिक्षामित्रों को पंचायत चुनाव ड्यूटी से पृथक कराने की मांग कर पत्र सौंपा।
इस दौरान अवधेश वर्मा, कमलेश वर्मा, अनिल सिंह, शेषराज तिवारी, राजेश सिंह, शरफुद्दीन खां, दिनेश गौतम, रिजवान अली, अभय मिश्रा, मिथलेश गुपता, रघुकुल शिरोमणि, अमरीक सिंह अनुराग यादव आदि मौजूद रहे।