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इंडो-नेपाल सीमा पर फिर पकड़ी विस्फोटक खेप
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 01 Apr 2016 11:43 PM IST
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विस्फोटक बरामद
- फोटो : अमर उजाला
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भारत से नेपाल को तस्करी कर ले जाई जा रही विस्फोटक की खेप शुक्रवार को एसएसबी के जवानों ने रुपईडीहा सीमा पर तलाशी के दौरान बरामद किया। इस मामले में एक नेपाली नागरिक को गिरफ्तार किया गया है।
चार दिन पूर्व ही विस्फोटक की एक खेप को एसएसबी ने बरामद की थी। ऐसे में कहीं यह आतंकी साजिश का हिस्सा तो नहीं हैं, जिसे सोचकर खुफिया एजेंसियां चौकन्ना हो गई हैं। एसएसबी व अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भी पड़ताल तेज कर दी है। बरामद विस्फोटक को सीज कर आरोपी नेपाली नागरिक को जेल भेजा गया है।
रुपईडीहा सीमा पर विस्फोटक की बरामदगी का सिलसिला थम नहीं रहा है। बीते 26 मार्च को एक नेपाली नागरिक को सवा किलो विस्फोटक की खेप के साथ एसएसबी के जवानों ने पकड़ा था। वह रजाई में विस्फोटक को सिलकर सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था। विस्फोटक वह खेप रुद्रप्रयाग से लायी गई थी।
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अभी एसएसबी के जवान और सीमा पर सक्रिय खुफिया एजेंसियां पूर्व में पकड़े गए सवा किलो विस्फोटक की जांच में ही उलझी हुई थी। तभी शुक्रवार शाम को भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी के रुपईडीहा बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात डाग स्क्वॉयड दस्ता एंजल के हैंडलर ओमप्रकाश को डाग एंजल ने सीमा पार करने की कोशिश कर रहे रिक्शा सवार की ओर संकेत किया।
इस पर रिक्शे को रोक कर तलाशी शुरू की गई तो नेपाली नागरिक के बैग से छह पीस डेटोनेटर, 36 फीट नौ इंची फ्यूज वायर, विस्फोटक में प्रयुक्त अन्य सामान बरामद हुए। इस पर एसएसबी के अधिकारी सकते में आ गए। असिस्टेंट कमांडेंट विपिन शर्मा भी सूचना पाकर मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि एसआई चंद्रशेखर, महिला कांस्टेबिल भुवनेश्वरी व कांस्टेबिल सीताराम ने नेपाली नागरिक को हिरासत में ले लिया है। उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो नेपाली नागरिक की पहचान बम बहादुर खत्री निवासी जिला दांग नेपाल के रूप में हुई है। बम बहादुर ने बताया कि वह उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में सड़क निर्माण विभाग में दैनिक मजदूरी का काम करता था।
वहीं पर पहाड़ तोड़ने के लिए डेटोनेटर मिलता था। जिसे उसने चोरी से अपने पास रख लिया था और नेपाल लेकर जा रहा था। सप्ताह के अंदर विस्फोटक के खेप की दो बरामदगी से सीमा पर तैनात खुफिया एजेंसियां सकते में आ गई हैं।
उत्तराखंड सड़क विभाग और नेपाल पुलिस से साधेंगे संपर्क
सघनता से जांच शुरू की गई है। उत्तराखंड के सड़क विभाग से भी संपर्क साधा जा रहा है। इसके अलावा जरूरत पड़ी तो नेपाल पुलिस से संपर्क साधकर पकड़े गए लोगों के मामले में तफ्तीश की जाएगी। इसके बाद ही विस्फोटक की तस्करी का सही तरीके से पर्दाफाश हो सकेगा।
-विपिन शर्मा, असिस्टेंट कमांडेंट
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चार दिन पूर्व ही विस्फोटक की एक खेप को एसएसबी ने बरामद की थी। ऐसे में कहीं यह आतंकी साजिश का हिस्सा तो नहीं हैं, जिसे सोचकर खुफिया एजेंसियां चौकन्ना हो गई हैं। एसएसबी व अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भी पड़ताल तेज कर दी है। बरामद विस्फोटक को सीज कर आरोपी नेपाली नागरिक को जेल भेजा गया है।
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रुपईडीहा सीमा पर विस्फोटक की बरामदगी का सिलसिला थम नहीं रहा है। बीते 26 मार्च को एक नेपाली नागरिक को सवा किलो विस्फोटक की खेप के साथ एसएसबी के जवानों ने पकड़ा था। वह रजाई में विस्फोटक को सिलकर सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था। विस्फोटक वह खेप रुद्रप्रयाग से लायी गई थी।
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अभी एसएसबी के जवान और सीमा पर सक्रिय खुफिया एजेंसियां पूर्व में पकड़े गए सवा किलो विस्फोटक की जांच में ही उलझी हुई थी। तभी शुक्रवार शाम को भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी के रुपईडीहा बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात डाग स्क्वॉयड दस्ता एंजल के हैंडलर ओमप्रकाश को डाग एंजल ने सीमा पार करने की कोशिश कर रहे रिक्शा सवार की ओर संकेत किया।
इस पर रिक्शे को रोक कर तलाशी शुरू की गई तो नेपाली नागरिक के बैग से छह पीस डेटोनेटर, 36 फीट नौ इंची फ्यूज वायर, विस्फोटक में प्रयुक्त अन्य सामान बरामद हुए। इस पर एसएसबी के अधिकारी सकते में आ गए। असिस्टेंट कमांडेंट विपिन शर्मा भी सूचना पाकर मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि एसआई चंद्रशेखर, महिला कांस्टेबिल भुवनेश्वरी व कांस्टेबिल सीताराम ने नेपाली नागरिक को हिरासत में ले लिया है। उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो नेपाली नागरिक की पहचान बम बहादुर खत्री निवासी जिला दांग नेपाल के रूप में हुई है। बम बहादुर ने बताया कि वह उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में सड़क निर्माण विभाग में दैनिक मजदूरी का काम करता था।
वहीं पर पहाड़ तोड़ने के लिए डेटोनेटर मिलता था। जिसे उसने चोरी से अपने पास रख लिया था और नेपाल लेकर जा रहा था। सप्ताह के अंदर विस्फोटक के खेप की दो बरामदगी से सीमा पर तैनात खुफिया एजेंसियां सकते में आ गई हैं।
उत्तराखंड सड़क विभाग और नेपाल पुलिस से साधेंगे संपर्क
सघनता से जांच शुरू की गई है। उत्तराखंड के सड़क विभाग से भी संपर्क साधा जा रहा है। इसके अलावा जरूरत पड़ी तो नेपाल पुलिस से संपर्क साधकर पकड़े गए लोगों के मामले में तफ्तीश की जाएगी। इसके बाद ही विस्फोटक की तस्करी का सही तरीके से पर्दाफाश हो सकेगा।
-विपिन शर्मा, असिस्टेंट कमांडेंट