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कटान से टिकुरी गांव के अस्तित्व पर संकट

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Tue, 21 Aug 2018 11:16 PM IST
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बहराइच/महसी। घाघरा की लहरें तबाही का सबब बनी हुई हैं। जलस्तर में गिरावट के साथ ही कटान तेज हो गई है। बौंडी के पास स्थित स्पर नंबर एक नदी के निशाने पर आ गया है। स्पर कटा तो तटबंध पर खतरा मंडराएगा।
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अगर बेलहा-बेहरौली तटबंध कटा तो बहराइच समेत पड़ोस के अन्य दो जनपदों में तबाही मचेगी। स्पर के साथ ही टिकुरी धनौली गांव में भी नदी ने कटान शुरू कर दी है।

यहां 200 परिवार रहते हैं। प्रशासन ने गांव खाली करने के निर्देश दिए हैं। राजस्वकर्मी नाव से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। ग्रामीण आशियाने उजाड़कर पलायन कर रहे हैं। अफरातफरी की स्थिति है।

घाघरा नदी की लहरें बाढ़ के साथ कटान के रूप में भी मुसीबत का सबब बन गई हैं। मंगलवार भोर से नदी के जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई है। दो सेंटीमीटर पानी कम हुआ है।

केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट कार्यालय के मुताबिक नदी खतरे के निशान से 69 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। कटान तेज हो गई है। नदी ने बौंडी के निकट स्थित स्पर नंबर एक को निशाने पर ले लिया है।

रात से कटान करते हुए नदी की लहरें स्पर की नोज पर थपेड़े मार रही हैं। लेकिन अब तक स्पर बचाव के समुचित उपाय नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों की सूचना पर बाढ़ खंड ने पहले तो लापरवाही बरती, लेकिन डीएम की फटकार के बाद अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा सुबह टीम के साथ मौके पर पहुंचे हैं।

अभियंता कैंप कर बालू व पत्थर की बोरियां स्पर के नोज के सामने डलवा रहे हैं। जिससे कटान पर काबू पाया जा सके। लेकिन विशेष सफलता नहीं मिल सकी है।

अगर स्पर कटा तो बेलहा-बेहरौली तटबंध पर कटान शुरू होगी और तटबंध कटने के बाद बहराइच के साथ ही बलरामपुर और गोंडा में घाघरा की लहरें तबाही मचाएंगी।

स्पर के साथ ही टिकुरी धनौली गांव भी नदी की कटान की जद में आ गया है। गांव में 200 परिवार निवास करते हैं। लेकिन तेज कटान से गांव खाली करने के आदेश तहसील प्रशासन ने दिए हैं।

सुबह तहसीलदार राजेश वर्मा ने गांव पहुंचकर कटान की स्थिति जांची। इसके बाद ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने का फरमान सुनाया।

60 लाख खर्च, फिर भी नहीं रुकी कटान
बाढ़ खंड गोंडा अब तक घाघरा नदी की लहरों को मोड़ने और कटान रोकने पर 60 लाख का बजट खर्च कर चुका है। लेकिन यह बजट कहां खर्च हुआ, दिखाई नहीं पड़ रहा है। कटान पर अंकुश नहीं लग सका है। प्रतिदिन खेती योग्य जमीन और ग्रामीणों के आशियाने नदी में समाहित हो रहे हैं।

कैंप कर रहे अभियंता
नदी का पानी घटना शुरू हो गया है। लेकिन कटान तेज हुई है। डीएम के निर्देश पर बाढ़ खंड के एसडीओ बीबी पाल, अधिशासी अभिंयता शोभित कुशवाहा व विभागीय अवर अभियंता कैंप कर रहे हैं। निरंतर बालू और बजड़ी की बोरियां डाली जा रही हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर नाव के द्वारा पहुंचाया जा रहा है।
-कंचनराम, उप जिलाधिकारी

फिर छोड़ा गया ढाई लाख क्यूसेक पानी
घाघरा नदी के जलस्तर में भले ही गिरावट शुरू हुई है। लेकिन चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज, शारदा और बनबसा बैराज से फिर लगभग ढाई लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। यह पानी आगामी 24 घंटे में महसी क्षेत्र में पहुंचेगा। इसके बाद स्थिति और विकराल हो सकती है।

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