फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   black marketing of grains

सरकारी अनाज इकट्ठा कर भेज देता था नेपाल

Sat, 02 Jan 2016 09:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Sat, 02 Jan 2016 09:50 PM IST
विज्ञापन
नानपारा (बहराइच)। बाबागंज के पंडितपुरवा गांव में एक व्यक्ति के मकान को किराये पर लेकर गांव निवासी युवक कोटे का अनाज खरीदकर उसकी पैकिंग बदलकर नेपाल भेज देते था।
विज्ञापन


इसका खुलासा गुरुवार को छापेमारी में हुआ था लेकिन संबंधित गोदाम बंद मिला था। शनिवार को पूर्ति निरीक्षक ने अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर बरामद खाद्यान्न को पीसीएफ गोदाम प्रभारी की सुपुर्दगी में दे दिया है। इस मामले में एसडीएम ने एफआईआर दर्ज करवाने के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।
विज्ञापन


उपजिलाधिकारी नानपारा अमिताभ यादव ने बताया कि नेपाल सीमा से सटे रुपईडीहा थाना अंतर्गत पंडितपुरवा गांव में अवैध तरीके से कोटे के खाद्यान्न का गोदाम बनाए जाने की शिकायत मिली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर पूर्ति निरीक्षक एजाज अहमद और नानपारा थाने के एसआई पीके सिंह की मौजूदगी में गुरुवार रात दबिश देकर गोदाम पकड़ा गया था। इस मामले में लिखापढ़ी चल रही थी। गोदाम की जांच पूरी होने के बाद वहां से 240 बोरी गेहूं व 70 बोरी चावल बरामद हुआ है। यह अनाज कोटे की दुकानों का है।

उपजिलाधिकारी ने बताया कि अनुराग पाठक नाम का युवक गांव निवासी मोतीलाल पाठक के मकान को किराये पर लेकर निजी तरीके से गोदाम संचालित करता था।

यहां कोटे की दुकानों से खरीदे गए अनाज की पैकिंग को चेंज करने का भी गोरखधंधा चलता था। उन्होंने बताया कि कोटे की दुकानों को जो खाद्यान्न आपूर्ति होता है, उसकी पैकिंग 50-50 किलो की होती है। जबकि निजी तौर पर संचालित इस गोदाम में 60 किलो की बोरियां तैयार कर खाद्यान्न की नेपाल सप्लाई की जाती थी।

पूर्ति निरीक्षक एजाज अहमद ने बताया कि बरामद खाद्यान्न की माप करवाने के बाद उसे पीसीएफ गोदाम प्रभारी बाबागंज के सुपुर्दगी में दे दिया गया है। उपजिलाधिकारी को इस मामले में रिपोर्ट सौंपी गई है।


एसडीएम ने कहा कि पूर्ति निरीक्षक की रिपोर्ट पर खाद्यान्न को नेपाल सप्लाई करने वाले आरोपी अनुराग पाठक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए अनुमति मांगी गई है। जिलाधिकारी की अनुमति मिलते ही केस दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed