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मासूमों पर मानव तस्करों की नजर

Wed, 17 Jun 2015 10:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Wed, 17 Jun 2015 10:21 PM IST
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गली-मोहल्ले में अठखेलियां करने वाले बच्चों की मासूमियत पर मानव तस्करों की नजर लगी है। जिले में 17 मानव तस्कर सक्रिय हैं, जो नेपाल में आए भूकंप के बाद पीड़ित परिवारों के पलायन का फायदा उठा सकते हैं। बाल अधिकारों के लिए जिले में काम कर रही डेवलेपमेंट एसोसिएशन फॉर ह्यूमन एडवांसमेंट (देहात) देहात संस्था ने इन तस्करों के नाम व पूरी जानकारी एसपी नेहा पांडेय को सौंप दी है। प्रमुख सचिव गृह के आदेश के बाद सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन अलर्ट हो गया है। इंडो-नेपाल बार्डर पर खुफिया एजेंसियों ने भी जाल फैला दिए हैं।
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बहराइच में नेपाल-भारत की 110 किमी की खुली सीमा है। नेपाल में 25 अप्रैल को आए प्रलयकारी भूकंप के बाद बड़ी संख्या में बहराइच-नेपाल के सीमावर्ती इलाके में पीड़ितों का आना जारी है। पीड़ित परिवार रोजगार की तलाश बहराइच के जरिए लखनऊ, दिल्ली, मुंबई व अन्य शहरों में पलायन कर रहे हैं। पलायन का फायदा उठाने के लिए जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सक्रिय 17 मानव तस्कर सक्रिय हो उठे हैं। ये इलाज या फिर शरण दिलाने के बहाने नेपाल के लोगों को भारत लाकर बेच सकते हैं। खासकर महिलाओं और किशोरों को मानव-व्यापार का शिकार बनाए जाने की आशंका है। प्रमुख सचिव गृह ने भी नेपाल सीमा से सटे जिलों के अधिकारियों व खुफिया एजेंसियों को अलर्ट रहने की हिदायत दी है।
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इन क्षेत्रों में मिले तस्कर
जिले के अलग-अलग स्थानों से देहात संस्था ने 17 तस्करों की जानकारी जुटाई है। रामगांव थाना क्षेत्र में छह तस्कर हैं, जबकि गोंडा के चार, नानपारा में एक, रुपईडीहा में दो, मुर्तिहा में एक, दरगाह, खैरीघाट व छोटीबाजार में एक-एक मानव तस्करों के नाम सामने आए हैं। इन लोगों ने जिले के तमाम बच्चों को अन्य प्रांतों में ले जाकर बेचा है। मामला सामने आने के बाद इन तस्करों के खिलाफ संबंधित थानों में ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामले में केस भी दर्ज किया गया है।
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चाइल्ड लाइन ने मुक्त कराए 40 बच्चे
चाइल्ड लाइन के निदेशक डॉ. जितेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि श्रम प्रवर्तन विभाग महज कागजी कार्रवाई करता हैै। जरूरत पड़ने पर सहयोग नहीं करता है। बताया कि पिछले वर्ष कचहरी रोड से एक, कटी चौराहे से तीन, नेपाल के काठमांडू से सात, भग्गड़वा बाजार से छह और इंदौर से 16 बच्चे मुक्त कराए गए हैं। इसी तरह 16 जून को बस अड्डे से मुंबई ले जाए जा रहे दो बच्चों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया लेकिन तस्कर भाग निकले। अभी तक करीब 40 बच्चों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है।

बेबसी का फायदा उठाते हैं मानव तस्कर
डॉ जितेंद्र चतुर्वेदी का कहना है कि तस्कर गरीब परिवारों की बेबसी का फायदा उठाते हैं। नेपाल में भूकंप आने के बाद रोजगार की तलाश में पीड़ित परिवारों का पलायन शुरू हो गया है, इसलिए सीमा पर निगरानी जरूरी है।

एसएसबी के सहयोग से चल रहा अभियान
पुलिस अधीक्षक नेहा पांडेय ने कहा कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग को रोकने के लिए एसएसबी के सहयोग से सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। सीमा से जुड़े थानों को अलर्ट रहने के निर्देश हैं। संदिग्धों पर नजर पुलिस रख रही है।

शासन का मिला निर्देश आज करेंगे बैठक
देवीपाटन मंडल के कमिश्नर रवि प्रकाश अरोड़ा ने कहा कि शासन के निर्देश के तहत आज एसपी के साथ बैठक करेंगे। थानों को पहले ही अलर्ट किया जा चुका है लेकिन बैठक के बाद उन्हें अन्य जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे ताकि तस्करी पर अंकुश लग सके।
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