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आफत की बाढ़ : 47 गांव जलमग्न, 27 बने टापू
Wed, 09 Aug 2023 11:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Wed, 09 Aug 2023 11:11 PM IST
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बहराइच। बाढ़ से 47 गांव जलमग्न हो गए हैं। 27 गांवों के चारों तरफ पानी भर गया है। बाढ़ पीड़ितों का ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। घरों में पानी भरने से लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। पांच विद्यालय जलमग्न होने से छात्रों की पढ़ाई बाधित हो गई है। सीएचसी व पीएचसी में भी पानी पहुंच गया है। बुधवार को शारदा, गिरिजा व सरयू बैराज से 338163 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है।
जिले के मिहींपुरवा, नानपारा, महसी व कैसरगंज तहसील क्षेत्र के 47 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। पीड़ितों के घरों में पानी भरने से खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ पीड़ित चारपाई, तखत पर सामान रखकर अपने परिवार के साथ गुजारा कर रहे हैं। जिनका पक्का मकान है वे लोग अपनी छतों पर बैठे हुए हैं। जिन गांवों में बाढ़ का पानी भरा है, उन गांवों की बिजली काट दी गई है। रात में विषैले जीव जंतुओं का खतरा उत्पन्न हो गया है। संपर्क मार्गों पर पानी भरने से बाढ़ पीड़ितों को पलायन करने में दिक्कत आ रही है।
महसी के 10 गांव जलमग्न, 10 गांवों का संपर्क टूटा
महसी (बहराइच)। महसी ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित गांवों मांझा दरियाबुर्द के चमरहिया, धोबियन पुरवा, मास्टरपुरवा, नई बस्ती व ग्राम पंचायत पचदेवरी के चुरईपुरवा, बहदुरिया, धनावा छत्तरपुर, मैकूपुरवा सहित लगभग 10 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। राजी चौराहा से सिरोही पुरवा के पास काफी पानी भरा हुआ है, जिससे लगभग 10 गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। किसी तरह से लोग पैदल निकल रहे हैं।
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मवेशियों के लिए चारे का संकट
खैरीघाट (बहराइच)। विकासखंड महसी के गौरिया पिपरी प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ का पानी भर गया है। विद्यालय बंद कर सचिवालय में शिक्षण कार्य किया जा रहा है। शिवपुर के ग्राम पंचायत एकघरा, बाजपुरवा, जोधी पुरवा, बल्दूपुरवा, पंडित पुरवा, पिपरिया, सैय्यद नगर, बौंड़ी, गुजराती पुरवा, तिगड़ा, अंबरपुर, शिवपुर, बेलामकन, पाठक पुरवा आदि गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। मवेशियों के लिए चारा की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर बह रही नदी
जरवलरोड (बहराइच)। एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर बह रही है। बुधवार दोपहर एक बजे खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.616 रिकार्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 54 सेंटीमीटर ऊपर है। जिससे निचले इलाकों में पानी भरने लगा है।
जंगल में पानी भरने से वन्य जीवों के लिए संकट
मिहींपुरवा/बौंडी। तहसील क्षेत्र के आंबा, विशुनापुर, वर्दिया, जंगल गुलरिहा, सुजौली, चहलवा, मंझरा, गिरगिट्टी, सोमईगौढ़ी सहित 12 गांव जलमग्न हो गए हैं। नरायनपुर, चंदनपुर, बगहा, रामपुर सहित 15 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। बाढ़ का पानी भरने से दो दिन से 24 गांवों में बिजली नही है। जंगल गुलरिहा के रामपुर रेतिया, धनिया बेली, धरमपुर रेतिया स्कूलों में पानी भरा से विद्यालय बंद है। कतर्निया वन रेंज जंगल के अंदर नाले उफना जाने से जंगल के भीतर पानी भर गया है। पानी भरने के कारण कतर्नियाघाट जंगल में विचरण करने वाले वन्य जीवों पर संकट के बादल छा गए हैं।
बौंडी थाना क्षेत्र के छत्तरपुरवा, तारापुरवा, सिलौटा, कायमपुर, गोरिया पिपरी, गोलागंज, अटोडर, जोगापुरवा, राम सबदपुरवा, चरीगाह, शिवलोचन पुरवा, लोनियनपुरवा, सिपहिया हुलास, रानीबाग, प्रहलादपुर, चुन्नी लालपुरवा गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। नायब तहसीलदार सौरभ सिंह ने लेखपाल आनंद सिंह पवार के साथ गांवों का भ्रमण किया।
पलायन करने में दिक्कत
नानपारा। नानपारा तहसील के भी 12 गांव बाढ़ से जलमग्न हैं। सड़कों पर पानी भरने से बाढ़ पीड़ितों को पलायन करने में दिक्कत आ रही है। बंजरिया गांव जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से बाढ़ पीड़ितों को पलायन करने में दिक्कत आ रही है। बंजरिया मार्ग पर चल रहे पानी से पतरहिया, राजकीय इंटर कॉलेज तथा पंचायत भवन में पानी भर गया है। पतरहिया व बाजपुरवा के रामरूप, विक्रम, अल्ताफ, राजेश, मोहम्मद अली, मोहम्मद रियाज, तिलकराम यादव, नीरज, रमेश आदि ने बताया कि तहसील प्रशासन ने अभी तक कोई सुधि नहीं ली है।
तीन मकान सरयू नदी में समाहित
खैरीघाट (बहराइच)। शिवपुर ब्लाक क्षेत्र के अंबरपुर गांव के मजरा पसियन पुरवा में सरयू नदी ने कटान शुरू कर दी है। बुधवार को फूल गेंदा, रामू, राजू के मकान सरयू नदी में समाहित हो गए। मीरा देवी, शिवरानी, सम्मारी, दिनेश, चंद्रसेन, नानमून के मकान कटान के मुहाने पर हैं। वे लोग अपने घरों को तोड़कर सुरक्षित स्थान पर पलायन कर रहे हैं। लेखपाल प्रदीप कुमार ने बताया कि जिन लोगों के मकान कट गए हैं, उनकी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी गई है।
जिले में बाढ़ के हालात पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी अलर्ट मोड पर है। जिन गांव में पानी ज्यादा है वहां के परिषदीय स्कूलों को बंद करवा दिया गया है।
- मनोज कुमार सागर, एडीएम
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जिले के मिहींपुरवा, नानपारा, महसी व कैसरगंज तहसील क्षेत्र के 47 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। पीड़ितों के घरों में पानी भरने से खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ पीड़ित चारपाई, तखत पर सामान रखकर अपने परिवार के साथ गुजारा कर रहे हैं। जिनका पक्का मकान है वे लोग अपनी छतों पर बैठे हुए हैं। जिन गांवों में बाढ़ का पानी भरा है, उन गांवों की बिजली काट दी गई है। रात में विषैले जीव जंतुओं का खतरा उत्पन्न हो गया है। संपर्क मार्गों पर पानी भरने से बाढ़ पीड़ितों को पलायन करने में दिक्कत आ रही है।
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महसी के 10 गांव जलमग्न, 10 गांवों का संपर्क टूटा
महसी (बहराइच)। महसी ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित गांवों मांझा दरियाबुर्द के चमरहिया, धोबियन पुरवा, मास्टरपुरवा, नई बस्ती व ग्राम पंचायत पचदेवरी के चुरईपुरवा, बहदुरिया, धनावा छत्तरपुर, मैकूपुरवा सहित लगभग 10 गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। राजी चौराहा से सिरोही पुरवा के पास काफी पानी भरा हुआ है, जिससे लगभग 10 गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। किसी तरह से लोग पैदल निकल रहे हैं।
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मवेशियों के लिए चारे का संकट
खैरीघाट (बहराइच)। विकासखंड महसी के गौरिया पिपरी प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ का पानी भर गया है। विद्यालय बंद कर सचिवालय में शिक्षण कार्य किया जा रहा है। शिवपुर के ग्राम पंचायत एकघरा, बाजपुरवा, जोधी पुरवा, बल्दूपुरवा, पंडित पुरवा, पिपरिया, सैय्यद नगर, बौंड़ी, गुजराती पुरवा, तिगड़ा, अंबरपुर, शिवपुर, बेलामकन, पाठक पुरवा आदि गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। मवेशियों के लिए चारा की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर बह रही नदी
जरवलरोड (बहराइच)। एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर बह रही है। बुधवार दोपहर एक बजे खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.616 रिकार्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 54 सेंटीमीटर ऊपर है। जिससे निचले इलाकों में पानी भरने लगा है।
जंगल में पानी भरने से वन्य जीवों के लिए संकट
मिहींपुरवा/बौंडी। तहसील क्षेत्र के आंबा, विशुनापुर, वर्दिया, जंगल गुलरिहा, सुजौली, चहलवा, मंझरा, गिरगिट्टी, सोमईगौढ़ी सहित 12 गांव जलमग्न हो गए हैं। नरायनपुर, चंदनपुर, बगहा, रामपुर सहित 15 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। बाढ़ का पानी भरने से दो दिन से 24 गांवों में बिजली नही है। जंगल गुलरिहा के रामपुर रेतिया, धनिया बेली, धरमपुर रेतिया स्कूलों में पानी भरा से विद्यालय बंद है। कतर्निया वन रेंज जंगल के अंदर नाले उफना जाने से जंगल के भीतर पानी भर गया है। पानी भरने के कारण कतर्नियाघाट जंगल में विचरण करने वाले वन्य जीवों पर संकट के बादल छा गए हैं।
बौंडी थाना क्षेत्र के छत्तरपुरवा, तारापुरवा, सिलौटा, कायमपुर, गोरिया पिपरी, गोलागंज, अटोडर, जोगापुरवा, राम सबदपुरवा, चरीगाह, शिवलोचन पुरवा, लोनियनपुरवा, सिपहिया हुलास, रानीबाग, प्रहलादपुर, चुन्नी लालपुरवा गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। नायब तहसीलदार सौरभ सिंह ने लेखपाल आनंद सिंह पवार के साथ गांवों का भ्रमण किया।
पलायन करने में दिक्कत
नानपारा। नानपारा तहसील के भी 12 गांव बाढ़ से जलमग्न हैं। सड़कों पर पानी भरने से बाढ़ पीड़ितों को पलायन करने में दिक्कत आ रही है। बंजरिया गांव जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से बाढ़ पीड़ितों को पलायन करने में दिक्कत आ रही है। बंजरिया मार्ग पर चल रहे पानी से पतरहिया, राजकीय इंटर कॉलेज तथा पंचायत भवन में पानी भर गया है। पतरहिया व बाजपुरवा के रामरूप, विक्रम, अल्ताफ, राजेश, मोहम्मद अली, मोहम्मद रियाज, तिलकराम यादव, नीरज, रमेश आदि ने बताया कि तहसील प्रशासन ने अभी तक कोई सुधि नहीं ली है।
तीन मकान सरयू नदी में समाहित
खैरीघाट (बहराइच)। शिवपुर ब्लाक क्षेत्र के अंबरपुर गांव के मजरा पसियन पुरवा में सरयू नदी ने कटान शुरू कर दी है। बुधवार को फूल गेंदा, रामू, राजू के मकान सरयू नदी में समाहित हो गए। मीरा देवी, शिवरानी, सम्मारी, दिनेश, चंद्रसेन, नानमून के मकान कटान के मुहाने पर हैं। वे लोग अपने घरों को तोड़कर सुरक्षित स्थान पर पलायन कर रहे हैं। लेखपाल प्रदीप कुमार ने बताया कि जिन लोगों के मकान कट गए हैं, उनकी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी गई है।
जिले में बाढ़ के हालात पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ चौकियों पर कर्मचारी अलर्ट मोड पर है। जिन गांव में पानी ज्यादा है वहां के परिषदीय स्कूलों को बंद करवा दिया गया है।
- मनोज कुमार सागर, एडीएम