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रंधावा की जमानतअर्जी निरस्त

Tue, 08 Jan 2019 01:04 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jan 2019 01:04 AM IST
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रंधावा की जमानतअर्जी निरस्त
बहराइच। शिकार के आरोप में जिला कारागार में निरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय गोल्फर व शूटर ज्योति रंधावा की अंतरिम जमानत पर सोमवार को जनपद न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई। जनपद न्यायाधीश ने अंतरिम जमानत को निरस्त करते हुए अगली सुनवाई के लिए 10 जनवरी को तिथि नियत की है।
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रंधावा के बचाव के लिए सुप्रीम कोर्ट के दो वकील भी सोमवार को दीवानी कचहरी पहुंचे। लेकिन वे भी रंधावा को अंतरिम जमानत नहीं दिला सके।
हरियाणा के गुड़गांव निवासी ज्योति रंधावा अपने साथी महाराष्ट्र निवासी महेश विराजदार के साथ गत 26 दिसंबर को कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के मोतीपुर रेंज में शिकार करते हुए पकड़े गए थे।
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रंधावा के पास से प्रतिबंधित चीतल की खाल, रायफल, कारतूस व अन्य शिकार के समान बरामद हुए थे। वन विभाग की ओर से रंधावा व महेश पर रेंज केस दर्ज कर दीवानी न्यायालय में पेश किया गया था। रिमांड मजिस्ट्रेट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में दोनों को जेल भेज दिया था। रंधावा और उसका साथी महेश तब से जेल में बंद है।
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सोमवार को जनपद न्यायाधीश उपेंद्र कुमार के न्यायालय पर रंधावा के बचाव के लिए सुप्रीम कोर्ट से आए अधिवक्ता विनय गर्ग ने अंतरिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र देते हुए बहस की। सरकार की ओर से डीजीसी क्रिमनल संतप्रताप सिंह व वन विभाग के अधिवक्ता सुरेशचंद्र यादव ने पक्ष पेश किया।

दोनों अधिवक्ताओं ने कहा कि अभी तक बिसरा व अन्य रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो पाई है। ऐसे में बहस के लिए अन्य तिथि दी जाए। जिस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता गर्ग ने विरोध जताते हुये कहा कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी व बरामदगी के संबंध में वन विभाग की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए गए है।

उससे यह स्पष्ट है कि अभियुक्त टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गिरफ्तार नहीं किए गए है। जिस वन्य जंतु की बरामदगी दर्शाई गई है, वह वन जंतु अधिनियम की अनुसूची एक में नहीं है।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने यह भी तर्क प्रस्तुत किया कि अभियुक्तगण के विरुद्ध कथित आरोपों से उनके विरुद्ध वन जंतु अधिनियम की धारा 51(1) के तहत ही अपराध कारित होता है, जिसमें सिर्फ अधिकतम तीन वर्ष की सजा से दंडित किया जा सकता है।


ऐसे में अभियुक्तों को अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए। विभाग के अधिवक्ता सुरेशचंद्र यादव ने बताया कि न्यायालय पर अंतरिम जमानत निरस्त कर दी गई है। अब 10 जनवरी को जमानत पर बहस होगी।
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