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बाढ़ के चलते स्कूलों में मंद हुए ककहरे के स्वर

Wed, 02 Aug 2017 11:46 PM IST
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:46 PM IST
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बाढ़ के चलते स्कूलों में मंद हुए ककहरे के स्वर
बहराइच। बाढ़ की विभीषिका से महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्रों में जहां अफरा तफरी मची हुई है। वहीं बुनियादी शिक्षा भी बाढ़ के पानी में प्रभावित है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूलों में पानी भर गया है। जिसके चलते छात्र और शिक्षक दोनों ही स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। पठन-पाठन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। हालांकि तटबंध के किनारे स्थित स्कूल को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत छप्पर और सचिवालय के बरामदे में संचालित करने की कवायद शुरू हुई है। लेकिन स्कूलों में नामांकित सभी छात्र नहीं पहुंच पा रहे। जिससे ककहरे के स्वर मंद हैं।
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जिले में तीन दिन से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। उफनाई घाघरा का जलस्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है। अब तक खतरे के निशान से घाघरा नदी 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिसके चलते महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र की एक लाख की आबादी बाढ़ की चपेट में है। तटबंध के उस पार जो गांव स्थित हैं। उन गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में घुटनों भर बाढ़ का पानी भरा हुआ है। महसी के पिपरा, गोलागंज, कायमपुर समेत आधा दर्जन विद्यालय बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं कैसरगंज तहसील क्षेत्र के अहाता, नरपतपुर, मल्लाहनपुरवा, नासिरगंज, हंसरामपुरवा, बद्रीपुरवा, नयापुरवा, दमरीपुरवा आदि गांवों के विद्यालय बाढ़ की जद में हैं। जिसके चलते यहां पर ककहरे के स्वर मंद हो गए हैं। न तो छात्र स्कूल पहुंच पा रहे न ही शिक्षक जिसके चलते बुनियादी शिक्षा व्यवस्था बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। इस मामले में क्षेत्र के लोगों ने तहसील व जिला मुख्यालय पर सूचना भी दी है। लेकिन अब तक समुचित वैकल्पिक शिक्षा व्यवस्था के कोई उपाय नहीं हो सके हैं।
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दिक्कत के बाद भी कर रहे पढ़ाई
शिक्षक पंतलाल का कहना है कि बाढ़ के चलते काफी दिक्कतें हो रही हैं। समुचित संख्या में छात्र भी स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। फिर भी जिन छात्रों के परिवारीजन तटबंध पर आ गए हैं। उन्हें स्कूल में जाकर पढ़ाया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय सुकईपुर के प्रधानाध्यापक विद्यानंद व शिक्षक राजेश कुमार ने बताया कि दैवीय आपदा है। ऐसे में किसी का वश नहीं चल रहा। फिर भी छप्पर में स्कूल संचालित कर रहे हैं। बरसात होने पर गांव निवासी रामधीरज के मकान में स्कूल चलाते हैं।
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बाढ़ परिक्षेत्र के बाहर लग रहे स्कूल, नहीं बाधित है पढ़ाई
क्षेत्र के लगभग नौ विद्यालय बाढ़ की चपेट में हैं। इन विद्यालयों को तटबंध व इस पार संचालित करवाया जा रहा है। निरंतर नजर रखी जा रही है। मिडडेमील भी बन रहा है। पढ़ाई बाधित नहीं है। जिन छात्रों के परिवार बाढ़ में फंसे हैं। वही स्कूल नहीं पहुंच पा रहे। उनके बाढ़ से निकलने के बाद स्कूल में पढ़ाई के इंतजाम किए गए हैं।
-वीरेंद्र कुमार खंड शिक्षा अधिकारी
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