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‘हम दुखियों का तुझ बिन मैया होगा कौन सहारा’
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 17 Oct 2015 09:46 PM IST
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बहराइच। नवरात्र महोत्सव की छटा हर ओर दिखाई पड़ रही है। शनिवार को देवी मंदिरों में मां कुष्मांडा के स्वरूप का पूजन अर्चन हुआ। मंदिरों और पूजा पंडालों में सुबह शाम को होने वाली आरती में लोग पहुंच रहे हैं।
मन मंदिर मेें, गूंज रहा है आज तेरा जयकारा, हम दुखियों का तुझ बिन मैया होगा कौन सहारा सरीखे भजन सुनाई दे रहे हैं। ग्रामीण अंचलों में भी दुर्गा पूजा महोत्सव की धूम है।
आदिशक्ति मां अंबे के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा को मनुष्य के दोषों को दूर करने वाली देवी माना जाता है। इनके पूजन से व्यक्ति निरोगी रहता है। दु:खों का नाश होता है। दरिद्रता का वास नहीं होता। इसी कामना के साथ शनिवार को भक्तों ने देवी मंदिरों में पहुंचकर मां कुष्मांडा देवी का पूजन किया।
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शहर के मरीमाता मंदिर में शहर व ग्रामीण अंचलों से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता सुबह से लगा लगा रहा। पूजन अर्चन का सिलसिला दिन भर चला। लोगों ने सरयू नदी में स्नान कर मां कुष्मांडा देवी से संपन्नता की कामना की।
उधर शहर के मांसंहारणी मंदिर, रामजानकी मंदिर, गुल्लाबीर मंदिर व अन्य देवी मंदिरों के साथ ही पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा के पूजन के साथ ही सुबह और शाम में होने वाली आरती में श्रद्धालु काफी संख्या में शामिल हुए।
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मन मंदिर मेें, गूंज रहा है आज तेरा जयकारा, हम दुखियों का तुझ बिन मैया होगा कौन सहारा सरीखे भजन सुनाई दे रहे हैं। ग्रामीण अंचलों में भी दुर्गा पूजा महोत्सव की धूम है।
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आदिशक्ति मां अंबे के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा को मनुष्य के दोषों को दूर करने वाली देवी माना जाता है। इनके पूजन से व्यक्ति निरोगी रहता है। दु:खों का नाश होता है। दरिद्रता का वास नहीं होता। इसी कामना के साथ शनिवार को भक्तों ने देवी मंदिरों में पहुंचकर मां कुष्मांडा देवी का पूजन किया।
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शहर के मरीमाता मंदिर में शहर व ग्रामीण अंचलों से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता सुबह से लगा लगा रहा। पूजन अर्चन का सिलसिला दिन भर चला। लोगों ने सरयू नदी में स्नान कर मां कुष्मांडा देवी से संपन्नता की कामना की।
उधर शहर के मांसंहारणी मंदिर, रामजानकी मंदिर, गुल्लाबीर मंदिर व अन्य देवी मंदिरों के साथ ही पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा के पूजन के साथ ही सुबह और शाम में होने वाली आरती में श्रद्धालु काफी संख्या में शामिल हुए।