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चरस तस्करी के मामले में नेपाली युवक को 12 साल का सश्रम कारावास
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:02 PM IST
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चरस तस्करी में नेपाली युवक को 12 साल कैद
बहराइच। नेपाल से चरस की खेप लेकर भारत आते समय पकड़े गए एक नेपाली युवक के मामले की सुनवाई शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय कोर्ट नंबर चार पर हुई। न्यायाधीश ने आरोपी को 12 वर्ष के सश्रम कारावास और दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषसिद्ध युवक को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दीवानी कचेहरी के एडीजीसी क्रिमनल फिरोज अहमद खां ने बताया कि 29 मार्च 2011 को एसएसबी कैंप रुपईडीहा के सहायक सेनानायक अश्विनी कुमार की अगुवाई में गश्ती टीम ने एक नेपाली युवक को चार किलो 712 ग्राम चरस के साथ भारतीय सीमा क्षेत्र में पकड़ा था। वह नोमेंस लैंड पार कर चरस की खेप को भारत पहुंचाने आया था। पूछताछ के दौरान युवक की पहचान इस्माइल दर्जी पुत्र बकरीदी निवासी नंदई गांव वार्ड नंबर छह थाना जोगा गांव बांके नेपाल के रूप में हुई थी। बरामद चरस को सीज कर उसकी बाइक को भी जब्त कर लिया गया था। इसकी फाइल शुक्रवार को दीवानी कचेहरी के कोर्ट नंबर चार में अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार की अदालत में पेश हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी इस्माइल दर्जी को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषसिद्ध करार देते हुए चरस तस्करी के मामले में 12 वर्ष के सश्रम कारावास और दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने कहा कि अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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बहराइच। नेपाल से चरस की खेप लेकर भारत आते समय पकड़े गए एक नेपाली युवक के मामले की सुनवाई शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय कोर्ट नंबर चार पर हुई। न्यायाधीश ने आरोपी को 12 वर्ष के सश्रम कारावास और दो लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषसिद्ध युवक को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दीवानी कचेहरी के एडीजीसी क्रिमनल फिरोज अहमद खां ने बताया कि 29 मार्च 2011 को एसएसबी कैंप रुपईडीहा के सहायक सेनानायक अश्विनी कुमार की अगुवाई में गश्ती टीम ने एक नेपाली युवक को चार किलो 712 ग्राम चरस के साथ भारतीय सीमा क्षेत्र में पकड़ा था। वह नोमेंस लैंड पार कर चरस की खेप को भारत पहुंचाने आया था। पूछताछ के दौरान युवक की पहचान इस्माइल दर्जी पुत्र बकरीदी निवासी नंदई गांव वार्ड नंबर छह थाना जोगा गांव बांके नेपाल के रूप में हुई थी। बरामद चरस को सीज कर उसकी बाइक को भी जब्त कर लिया गया था। इसकी फाइल शुक्रवार को दीवानी कचेहरी के कोर्ट नंबर चार में अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार की अदालत में पेश हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी इस्माइल दर्जी को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषसिद्ध करार देते हुए चरस तस्करी के मामले में 12 वर्ष के सश्रम कारावास और दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने कहा कि अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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