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दो हत्यारे भाइयों को आजीवन कैद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 May 2016 10:06 PM IST
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supreme court
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बहराइच। फखरपुर क्षेत्र में 16 साल पहले वृद्ध की हत्या करने वाले दो सगे भाइयों को शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद्र भारती ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोनों आरोपियों को एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मालूम हो कि फखरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुठवल खुर्द गांव निवासी बलभद्र प्रसाद मिश्र की बेटी गुड्डी का विवाह गांव निवासी राजबहादुर से हुआ था। लेकिन, कुछ दिन बाद राजबहादुर ने डिहवा कला गांव की दूसरी युवती से शादी कर ली और गुड्डी को मायके छोड़ गया।
मान-मनौव्वल के बाद 29 सितंबर को राज बहादुर अपने भाई देशराज के साथ पहली पत्नी गुड्डी को विदा कराने ससुराल पहुंचा। यहां बातचीत के दौरान कहासुनी हुई और इतने में राजबहादुर और देशराज ने गुड्डी के चाचा लालजी (75) पर हमला कर दिया। चाकू से कई वार किए।
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अस्पताल ले जाते समय लालजी की मौत हो गई थी। इस मामले में परिवार के सतीश मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने राजबहादुर और देशराज के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
यह मामला शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद्र भारती के न्यायालय पर पेश हुआ था। एडीजी क्रिमनल मनोज कुमार सिंह और बचाव पक्ष के वकील ने बहस की।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हत्या के मामले में आरोपी राजबहादुर तथा उसके भाई देशराज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोनों आरोपियों को एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मालूम हो कि फखरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुठवल खुर्द गांव निवासी बलभद्र प्रसाद मिश्र की बेटी गुड्डी का विवाह गांव निवासी राजबहादुर से हुआ था। लेकिन, कुछ दिन बाद राजबहादुर ने डिहवा कला गांव की दूसरी युवती से शादी कर ली और गुड्डी को मायके छोड़ गया।
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मान-मनौव्वल के बाद 29 सितंबर को राज बहादुर अपने भाई देशराज के साथ पहली पत्नी गुड्डी को विदा कराने ससुराल पहुंचा। यहां बातचीत के दौरान कहासुनी हुई और इतने में राजबहादुर और देशराज ने गुड्डी के चाचा लालजी (75) पर हमला कर दिया। चाकू से कई वार किए।
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अस्पताल ले जाते समय लालजी की मौत हो गई थी। इस मामले में परिवार के सतीश मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने राजबहादुर और देशराज के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
यह मामला शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद्र भारती के न्यायालय पर पेश हुआ था। एडीजी क्रिमनल मनोज कुमार सिंह और बचाव पक्ष के वकील ने बहस की।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हत्या के मामले में आरोपी राजबहादुर तथा उसके भाई देशराज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।