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याद रहे... जंग अभी बाकी है
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22 बीएचआर 07 - बहराइच में सोमवार को बाजार में चहल-पहल व भीड़-भाड़।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। एक साल का सफर कई मायनों में अहम होता है। साल भर में एक दिन ऐसा भी होता है, जिसको शायद हम जीवन में कभी भी नहीं भूल पाते। ऐसी ही तारीख है 22 मार्च, 2020। इसी दिन कोरोना को मात देने के लिए प्रधानमंत्री ने जनता कर्फ्यू की अपील की थी। उद्देश्य था लोगों की सुरक्षा। इसके बाद उठाए गए कदम कारगर साबित हुए, लेकिन बीमारी अब भी आसपास भटक रही है। बस जरूरत है तो सावधानी और एहतियात की।
ठीक एक साल पहले। तारीख 22 मार्च और समय शाम पांच बजे। देश में पनप रहे कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर देशवासियों ने अपने-अपने घरों से कोरोना को भगाने व वारियर्स के सम्मान में थाली व बर्तन बजाए थे। साल बीत गया, लेकिन बीमारी अब भी पूरी तरह से नहीं गई है। लोग लापरवाही बरत रहे हैं। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र। चौराहा हो या गली। हर जगह लोग बेपरवाह नजर आ रहे हैं। आज भी बाजार में बिना मास्क के लोग घूम रहे हैं और जमकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं। याद रहे जंग अभी बाकी है।
अगर लापरवाही लगातार बढ़ती गई तो पुराने साल के दिन फिर से देखने पड़ सकते हैं। शहर का घंटाघर बाजार हो या फिर सब्जी मंडी। हर जगह बस पुराना ढर्रा और सबसे पहले काम कराने की होड़ मची हुई है। बस साल बीता है, लेकिन बीमारी खत्म नहीं हुई है। देश के मुंबई व केरल समेत अन्य राज्यों में बढ़ रहे कोरोना के केस एक बार फिर खतरे का संकेत दे रहे हैं। राजस्थान समेत कई राज्यों में नाईट कर्फ्यू भी लगा दिया गया है। उसका कारण सिर्फ बीमारी के प्रति लोगों की लापरवाही है। सीएमओ का कहना है कि बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच की जा रही है।
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साल 2020 में 10 मार्च को होली थी। लोगों ने त्योहार की खुशियां मनाकर उसके बाद लॉकडाउन का दर्द झेला था, लेकिन इस बार होली का पर्व 29 मार्च को है और लोग त्योहार मनाने के लिए बाहर से अपने गांव आ रहे है। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है। जरूरत है नियमों के पालन की।
बाहर से आ रहे लोगों व बढ़ रहे कोरोना मरीजों को देखते हुए जांच लगातार की जा रही है। कोरोना पॉजिटिव आने वाले मरीजों को होम आइसोलेट किया जा रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में मरीज का इलाज किया जा रहा है। लोगों से नियमों का पालन करने की अपील भी की जा रही है।
डॉ. राजेशमोहन श्रीवास्तव, सीएमओ
कोरोना पॉजीटिव की संख्या- 11
एंटीजन जांच - 900
आरटीपीसीआर जांच - 482
ट्रू नॉट जांच - 250
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ठीक एक साल पहले। तारीख 22 मार्च और समय शाम पांच बजे। देश में पनप रहे कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर देशवासियों ने अपने-अपने घरों से कोरोना को भगाने व वारियर्स के सम्मान में थाली व बर्तन बजाए थे। साल बीत गया, लेकिन बीमारी अब भी पूरी तरह से नहीं गई है। लोग लापरवाही बरत रहे हैं। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र। चौराहा हो या गली। हर जगह लोग बेपरवाह नजर आ रहे हैं। आज भी बाजार में बिना मास्क के लोग घूम रहे हैं और जमकर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं। याद रहे जंग अभी बाकी है।
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अगर लापरवाही लगातार बढ़ती गई तो पुराने साल के दिन फिर से देखने पड़ सकते हैं। शहर का घंटाघर बाजार हो या फिर सब्जी मंडी। हर जगह बस पुराना ढर्रा और सबसे पहले काम कराने की होड़ मची हुई है। बस साल बीता है, लेकिन बीमारी खत्म नहीं हुई है। देश के मुंबई व केरल समेत अन्य राज्यों में बढ़ रहे कोरोना के केस एक बार फिर खतरे का संकेत दे रहे हैं। राजस्थान समेत कई राज्यों में नाईट कर्फ्यू भी लगा दिया गया है। उसका कारण सिर्फ बीमारी के प्रति लोगों की लापरवाही है। सीएमओ का कहना है कि बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच की जा रही है।
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साल 2020 में 10 मार्च को होली थी। लोगों ने त्योहार की खुशियां मनाकर उसके बाद लॉकडाउन का दर्द झेला था, लेकिन इस बार होली का पर्व 29 मार्च को है और लोग त्योहार मनाने के लिए बाहर से अपने गांव आ रहे है। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है। जरूरत है नियमों के पालन की।
बाहर से आ रहे लोगों व बढ़ रहे कोरोना मरीजों को देखते हुए जांच लगातार की जा रही है। कोरोना पॉजिटिव आने वाले मरीजों को होम आइसोलेट किया जा रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में मरीज का इलाज किया जा रहा है। लोगों से नियमों का पालन करने की अपील भी की जा रही है।
डॉ. राजेशमोहन श्रीवास्तव, सीएमओ
कोरोना पॉजीटिव की संख्या- 11
एंटीजन जांच - 900
आरटीपीसीआर जांच - 482
ट्रू नॉट जांच - 250