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हड़ताल से आम आदमी बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 02 Sep 2015 10:11 PM IST
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बहराइच। न्यूनतम वेतन कानून, ठेका पट्टा व केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीति के खिलाफ बुधवार को जिले में ट्रेड यूनियन के बैनर तले हड़ताल रही।
हड़ताल के चलते सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों ने जहां काम नहीं किया, वहीं स्कूलों में शिक्षकों के हड़ताल पर होने से पठन-पाठन भी प्रभावित रहा। बैंकों में तालाबंदी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं।
रोडवेज बसों के पहिये थमे रहे जिससे लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतें उठानी पड़ीं। टैंपो यूनियन की हड़ताल से शहर के लोगों को आवागमन में असुविधा हुई।
रोडवेज और बैंकों की पूर्णतया हड़ताल के चलते जिले में लगभग 1.70 अरब का नुकसान हुआ है। विकास कार्य भी प्रभावित हुए हैं।
बैंकों में डेढ़ अरब का कारोबार प्रभावित
बहराइच। जिले के सभी 205 बैंक शाखाओं में पूर्णतया बंदी रही। भारतीय जीवन बीमा निगम के कार्यालय भी बंद रहे। बैंकों व एलआईसी की हड़ताल के चलते लेनदेन का ठप रहा। लगभग डेढ़ अरब का कारोबार प्रभावित हुआ है।
यूपी बैंक इंप्लाई यूनियन के अध्यक्ष दिनेश कुमार व मंत्री कृष्णकांत अवस्थी की अगुवाई में बैंक कर्मी डिगिहा स्थित ओरियंटल बैंक आफ कामर्स शाखा पर इकट्ठा हुए। यहा सभी ने श्रमिक नीति का विरोध करते हुए जुलूस निकाला।
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ठेके पर काम लेने की प्रथा बंद करने पर आवाज उठाई गई। सभा के बाद यहां से जुलूस निकला, जो छावनी होते हुए घंटाघर पहुंचा। यहां फिर से सभा हुई। इसके बाद जुलूस इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा पहुंचकर खत्म हुआ।
ऑल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के इकाई सचिव बुलंद मोहम्मद एकरामा की अगुवाई में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कार्यालय में तालाबंदी कर सभी ने कार्यालय के सामने धरना दिया। इस दौरान अध्यक्ष कामरेड मनीष कुमार, रमेश तिवारी, राजेश मित्तल, कृष्ण सुमन, अमरनाथ, योगेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।
बसों के पहिये थमे, आठ लाख की लगी चपत
रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल के विरोध में रोडवेज कर्मी भी हड़ताल पर रहे। सुबह से शाम चार बजे तक एक भी बस का संचालन रोडवेज से नहीं हुआ। बहराइच डिपो की सभी 72 बसें डिपो में ही खड़ी रहीं। इसके चलते लखनऊ, फैजाबाद, कानपुर जाने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष बीडी मिश्रा, मंत्री नंदलाल शर्मा, शमशुद्दीन, हसन असगरी, साबिद खां, केसी ओझा आदि ने सभा कर बिल वापस न लेने पर आंदोलन को और वृहद करने की चेतावनी दी।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक अवधेश पाल ने बताया कि बसों की हड़ताल के चलते बहराइच डिपो को आठ लाख की चपत लगी है। उन्होंने कहा कि शाम चार बजे के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म की तब सेवाएं बहाल हो सकीं।
10 किलोमीटर का 40 से 50 रुपये किया अदा
ऑटो रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश श्रीवास्तव की अगुवाई में रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल के विरोध में शहर में ऑटो का संचालन नहीं हुआ। इससे लोगों को आसपास के क्षेत्रों में जाने में खूब पसीने छूटे।
फखरपुर, चिलवरिया, कैसरगंज जाने के लिए यात्रियों को निजी वाहनों ने जमकर ठगा। 10 किलोमीटर की दूरी के लिए 40 से 50 रुपये तक का किराया अदा करना पड़ा, जबकि लखनऊ पहुंचने के लिए 200 से 250 रुपये तक टैक्सी चालकों ने वसूले।
यात्री राजेश कुमार, जमील और सियाराम ने बताया कि हड़ताल के चलते काफी दिक्कतें हुई हैं। सरकार को इस मामले में वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
झिंगहाघाट के निकट टैंपों के एकसाथ खड़े हो जाने से चक्काजाम की भी स्थिति बनी रही। इस दौरान शब्बीर, इमरान, रौरा, एजाज अली, वसी अहमद, मनोज जायसवाल आदि मौजूद रहे। डीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया।
राज्यकर्मियों और शिक्षकों ने नारेबाजी कर किया प्रदर्शन
देशव्यापी हड़ताल के तहत उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले कर्मचारी और शिक्षक कलेक्ट्रेट में इकट्ठा हुए। यहां सभा की अध्यक्षता समन्वय समिति के संयोजक घनश्याम ने की, जबकि संचालन महासंघ के अध्यक्ष आद्याशंकर सिंह ने किया।
सभी ने श्रमिक विरोधी नीति का विरोध करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। कर्मचारी और शिक्षकों के सभा और हड़ताल के चलते विकास भवन, कलेक्ट्रेट में कामकाज ठप रहा।
स्कूलों में भी पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित हुई। सभा को रूपेश जैन, आनंद पाठक, विजय उपाध्याय, पवन तिवारी, दिनेश यादव, सिद्धनाथ, फुलेराज यादव, दिनेश सिंह, अमृतलाल आदि ने संबोधित किया।
इसके बाद 14 सूत्री ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। वहीं, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनरायन गुट के जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार तिवारी व महामंत्री डॉ. राजेश ने भी कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
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हड़ताल के चलते सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों ने जहां काम नहीं किया, वहीं स्कूलों में शिक्षकों के हड़ताल पर होने से पठन-पाठन भी प्रभावित रहा। बैंकों में तालाबंदी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं।
रोडवेज बसों के पहिये थमे रहे जिससे लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतें उठानी पड़ीं। टैंपो यूनियन की हड़ताल से शहर के लोगों को आवागमन में असुविधा हुई।
रोडवेज और बैंकों की पूर्णतया हड़ताल के चलते जिले में लगभग 1.70 अरब का नुकसान हुआ है। विकास कार्य भी प्रभावित हुए हैं।
बैंकों में डेढ़ अरब का कारोबार प्रभावित
बहराइच। जिले के सभी 205 बैंक शाखाओं में पूर्णतया बंदी रही। भारतीय जीवन बीमा निगम के कार्यालय भी बंद रहे। बैंकों व एलआईसी की हड़ताल के चलते लेनदेन का ठप रहा। लगभग डेढ़ अरब का कारोबार प्रभावित हुआ है।
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यूपी बैंक इंप्लाई यूनियन के अध्यक्ष दिनेश कुमार व मंत्री कृष्णकांत अवस्थी की अगुवाई में बैंक कर्मी डिगिहा स्थित ओरियंटल बैंक आफ कामर्स शाखा पर इकट्ठा हुए। यहा सभी ने श्रमिक नीति का विरोध करते हुए जुलूस निकाला।
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ठेके पर काम लेने की प्रथा बंद करने पर आवाज उठाई गई। सभा के बाद यहां से जुलूस निकला, जो छावनी होते हुए घंटाघर पहुंचा। यहां फिर से सभा हुई। इसके बाद जुलूस इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा पहुंचकर खत्म हुआ।
ऑल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के इकाई सचिव बुलंद मोहम्मद एकरामा की अगुवाई में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कार्यालय में तालाबंदी कर सभी ने कार्यालय के सामने धरना दिया। इस दौरान अध्यक्ष कामरेड मनीष कुमार, रमेश तिवारी, राजेश मित्तल, कृष्ण सुमन, अमरनाथ, योगेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।
बसों के पहिये थमे, आठ लाख की लगी चपत
रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल के विरोध में रोडवेज कर्मी भी हड़ताल पर रहे। सुबह से शाम चार बजे तक एक भी बस का संचालन रोडवेज से नहीं हुआ। बहराइच डिपो की सभी 72 बसें डिपो में ही खड़ी रहीं। इसके चलते लखनऊ, फैजाबाद, कानपुर जाने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष बीडी मिश्रा, मंत्री नंदलाल शर्मा, शमशुद्दीन, हसन असगरी, साबिद खां, केसी ओझा आदि ने सभा कर बिल वापस न लेने पर आंदोलन को और वृहद करने की चेतावनी दी।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक अवधेश पाल ने बताया कि बसों की हड़ताल के चलते बहराइच डिपो को आठ लाख की चपत लगी है। उन्होंने कहा कि शाम चार बजे के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म की तब सेवाएं बहाल हो सकीं।
10 किलोमीटर का 40 से 50 रुपये किया अदा
ऑटो रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश श्रीवास्तव की अगुवाई में रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल के विरोध में शहर में ऑटो का संचालन नहीं हुआ। इससे लोगों को आसपास के क्षेत्रों में जाने में खूब पसीने छूटे।
फखरपुर, चिलवरिया, कैसरगंज जाने के लिए यात्रियों को निजी वाहनों ने जमकर ठगा। 10 किलोमीटर की दूरी के लिए 40 से 50 रुपये तक का किराया अदा करना पड़ा, जबकि लखनऊ पहुंचने के लिए 200 से 250 रुपये तक टैक्सी चालकों ने वसूले।
यात्री राजेश कुमार, जमील और सियाराम ने बताया कि हड़ताल के चलते काफी दिक्कतें हुई हैं। सरकार को इस मामले में वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
झिंगहाघाट के निकट टैंपों के एकसाथ खड़े हो जाने से चक्काजाम की भी स्थिति बनी रही। इस दौरान शब्बीर, इमरान, रौरा, एजाज अली, वसी अहमद, मनोज जायसवाल आदि मौजूद रहे। डीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया।
राज्यकर्मियों और शिक्षकों ने नारेबाजी कर किया प्रदर्शन
देशव्यापी हड़ताल के तहत उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले कर्मचारी और शिक्षक कलेक्ट्रेट में इकट्ठा हुए। यहां सभा की अध्यक्षता समन्वय समिति के संयोजक घनश्याम ने की, जबकि संचालन महासंघ के अध्यक्ष आद्याशंकर सिंह ने किया।
सभी ने श्रमिक विरोधी नीति का विरोध करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। कर्मचारी और शिक्षकों के सभा और हड़ताल के चलते विकास भवन, कलेक्ट्रेट में कामकाज ठप रहा।
स्कूलों में भी पठन-पाठन व्यवस्था प्रभावित हुई। सभा को रूपेश जैन, आनंद पाठक, विजय उपाध्याय, पवन तिवारी, दिनेश यादव, सिद्धनाथ, फुलेराज यादव, दिनेश सिंह, अमृतलाल आदि ने संबोधित किया।
इसके बाद 14 सूत्री ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। वहीं, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ चेतनरायन गुट के जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार तिवारी व महामंत्री डॉ. राजेश ने भी कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।