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युवक को खींच ले गया मगरमच्छ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2016 09:34 PM IST
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कतर्नियाघाट रेंज में सोमवार को महादेवा तालाब झील में युवक की तलाश करते ग्रामीण और गमगीन परिवारीजन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बिछिया (बहराइच)। बहन के हाईस्कूल पास होने की खुशी में जंगल स्थित मलंग शाह बाबा की मजार पर चादर चढ़ाकर लौटते समय महादेवा तालाब झील में स्नान करने के दौरान एक युवक पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया।
चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े लेकिन तब तक मगरमच्छ युवक को गहरे पानी में खींच ले गया। झील तट पहुंचे परिवारीजनों ने काफी तलाश की लेकिन शाम तक युवक का पता नहीं लग सका। गांव के लोग डोंगी के सहारे झील को खंगाल रहे थे। वहीं, वनाधिकारियों ने मामले से किनारा कर रखा है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र स्थित कैलाशपुरी गांव निवासी इंद्रभान (31) पुत्र विश्वनाथ की बहन संगीता ने इस बार अच्छे नंबरों से हाईस्कूल पास किया। संगीता के पास होने के लिए बड़े भाई इंद्रभान ने मन्नत मांगी थी।
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मन्नत पूरी होने पर इंद्रभान देर शाम जंगल स्थित मलंगशाह बाबा की मजार पर चादर और सिन्नी चढ़ाने गया था। लौटते समय वह कतर्नियाघाट तटबंध बैरियर के निकट महादेवा तालाब झील में उतरकर स्नान करने लगा। इसी दौरान झील में मौजूद मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया।
द्रभान की चीख पर आसपास के लोग दौड़े लेकिन तब तक मगरमच्छ उसे गहरे पानी में खींच ले गया। सूचना पर परिवारीजन झील तट पर पहुंचे और खोजबीन शुरू की। देर रात तक परिवारीजन झील का किनारा खंगालते रहे लेकिन पता नहीं लग सका।
सुबह स्थानीय गोताखोर डोंगी (नाव) के सहारे झील में उतरे। जाल डालकर खोजबीन शुरू की लेकिन इंद्रभान का पता नहीं चला। पिता विश्वनाथ का कहना है कि बेटी के पास होने की खुशी में पुत्र चादर चढ़ाने गया था।
पथरा गईं संगीता की आंखें
संगीता के पास होने की खुशी भाई के साथ हुए हादसे के चलते गम में तब्दील हो गई। देर शाम जब संगीता को हादसे की जानकारी मिली तो वह आवाक रह गईं। उसकी आंखें पथरा सी गईं। वहीं परिवारीजनों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं।
प्रतिबंधित है झील में उतरना
कतर्नियाघाट रेंज के प्रभारी रेंजर रमेशचंद्र का कहना है कि उन्हें घटना के बारे में किसी ने जानकारी नहीं दी है। महादेवा तालाब झील में स्नान करना, उतरना और शिकार करना प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि झील में मगरमच्छ, घड़ियाल व अन्य जलीय जीव रहते हैं। संरक्षित वन क्षेत्र की झील है। जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।
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चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े लेकिन तब तक मगरमच्छ युवक को गहरे पानी में खींच ले गया। झील तट पहुंचे परिवारीजनों ने काफी तलाश की लेकिन शाम तक युवक का पता नहीं लग सका। गांव के लोग डोंगी के सहारे झील को खंगाल रहे थे। वहीं, वनाधिकारियों ने मामले से किनारा कर रखा है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र स्थित कैलाशपुरी गांव निवासी इंद्रभान (31) पुत्र विश्वनाथ की बहन संगीता ने इस बार अच्छे नंबरों से हाईस्कूल पास किया। संगीता के पास होने के लिए बड़े भाई इंद्रभान ने मन्नत मांगी थी।
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मन्नत पूरी होने पर इंद्रभान देर शाम जंगल स्थित मलंगशाह बाबा की मजार पर चादर और सिन्नी चढ़ाने गया था। लौटते समय वह कतर्नियाघाट तटबंध बैरियर के निकट महादेवा तालाब झील में उतरकर स्नान करने लगा। इसी दौरान झील में मौजूद मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया।
द्रभान की चीख पर आसपास के लोग दौड़े लेकिन तब तक मगरमच्छ उसे गहरे पानी में खींच ले गया। सूचना पर परिवारीजन झील तट पर पहुंचे और खोजबीन शुरू की। देर रात तक परिवारीजन झील का किनारा खंगालते रहे लेकिन पता नहीं लग सका।
सुबह स्थानीय गोताखोर डोंगी (नाव) के सहारे झील में उतरे। जाल डालकर खोजबीन शुरू की लेकिन इंद्रभान का पता नहीं चला। पिता विश्वनाथ का कहना है कि बेटी के पास होने की खुशी में पुत्र चादर चढ़ाने गया था।
पथरा गईं संगीता की आंखें
संगीता के पास होने की खुशी भाई के साथ हुए हादसे के चलते गम में तब्दील हो गई। देर शाम जब संगीता को हादसे की जानकारी मिली तो वह आवाक रह गईं। उसकी आंखें पथरा सी गईं। वहीं परिवारीजनों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं।
प्रतिबंधित है झील में उतरना
कतर्नियाघाट रेंज के प्रभारी रेंजर रमेशचंद्र का कहना है कि उन्हें घटना के बारे में किसी ने जानकारी नहीं दी है। महादेवा तालाब झील में स्नान करना, उतरना और शिकार करना प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि झील में मगरमच्छ, घड़ियाल व अन्य जलीय जीव रहते हैं। संरक्षित वन क्षेत्र की झील है। जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।