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तेज हवा व बारिश से खेतों में पसरीं फसलें
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बौंडी के खेतों में बारिश के कारण बर्बाद हुई सरसों की फसल।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। तराई में शुक्रवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने सरसों और गेहूं की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। बारिश के दौरान तेज हवा चलने से खेतों में खड़ी फसल पसर गई, जिससे किसानों को उत्पादन कम होने की उम्मीद है। फसलों का नुकसान होने से काश्तकार परेशान हैं।
जिले में रबी के सीजन में गेहूं और सरसों की पैदावार सबसे अधिक होती है। साढ़े तीन लाख हेक्टेयर से अधिक में गेहूं की बोआई की गई है तो वहीं सरसों की फसल करीब 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में की गई है। गुरुवार की देर रात अचानक तेज हवाएं चलनी शुरू हो गईं। लाही की फसल में फूल और फल आने लगे थे। वहीं गेहूं की बालियां भी अगेती फसल में आनी शुरू हो गई थीं।
अचानक शुरू हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण गेहूं और लाही की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। फसल खेतों में पसर गई है। वहीं कुछ किसानों द्वारा गेहूं की सिंचाई कुछ दिन पूर्व ही की गई थी। ऐसे में खेतों में पानी भरने से फसल के और भी अधिक बर्बाद होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह का कहना है कि बारिश होने से गेहूं की फसल को फायदा पहुंचता, मगर तेज हवाएं चलने के कारण फसल गिर सकती है, जिससे नुकसान की उम्मीद है। लाही की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
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सर्वे के बाद भेजेंगे रिपोर्ट
जिले में शुक्रवार तड़के बारिश हुई। बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने लगीं। इससे क्षेत्रों में फसलें खेतों में पसर गई हैं। कर्मचारियों की टीम से सर्वे कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- सतीश कुमार पांडेय, जिला कृषि अधिकारी
50 गांवों के किसान प्रभावित
खुटेहना। विकास खंड पयागपुर में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश और हवाओं से किसानों की नींद उड़ गई है। गेहूं की फसल में पानी भर गया है। क्षेत्र के खुटेहना, सरसा, फरदा त्रिकोलिया, अरकापुर, शंभू टिकरी समेत 50 गांवों के 10 हजार किसान सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। किसानों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
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जिले में रबी के सीजन में गेहूं और सरसों की पैदावार सबसे अधिक होती है। साढ़े तीन लाख हेक्टेयर से अधिक में गेहूं की बोआई की गई है तो वहीं सरसों की फसल करीब 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में की गई है। गुरुवार की देर रात अचानक तेज हवाएं चलनी शुरू हो गईं। लाही की फसल में फूल और फल आने लगे थे। वहीं गेहूं की बालियां भी अगेती फसल में आनी शुरू हो गई थीं।
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अचानक शुरू हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण गेहूं और लाही की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। फसल खेतों में पसर गई है। वहीं कुछ किसानों द्वारा गेहूं की सिंचाई कुछ दिन पूर्व ही की गई थी। ऐसे में खेतों में पानी भरने से फसल के और भी अधिक बर्बाद होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह का कहना है कि बारिश होने से गेहूं की फसल को फायदा पहुंचता, मगर तेज हवाएं चलने के कारण फसल गिर सकती है, जिससे नुकसान की उम्मीद है। लाही की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
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सर्वे के बाद भेजेंगे रिपोर्ट
जिले में शुक्रवार तड़के बारिश हुई। बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने लगीं। इससे क्षेत्रों में फसलें खेतों में पसर गई हैं। कर्मचारियों की टीम से सर्वे कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- सतीश कुमार पांडेय, जिला कृषि अधिकारी
50 गांवों के किसान प्रभावित
खुटेहना। विकास खंड पयागपुर में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश और हवाओं से किसानों की नींद उड़ गई है। गेहूं की फसल में पानी भर गया है। क्षेत्र के खुटेहना, सरसा, फरदा त्रिकोलिया, अरकापुर, शंभू टिकरी समेत 50 गांवों के 10 हजार किसान सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। किसानों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।