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घाटों पर नहीं कराई गई सफाई
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बहराइच में सरयू तट पर फैली गंदगी।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। मकर संक्रांति का पर्व बुधवार को जिले में परंपरागत तरीके से मनाया जाएगा। पर्व पर लोग नदी के तटों पर स्नान कर पूजन-अर्चन करते हैं। मगर नदी के तटों की सफाई का कार्य प्रशासन ने अभी तक नहीं कराया है। नदी के किनारे घाट जलकुंभी और सेवार से पटे पड़े हैं। यहां चारो तरफ कूड़े का ढेर लगा हुआ है। ऐसे में लोगों को गंदगी के बीच ही परंपरा का निर्वहन करना पड़ेगा। घाटों पर गंदगी पसरी होने से लोगों को स्नान के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को पड़ रहा है। मकर संक्रांति के पर्व पर नदी में स्नान कर दान-पुण्य करने की परंपरा है। परिवार में सुख समृद्धि की कामना के साथ ही मकर राशि में प्रवेश कर रहे सूर्य को नमन करने के लिए नदी के घाटों पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। शहर के नानपारा रोड स्थित सरयू नदी के झिंगहाघाट और लखनऊ रोड स्थित मरीमाता मंदिर के गोलवाघाट के तट पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटती है।
सुबह से ही नदी में स्नान का सिलसिला शुरू हो जाता है। नदी में स्नान करने के बाद मंदिर में लोग पूजा-अर्चना भी करते हैं, मगर इस बार प्रशासन की ओर से नदी के घाटों की सफाई नहीं कराई गई है। जलकुंभी और सेवार से नदी पटी हुई है। नदी की सफाई न होने के कारण तट के आसपास कूड़े के ढेर भी दिखाई पड़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को गंदगी के बीच ही परंपरा का निर्वहन करना पड़ेगा।
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वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के गायघाट स्थित सरयू तट, जालिमनगर के सरयू तट, हुजूरपुर के भग्गड़वा, चिलवरिया के चित्तौरा झील आदि तटों पर भी स्नान करने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। प्रशासन की ओर से नदी के तटों पर लगने वाले मेले को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से गोताखोरों को तैनात किए जाने का दावा किया जा रहा है, मगर नदी के तट की सफाई के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
लगाए जाएंगे सफाई कर्मी
मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को है। 14 जनवरी को घाटों पर सफाई कर्मियों की टीम लगाई जाएगी। पूजन-अर्चन के लिए स्नान करने वाले स्थान की अच्छी तरीके से सफाई का कार्य सफाई नायकों को सौंपा जा रहा है।
- पवन कुमार, ईओ नपाप बहराइच
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मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को पड़ रहा है। मकर संक्रांति के पर्व पर नदी में स्नान कर दान-पुण्य करने की परंपरा है। परिवार में सुख समृद्धि की कामना के साथ ही मकर राशि में प्रवेश कर रहे सूर्य को नमन करने के लिए नदी के घाटों पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। शहर के नानपारा रोड स्थित सरयू नदी के झिंगहाघाट और लखनऊ रोड स्थित मरीमाता मंदिर के गोलवाघाट के तट पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटती है।
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सुबह से ही नदी में स्नान का सिलसिला शुरू हो जाता है। नदी में स्नान करने के बाद मंदिर में लोग पूजा-अर्चना भी करते हैं, मगर इस बार प्रशासन की ओर से नदी के घाटों की सफाई नहीं कराई गई है। जलकुंभी और सेवार से नदी पटी हुई है। नदी की सफाई न होने के कारण तट के आसपास कूड़े के ढेर भी दिखाई पड़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को गंदगी के बीच ही परंपरा का निर्वहन करना पड़ेगा।
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वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के गायघाट स्थित सरयू तट, जालिमनगर के सरयू तट, हुजूरपुर के भग्गड़वा, चिलवरिया के चित्तौरा झील आदि तटों पर भी स्नान करने के लिए सैकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। प्रशासन की ओर से नदी के तटों पर लगने वाले मेले को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से गोताखोरों को तैनात किए जाने का दावा किया जा रहा है, मगर नदी के तट की सफाई के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
लगाए जाएंगे सफाई कर्मी
मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को है। 14 जनवरी को घाटों पर सफाई कर्मियों की टीम लगाई जाएगी। पूजन-अर्चन के लिए स्नान करने वाले स्थान की अच्छी तरीके से सफाई का कार्य सफाई नायकों को सौंपा जा रहा है।
- पवन कुमार, ईओ नपाप बहराइच