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मंदिरों में गूंजे माता के जयकारे, उमड़े श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 08 Apr 2016 11:27 PM IST
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मंदिर में पूजा करते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
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बासंतिक नवरात्र महोत्सव के मौके पर शुक्रवार को देवी मंदिर मां शेरावली के जयकारों से गूंज उठे। पहले दिन मंदिरों में मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना विधि विधान से हुई। दिन भर श्रद्धालु देवी मंदिरों में उमड़ते रहे। माहौल भक्तिमय रहा। पूजा अर्चना का दौर पूरे दिन चला।
चैत्र माह के नवरात्र महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को हुई। भोर होते ही मंदिर घंटा-घड़ियाल से गूंज उठे। शहर के संहारिणी माता मंदिर, काली माता मंदिर, रामजानकी मंदिर, सिद्धनाथ मंदिर, मौनी बाबा आश्रम व सरयू तट पर स्थित मरी माता मंदिर में पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जयमातादी के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना करते हुए सुख समृद्धि की कामना की।
मरीमाता मंदिर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बैरीकेडिंग से होकर श्रद्धालु गुजरे। संहारिणी माता मंदिर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने के चलते बहराइच-गोडा मार्ग पर डिगिहा तिराहे के निकट रह रहकर जाम लगता रहा। सुबह शुरू हुआ पूजन अर्चन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
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रात में मंदिरों में महाआरती का आयोजन हुआ। रिसिया के संतोषी माता मंदिर, हनुमान मंदिर में भी विधि विधान से नवरात्र के पहले दिन पूजा अर्चना की गई। मोहम्मदा समय माता मंदिर पर भी भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। कारीकोट देवी मंदिर पर भी पूरे दिन मां के स्वरूप की पूजा अर्चना हुई। मदिर के मुख्य द्वार पर बधाई बजती रही।
लोग मां के दरबार में पूजा अर्चना के लिए उमड़ते रहे। माहौल भक्तिमय रहा। मंदिर के बाहर दुकानें भी सजी रहीं। मेले का माहौल दिखा। ग्रामीण अंचलों के देवी मंदिरों में नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप की विधिविधान से पूजा अर्चना पूरे दिन होती रही।
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चैत्र माह के नवरात्र महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को हुई। भोर होते ही मंदिर घंटा-घड़ियाल से गूंज उठे। शहर के संहारिणी माता मंदिर, काली माता मंदिर, रामजानकी मंदिर, सिद्धनाथ मंदिर, मौनी बाबा आश्रम व सरयू तट पर स्थित मरी माता मंदिर में पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जयमातादी के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना करते हुए सुख समृद्धि की कामना की।
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मरीमाता मंदिर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बैरीकेडिंग से होकर श्रद्धालु गुजरे। संहारिणी माता मंदिर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने के चलते बहराइच-गोडा मार्ग पर डिगिहा तिराहे के निकट रह रहकर जाम लगता रहा। सुबह शुरू हुआ पूजन अर्चन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
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रात में मंदिरों में महाआरती का आयोजन हुआ। रिसिया के संतोषी माता मंदिर, हनुमान मंदिर में भी विधि विधान से नवरात्र के पहले दिन पूजा अर्चना की गई। मोहम्मदा समय माता मंदिर पर भी भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। कारीकोट देवी मंदिर पर भी पूरे दिन मां के स्वरूप की पूजा अर्चना हुई। मदिर के मुख्य द्वार पर बधाई बजती रही।
लोग मां के दरबार में पूजा अर्चना के लिए उमड़ते रहे। माहौल भक्तिमय रहा। मंदिर के बाहर दुकानें भी सजी रहीं। मेले का माहौल दिखा। ग्रामीण अंचलों के देवी मंदिरों में नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप की विधिविधान से पूजा अर्चना पूरे दिन होती रही।