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भाजपा के सेक्टर प्रमुख की हत्या, प्रदर्शन
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भाजपा नेता की हत्या, शव नहर के किनारे फेंका
रानीपुर (बहराइच)। पंचायत चुनाव की रंजिश में भाजपा नेता की हत्या कर शव को नहर के किनारे फेंक दिया गया। घटना सोमवार रात की है।
मंगलवार सुबह पुलिस हत्या को दुर्घटना बताने पर अड़ी रही। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने आननफानन में हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
अपर पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का मुआयना कर शीघ्र ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
रानीपुर थाना अंतर्गत मोगलहा गांव निवासी पवन जायसवाल (35) पुत्र रामजी जायसवाल भाजपा के सक्रिय पदाधिकारी थे। हाल ही में उन्हें मोगलहा सेक्टर का प्रमुख बनाया गया था।
पवन पंचायत की राजनीति में अरसे से सक्रिय थे। वह तीन बार पंचायत का चुनाव लड़ चुके थे। पिछले पंचायत चुनाव में वे महज 16 मतों से पराजित हुए थे।
इस बार फिर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। इस कारण क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वी उनसे रंजिश रखते थे। पवन की मां सुमित्रा देवी ने बताया कि सोमवार देर शाम को गांव निवासी रामकुमार सिंह, अशोक सिंह और मेराज अली उनकी दुकान पर आए।
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पंचायत चुनाव में पूरी मदद करने का आश्वासन देकर बातचीत करते हुए दुकान से बुला ले गए। इसके बाद से पवन घर नहीं पहुंचा।
सुमित्रा का कहना है कि मोगलहा गांव के अलावा एक मकान कोतवाली देहात अंतर्गत कटी तिराहा पर स्थित है। मकान में पवन की पत्नी ने फोन कर पति के देर रात तक न पहुंचने की सूचना दी।
तब खोजबीन शुरू हुई। देर रात पवन का शव रानीपुरवा नहर के निकट मिला। उनकी स्कूटी खड्ड में पड़ी थी। शरीर पर चोटों के निशान थे, जिससे पीटकर हत्या की आशंका है।
मां सुमित्रा ने कहा कि पवन के पास दुकान की बिक्री के पैसे भी थे। जिसे हत्या आरोपियों ने लूट लिया। रात में ही घटना की सूचना रानीपुर थाने पर दी गई।
मौके पर थानाध्यक्ष शशिभूषण पांडेय पहुंचे। लेकिन वह हत्या को दुर्घटना बताने में अड़े हुए थे। इस पर गुस्सा गांव के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया।
मामले को तूल पकड़ता देख आननफानन में पुलिस ने मां सुमित्रा की तहरीर पर रामकुमार सिंह, अशोक सिंह और मेराज अली के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
खुलासे के लिए बनी तीन टीमें : एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र सिंह ने फॉरेंसिक टीम के साथ मंगलवार शाम को घटनास्थल का मुआयना किया। ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका बयान दर्ज किया।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही भाजपा नेता की हत्या के मामले से पर्दा उठाया जाएगा। इस मामले में तीन टीमें गठित की गई हैं।
घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल
पवन जायसवाल के पिता की मौत वर्ष 2017 में हुई थी। इसके बाद घर की पूरी जिम्मेदारी पवन के कंधे पर आ गई थी। वे मोगलहा गांव स्थित जनरल स्टोर की दुकान और आटा चक्की पर काम करते थे।
कोतवाली देहात अंतर्गत कटी तिराहे पर स्थित मकान में परिवार के साथ रहते थे। पवन की मौत के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां सुमित्रा की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं।
घर में मां के अलावा पवन का पुत्र गौरव (14), मयंक (5), पुत्री गरिमा (17) व पत्नी हैं। सभी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे।
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रानीपुर (बहराइच)। पंचायत चुनाव की रंजिश में भाजपा नेता की हत्या कर शव को नहर के किनारे फेंक दिया गया। घटना सोमवार रात की है।
मंगलवार सुबह पुलिस हत्या को दुर्घटना बताने पर अड़ी रही। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने आननफानन में हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
अपर पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का मुआयना कर शीघ्र ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
रानीपुर थाना अंतर्गत मोगलहा गांव निवासी पवन जायसवाल (35) पुत्र रामजी जायसवाल भाजपा के सक्रिय पदाधिकारी थे। हाल ही में उन्हें मोगलहा सेक्टर का प्रमुख बनाया गया था।
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पवन पंचायत की राजनीति में अरसे से सक्रिय थे। वह तीन बार पंचायत का चुनाव लड़ चुके थे। पिछले पंचायत चुनाव में वे महज 16 मतों से पराजित हुए थे।
इस बार फिर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। इस कारण क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वी उनसे रंजिश रखते थे। पवन की मां सुमित्रा देवी ने बताया कि सोमवार देर शाम को गांव निवासी रामकुमार सिंह, अशोक सिंह और मेराज अली उनकी दुकान पर आए।
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पंचायत चुनाव में पूरी मदद करने का आश्वासन देकर बातचीत करते हुए दुकान से बुला ले गए। इसके बाद से पवन घर नहीं पहुंचा।
सुमित्रा का कहना है कि मोगलहा गांव के अलावा एक मकान कोतवाली देहात अंतर्गत कटी तिराहा पर स्थित है। मकान में पवन की पत्नी ने फोन कर पति के देर रात तक न पहुंचने की सूचना दी।
तब खोजबीन शुरू हुई। देर रात पवन का शव रानीपुरवा नहर के निकट मिला। उनकी स्कूटी खड्ड में पड़ी थी। शरीर पर चोटों के निशान थे, जिससे पीटकर हत्या की आशंका है।
मां सुमित्रा ने कहा कि पवन के पास दुकान की बिक्री के पैसे भी थे। जिसे हत्या आरोपियों ने लूट लिया। रात में ही घटना की सूचना रानीपुर थाने पर दी गई।
मौके पर थानाध्यक्ष शशिभूषण पांडेय पहुंचे। लेकिन वह हत्या को दुर्घटना बताने में अड़े हुए थे। इस पर गुस्सा गांव के लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया।
मामले को तूल पकड़ता देख आननफानन में पुलिस ने मां सुमित्रा की तहरीर पर रामकुमार सिंह, अशोक सिंह और मेराज अली के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
खुलासे के लिए बनी तीन टीमें : एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र सिंह ने फॉरेंसिक टीम के साथ मंगलवार शाम को घटनास्थल का मुआयना किया। ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका बयान दर्ज किया।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही भाजपा नेता की हत्या के मामले से पर्दा उठाया जाएगा। इस मामले में तीन टीमें गठित की गई हैं।
घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल
पवन जायसवाल के पिता की मौत वर्ष 2017 में हुई थी। इसके बाद घर की पूरी जिम्मेदारी पवन के कंधे पर आ गई थी। वे मोगलहा गांव स्थित जनरल स्टोर की दुकान और आटा चक्की पर काम करते थे।
कोतवाली देहात अंतर्गत कटी तिराहे पर स्थित मकान में परिवार के साथ रहते थे। पवन की मौत के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां सुमित्रा की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं।
घर में मां के अलावा पवन का पुत्र गौरव (14), मयंक (5), पुत्री गरिमा (17) व पत्नी हैं। सभी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे।