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Bahraich News: शौचालय आवेदन में भी भ्रष्टाचार, 44 प्रतिशत आवेदन फर्जी

Thu, 08 Jun 2023 10:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Thu, 08 Jun 2023 10:45 PM IST
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Corruption in toilet
बहराइच। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की अलख जगाने के लिए सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय का निर्माण करवाया जा रहा है। ग्रामीण स्वच्छता को समर्पित इस महत्वपूर्ण योजना में अनियमितता व भ्रष्टाचार का खेल भी जमकर हो रहा है। जिसकी एक बानगी शौचालयों के लिए किए गए आवेदन में देखने को मिली। नवागत डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी द्वारा करवाए गए सत्यापन में 44 प्रतिशत आवेदन फर्जी पाए गए हैं। इसके बाद इसकी जांच शुरू की गई है।
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ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए भारत सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय के लिए लगातार आवेदन लिए जा रहे हैं। उनके निर्माण के लिए बजट दिया जा रहा है। इस योजना का जमकर दुरुपयोग भी हो रहा है। सरकारी धन की बंदरबांट भी जमकर हो रही है। जिसका खुलासा नवागत डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी की ओर से करवाए गए आवेदनों के सत्यापन में देखने को मिला।
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डीपीआरओ की ओर से 2022 से अब तक प्राप्त आवेदनों में से 25000 आवेदनों का सत्यापन करवाया गया है, जिसमें से 11 हजार आवेदन फर्जी पाए गए हैं। उन्हें रद्द कर दिया गया है। योजना के लिए 2022 से अब तक 1, 37, 711 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसमें भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन पोर्टल पर लगभग 69,042 और पंचायती राज विभाग के पोर्टल पर 68,669 आवेदन मिले हैं। जिसमें फौरी तौर पर 25 हजार आवेदनों की जांच करवाई गई थी।
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फर्जी आवेदन मिलने के बाद बनवाए गए कई प्रारूप
शौचालय आवेदन में 44 प्रतिशत फर्जी आवेदन मिलने के बाद डीपीआरओ की ओर से जांच के लिए कई प्रारूप तैयार करवाए गए हैं। उन्होंने वृहद स्तर पर सभी आवेदनों की जांच शुरू करवाई है। जिसके तहत पंचायत स्तर से लेकर, बीडीओ स्तर तक आवेदनों की जांच होगी और सभी के हस्ताक्षर के बाद आवेदन अप्रूव होगा।

कई सचिव व प्रधानों के गठजोड़ की चर्चाएं तेज
शौचालय आवेदन की प्रथम जांच में करवाए गए कुछ आवेदनों में ही मिले भारी भरकम फर्जीवाड़े के बाद जिम्मेदारों की मिलीभगत की चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो आवेदनों में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा एक परिवार से कई आवेदन करवाने व एक ही व्यक्ति के दोबारा आवेदन करवाने का सामने आया है। जिसमें कुछ सचिवों व प्रधानों द्वारा मिलीभगत कर आवेदन करवाने की बात भी सामने आ रही है।


कई पर दर्ज हो चुका है केस, जेल भी गए
स्वच्छता के लिए महत्वपूर्ण इस योजना में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है। इससे पूर्व साल 2020 में मिहींपुरवा तहसील के ग्राम पंचायत गोपिया में भारी अनियमितता मिली थी। जिसमें तत्कालीन ग्राम प्रधान को जेल तक जाना पड़ा था। बलहा विकासखंड के ग्राम पंचायत राजापुर कला व गुलरिहा जगतापुर में लगभग 300 शौचालय के निर्माण में अनियमितता मिली थी। जिस पर तत्कालीन एडीओ पंचायत महेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रधानों व सचिवों पर मुकदमा दर्ज करवाया था। इसी तरह कई अन्य स्थानों पर मिली अनियमितता में भी कार्यवार्र हो चुकी है।
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