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चरस तस्कर को 10 साल का सश्रम कारावास
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 14 Dec 2015 10:18 PM IST
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बहराइच। चरस तस्करी के मामले में वर्ष 2009 में पकड़े गए रुपईडीहा निवासी युवक को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट ने सोमवार को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर आरोप सिद्ध युवक को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
रुपईडीहा थाने की पुलिस ने 21 दिसंबर 2009 को रेलवे स्टेशन के निकट एक युवक को नेपाली चरस के साथ पकड़ा था। युवक की पहचान रुपईडीहा थाना अंतर्गत गोड़ियन टोला कस्बा रुपईडीहा निवासी इम्तियाज अली पुत्र बरकत अली के रूप में हुई थी।
तलाशी के दौरान इम्तियाज के कब्जे से एक किलो ग्राम चरस बरामद हुई थी, जिसे सीज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया था। इस मामले की सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट सुरेशचंद्र भारती के न्यायालय पर सुनवाई हुई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह और बचाव पक्ष के वकील ने बहस की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश सुरेशचंद्र भारती ने इम्तियाज अली को चरस तस्करी के मामले में 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
एक लाख रुपये जुर्माने से भी दंडित किया है। अपर सत्र न्यायाधीश ने जेल में बिताई गई सजा को भी समायोजित करने का निर्देश दिया है।
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रुपईडीहा थाने की पुलिस ने 21 दिसंबर 2009 को रेलवे स्टेशन के निकट एक युवक को नेपाली चरस के साथ पकड़ा था। युवक की पहचान रुपईडीहा थाना अंतर्गत गोड़ियन टोला कस्बा रुपईडीहा निवासी इम्तियाज अली पुत्र बरकत अली के रूप में हुई थी।
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तलाशी के दौरान इम्तियाज के कब्जे से एक किलो ग्राम चरस बरामद हुई थी, जिसे सीज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया था। इस मामले की सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट सुरेशचंद्र भारती के न्यायालय पर सुनवाई हुई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह और बचाव पक्ष के वकील ने बहस की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश सुरेशचंद्र भारती ने इम्तियाज अली को चरस तस्करी के मामले में 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
एक लाख रुपये जुर्माने से भी दंडित किया है। अपर सत्र न्यायाधीश ने जेल में बिताई गई सजा को भी समायोजित करने का निर्देश दिया है।