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मां के हत्यारे बेटे ने बाग में फांसी लगाकर समाप्त की जीवनलीला
Updated Sun, 23 Sep 2018 10:32 PM IST
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बाबागंज (बहराइच)। एक बेटे ने शनिवार को पैसा न देने पर मां का कत्ल कर रिश्ते को तार-तार कर दिया था। रविवार सुबह बेटे का शव पेड़ से लटकता हुआ मिला। इससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि बेटे ने मां की मौत से क्षुब्ध होकर खुदकुशी का कदम उठाया।
रुपईडीहा थाना क्षेत्र के विशुनापुर बिजलीपुर गांव निवासी सावित्री देवी (47) पत्नी अमिरका प्रसाद से उसके बड़े बेटे धर्मेंद्र ने शनिवार को 100 रुपये की मांग की थी। मां के पास पैसे नहीं थे। इसलिए उसने देने से मना कर दिया था। इस पर बेटे ने पास में पड़ी हंसिया से मां की पीठ पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया था।
इसके बाद से धर्मेंद्र फरार हो गया। चीख पुकार सुनकर सावित्री के छोटे बेटे जीतेंद्र ने उसे पीएचसी बाबागंज पहुंचाया। वहां से सीएचसी नानपारा पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात जिला अस्पताल पहुंचते ही महिला ने दम तोड़ दिया।
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फरार धर्मेंद्र का शव सुबह गांव के बाहर पेड़ पर लटकता हुआ मिला। आशंका है कि मां की मौत से क्षुब्ध होकर धर्मेंद्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। रुपईडीहा थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक राव ने बताया कि परिवारीजनों व ग्रामीणों की तहरीर पर धर्मेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
धर्मेंद्र को थी नशे की लत
प्रभारी निरीक्षक आलोक राव ने बताया कि मामले की जांच की गई है। सावित्री के छोटे पुत्र जितेंद्र ने बताया कि उसका बड़ा भाई धर्मेंद्र नशे का आदी था। इसके कारण अक्सर उसकी पैसे को लेकर मां से नोकझोंक होती थी। वह मां को डांट डपटकर पैसा ले लेता था। शनिवार को मां के पास पैसा नहीं था। उसने नशे की हालत में मां पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
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रुपईडीहा थाना क्षेत्र के विशुनापुर बिजलीपुर गांव निवासी सावित्री देवी (47) पत्नी अमिरका प्रसाद से उसके बड़े बेटे धर्मेंद्र ने शनिवार को 100 रुपये की मांग की थी। मां के पास पैसे नहीं थे। इसलिए उसने देने से मना कर दिया था। इस पर बेटे ने पास में पड़ी हंसिया से मां की पीठ पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया था।
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इसके बाद से धर्मेंद्र फरार हो गया। चीख पुकार सुनकर सावित्री के छोटे बेटे जीतेंद्र ने उसे पीएचसी बाबागंज पहुंचाया। वहां से सीएचसी नानपारा पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात जिला अस्पताल पहुंचते ही महिला ने दम तोड़ दिया।
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फरार धर्मेंद्र का शव सुबह गांव के बाहर पेड़ पर लटकता हुआ मिला। आशंका है कि मां की मौत से क्षुब्ध होकर धर्मेंद्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। रुपईडीहा थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक राव ने बताया कि परिवारीजनों व ग्रामीणों की तहरीर पर धर्मेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
धर्मेंद्र को थी नशे की लत
प्रभारी निरीक्षक आलोक राव ने बताया कि मामले की जांच की गई है। सावित्री के छोटे पुत्र जितेंद्र ने बताया कि उसका बड़ा भाई धर्मेंद्र नशे का आदी था। इसके कारण अक्सर उसकी पैसे को लेकर मां से नोकझोंक होती थी। वह मां को डांट डपटकर पैसा ले लेता था। शनिवार को मां के पास पैसा नहीं था। उसने नशे की हालत में मां पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।