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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   life imprisonment to 15 murderer

पिता-पुत्र के 15 कातिलों को उम्रकैद

Wed, 02 Sep 2015 09:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Wed, 02 Sep 2015 09:56 PM IST
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बहराइच। 32 साल पुराने तिहरे हत्याकांड में बुधवार को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट नरेंद्र कुमार ने 15 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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मामला मल्हीपुर के लक्ष्मनपुर सेमरहनिया गांव में वर्ष 1983 का है, जिसमें भूमि विवाद की रंजिश में पिता-पुत्र और चाचा की हत्या कर दी गई थी।

इस मामले में नामजद 25 लोगों में से 10 आरोपियों की मौत मुकदमे के दौरान हो चुकी है। कोर्ट ने 15 अभियुक्तों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है।

मल्हीपुर थाना क्षेत्र का लक्ष्मनपुर सेमरहनिया गांव अब श्रावस्ती जिले का हिस्सा है। गांव निवासी त्रिभुवन्न दत्त उर्फ गुल्ली रानीसीर व कोकल कांजी हाउस का ठेकेदार था।

26 मार्च 1983 की रात 9:30 बजे के आसपास रानीसीर कांजी हाउस का मुंशी मनोरथ, त्रिभुवन को जरूरी काम की बात कहकर घर बुलाने आया।

कांजी हाउस जाते समय त्रिभुनव पर कुछ लोगों ने लाठी-डंडे व गड़ासे से हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर त्रिभुवन का भाई बलदेव और चंद्रप्रकाश उर्फ पंगुल पुत्र बलदेव बचाने दौड़े तो उन्हें भी पीट दिया। मौके पर ही तीनों ने दम तोड़ दिया। इस दौरान मौके पर इकट्ठा हुए परिवारीजन और गांव के लोगों ने हमलावरों की पहचान की।
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27 मार्च को मल्हीपुर थाने में 25 लोगों को नामजद करते हुए बलदेव के पुत्र दीनानाथ ने केस दर्ज कराया था। मुकदमे के दौरान 10 हत्या आरोपियों की मौत हो गई।
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15 आरोपियों के मामले में बुधवार को दीवानी कचहरी में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट नरेंद्र कुमार की अदालत पर सुनवाई हुई।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह ने बहस के दौरान सभी हत्या आरोपियों को मृत्युदंड की सजा देने की अपील की लेकिन लंबी अवधि अधिक बीतने के चलते न्यायालय ने सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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