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जल निगम में एई की नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी
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बहराइच। देहात कोतवाली में ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ है। एक ठग ने अपने दोस्त को जल निगम में सहायक अभियंता बनाने के लिए रिश्वत के रूप में तीन लाख 40 हजार रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया। दोस्त जब नियुक्ति-पत्र लेकर ज्वॉइन करने के लिए बलरामपुर के अधिशासी अभियंता के दफ्तर में पहुंचा तो उन्होंने नियुक्ति-पत्र को फर्जी बताते हुए वापस भेज दिया। पीड़ित ने दोस्त के खिलाफ देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
मामले के मुताबिक पीड़ित गौरव श्रीवास्तव पुत्र विनोद कुमार श्रीवास्तव ने दी गई तहरीर में बताया कि अवधेश कुमार मिश्रा उर्फ दीपू मिश्रा निवासी सतनामी पुरवा, पूरे ठाकुर बाबागंज, श्रीनगर थाना धानेपुर जिला गोंडा मेरा दोस्त है। उसने जल निगम में सहायक अभियंता की नौकरी लगवाने के लिए नौ माह पूर्व तीन लाख 40 हजार रुपये लिये थे।
सभी रुपये मैंने आरटीजीएस के माध्यम से दिए थे। रुपये देने के बाद जब गौरव ने अवधेश से नियुक्ति-पत्र मांगा तो कुछ समय बाद उसे नियुक्ति-पत्र दे दिया गया। नियुक्ति-पत्र लेकर वह खुशी-खुशी बलरामपुर जल निगम कार्यालय में ज्वॉइन करने पहुंचा। उस दौरान वहां अधिशासी अभियंता नियुक्ति-पत्र देखकर चकित रह गए। उन्होंने तत्काल बताया कि तुम्हारे साथ जालसाजी हुई है, यह नियुक्ति-पत्र फर्जी है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अवधेश कुमार मिश्र और दयाराम के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज किया है।
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मामले के मुताबिक पीड़ित गौरव श्रीवास्तव पुत्र विनोद कुमार श्रीवास्तव ने दी गई तहरीर में बताया कि अवधेश कुमार मिश्रा उर्फ दीपू मिश्रा निवासी सतनामी पुरवा, पूरे ठाकुर बाबागंज, श्रीनगर थाना धानेपुर जिला गोंडा मेरा दोस्त है। उसने जल निगम में सहायक अभियंता की नौकरी लगवाने के लिए नौ माह पूर्व तीन लाख 40 हजार रुपये लिये थे।
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सभी रुपये मैंने आरटीजीएस के माध्यम से दिए थे। रुपये देने के बाद जब गौरव ने अवधेश से नियुक्ति-पत्र मांगा तो कुछ समय बाद उसे नियुक्ति-पत्र दे दिया गया। नियुक्ति-पत्र लेकर वह खुशी-खुशी बलरामपुर जल निगम कार्यालय में ज्वॉइन करने पहुंचा। उस दौरान वहां अधिशासी अभियंता नियुक्ति-पत्र देखकर चकित रह गए। उन्होंने तत्काल बताया कि तुम्हारे साथ जालसाजी हुई है, यह नियुक्ति-पत्र फर्जी है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अवधेश कुमार मिश्र और दयाराम के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज किया है।
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