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ट्रेन हादसे में दो और लोगों की मौत, परिवारीजनों में कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Nov 2016 09:57 PM IST
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कानपुर के पुखराया रेलवे स्टेशन के निकट हुए ट्रेन हादसे में घायल बहराइच के दो और लोगों की मौत हो गई। एक शिक्षक ने रविवार शाम दम तोड़ दिया था। दो अन्य की देर रात मौत हो गई। सोमवार को उनके शव घर लाए जाने पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। हादसे में घायल पांच लोगों का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है।
इंदौर से चलकर पटना जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन रविवार भोर में दुर्घटना का शिकार बनी थी। इस ट्रेन में बहराइच के भी 46 लोग सवार थे। यह सभी मोहल्ला नौवागढ़ी निवासी पं. श्याम बिहारी पांडेय की अगुवाई में 16 दिन पूर्व तीर्थ यात्रा पर निकले थे। उज्जैन महाकाल का दर्शन कर वापस लौटते समय सभी उसी ट्रेन में सवार हुए जो दुर्घटना का सबब बनी।
हादसे में घायल शहर के मोहल्ला घसियारीपुरा निवासी संस्कृत महाविद्यालय के रिटायर्ड शिक्षक दयाराम शर्मा (65) की रविवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई थी। फकीरचक रेवली निवासी हृदयनरायन उर्फ डिप्टी (38) पुत्र पुत्तीलाल व बाबूराम (45) पुत्र रामसूरत निवासी बनियाहारी ने रविवार रात कानपुर में दम तोड़ दिया। सूचना घर पहुंची तो लोग बिलख उठे।
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हराइच से पहुंचे परिवारीजनों को पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव सौंप दिए गए। सोमवार को कानपुर से तीनों लोगों के शव बहराइच लाए गए तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। दोपहर बाद त्रिमुहानीघाट पर रिटायर्ड शिक्षक दयाराम शर्मा और हृदयनरायन उर्फ डिप्टी का अंतिम संस्कार किया गया।
उधर बाबूराम का अंतिम संस्कार परिवारीजनों ने गांव में किया। फकीरचक निवासी हृदयनरायन की पत्नी दो साल पूर्व उसे छोड़कर मायके बिहार चली गई थी। तब से हृदयनरायन गांव में सिर्फ खेतीबाड़ी देखने जाता था। वह अपने बहनोई दुर्गेश पांडेय के घर पर रहता था।
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इंदौर से चलकर पटना जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन रविवार भोर में दुर्घटना का शिकार बनी थी। इस ट्रेन में बहराइच के भी 46 लोग सवार थे। यह सभी मोहल्ला नौवागढ़ी निवासी पं. श्याम बिहारी पांडेय की अगुवाई में 16 दिन पूर्व तीर्थ यात्रा पर निकले थे। उज्जैन महाकाल का दर्शन कर वापस लौटते समय सभी उसी ट्रेन में सवार हुए जो दुर्घटना का सबब बनी।
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हादसे में घायल शहर के मोहल्ला घसियारीपुरा निवासी संस्कृत महाविद्यालय के रिटायर्ड शिक्षक दयाराम शर्मा (65) की रविवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई थी। फकीरचक रेवली निवासी हृदयनरायन उर्फ डिप्टी (38) पुत्र पुत्तीलाल व बाबूराम (45) पुत्र रामसूरत निवासी बनियाहारी ने रविवार रात कानपुर में दम तोड़ दिया। सूचना घर पहुंची तो लोग बिलख उठे।
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हराइच से पहुंचे परिवारीजनों को पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव सौंप दिए गए। सोमवार को कानपुर से तीनों लोगों के शव बहराइच लाए गए तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। दोपहर बाद त्रिमुहानीघाट पर रिटायर्ड शिक्षक दयाराम शर्मा और हृदयनरायन उर्फ डिप्टी का अंतिम संस्कार किया गया।
उधर बाबूराम का अंतिम संस्कार परिवारीजनों ने गांव में किया। फकीरचक निवासी हृदयनरायन की पत्नी दो साल पूर्व उसे छोड़कर मायके बिहार चली गई थी। तब से हृदयनरायन गांव में सिर्फ खेतीबाड़ी देखने जाता था। वह अपने बहनोई दुर्गेश पांडेय के घर पर रहता था।