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बाघ से 20 मिनट जूझा युवक, जख्मी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Dec 2016 10:33 PM IST
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कतर्नियाघाट क्षेत्र में रविवार शाम बाजार से लौट रहे एक युवक पर गन्ने के खेत में बैठे बाघ के शावक ने हमला कर दिया। मदद के लिए शोर मचाने के साथ युवक ने 20 मिनट तक उससे संघर्ष किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने शोर मचाकर शावक को भगाया तो युवक बच पाया।
उसके पेट और हाथ में गहरे जख्म हुए हैं। सूचना के बावजूद वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। मिहींपुरवा सीएचसी में उसका उपचार कराया गया। कतर्नियाघाट रेंज क्षेत्र में ग्राम कारीकोट निवासी छोटे (35) पुत्र इदरीश रविवार शाम बिछिया बाजार से लौट रहा था।
गांव से आधा किलोमीटर दूर गन्ने के खेत के निकट से गुजरते समय बाघ के शावक ने उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले पर छोटे ने मदद के चीख पुकार मचाई। इसके साथ वह शावक से खुद को बचाने के लिए करीब 20 मिनट तक भिड़ा रहा। चीख सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने मशाल जलाकर हाका लगाते हुए बाघ के शावक को खदेड़ा।
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इस तरह छोटे की जान बच पाई। ग्रामीणों ने रात में ही रेंज कार्यालय को फोन से घटना की सूचना दी। सुबह तक भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। परिवारीजनों ने छोटे को लहूलुहान हालत में पीएचसी सुजौली पहुंचाया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे सीएचसी मिहींपुरवा रेफर कर दिया गया। मिहींपुरवा में डॉक्टरों ने वन विभाग का मेमो मांगा।
छोटे ने पूरी घटना बताई। मरहम पट्टी के बाद छोटे को घर भेज दिया गया जबकि उसके पेट और हाथ में गहरे जख्म हैं। उधर डीएफओ जीपी सिंह का कहना है कि बाघ के शावक के हमले की जानकारी नहीं थी। टीम को मौके पर भेज पीड़ित ग्रामीण की मदद की जाएगी।
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उसके पेट और हाथ में गहरे जख्म हुए हैं। सूचना के बावजूद वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। मिहींपुरवा सीएचसी में उसका उपचार कराया गया। कतर्नियाघाट रेंज क्षेत्र में ग्राम कारीकोट निवासी छोटे (35) पुत्र इदरीश रविवार शाम बिछिया बाजार से लौट रहा था।
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गांव से आधा किलोमीटर दूर गन्ने के खेत के निकट से गुजरते समय बाघ के शावक ने उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले पर छोटे ने मदद के चीख पुकार मचाई। इसके साथ वह शावक से खुद को बचाने के लिए करीब 20 मिनट तक भिड़ा रहा। चीख सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने मशाल जलाकर हाका लगाते हुए बाघ के शावक को खदेड़ा।
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इस तरह छोटे की जान बच पाई। ग्रामीणों ने रात में ही रेंज कार्यालय को फोन से घटना की सूचना दी। सुबह तक भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। परिवारीजनों ने छोटे को लहूलुहान हालत में पीएचसी सुजौली पहुंचाया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे सीएचसी मिहींपुरवा रेफर कर दिया गया। मिहींपुरवा में डॉक्टरों ने वन विभाग का मेमो मांगा।
छोटे ने पूरी घटना बताई। मरहम पट्टी के बाद छोटे को घर भेज दिया गया जबकि उसके पेट और हाथ में गहरे जख्म हैं। उधर डीएफओ जीपी सिंह का कहना है कि बाघ के शावक के हमले की जानकारी नहीं थी। टीम को मौके पर भेज पीड़ित ग्रामीण की मदद की जाएगी।