{"_id":"f3f67a2c2d678ecb6503b9d5377015aa","slug":"celebration-of-lohri-in-bahraich-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोहड़ी की लख-लख बधाइयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोहड़ी की लख-लख बधाइयां
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 13 Jan 2016 10:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। पंजाब की खुशबू और लोक संस्कृति से जुड़ा लोहड़ी पर्व बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। सिख, सिंधी व पंजाबी समुदाय के लोगों ने पीपल तिराहा व अस्पताल चौराहा स्थित गुरुद्वारे में सत्संग सभा कार्यक्रम का आयोजन किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में लोहड़ी पर्व की धूम रही। लोगों ने लोहड़ी जलाकर पूजा अर्चना की। ढोल-नगाड़ों की थाप पर भांगड़ा, गिद्दा कर लोहड़ी की बधाइयां दीं।
शहर के पीपल तिराहा स्थित गुरुद्वारा में सामूहिक रूप से लोहड़ी मनाई गई। रागी जत्थे ने शबद कीर्तन किया। अखंड पाठ का भी आयोजन किया गया।
इसी तरह अस्पताल चौराहा स्थित गुरुद्वारे में भी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आकर्षक रूप से दीवान सजाया गया। अखंड पाठ व शबद कीर्तन के बाद गुरुद्वारों में प्रसाद वितरित किया गया।
संगत को मूंगफली, रेवड़ी, गजक, तिल, मक्का बांटे गए। मटेरा, नानपारा, मिहींपुरवा आदि इलाकों में भी धूम रही।
पंजाबी समुदाय के घरों में और गुरुद्वारे के बाहर लोहड़ी जलाई गई। लोगों ने लोहड़ी की परिक्रमा की तथा अग्निदेव को तिल, मूंगफली, पॉपकॉर्न समेत अन्य अनाज समर्पित किए। अग्नि के चारों ओर ढोल बजाकर लोगों ने नृत्य किया तथा लोहड़ी से संबंधित लोक गीत भी गाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में लोहड़ी पर्व की धूम रही। लोगों ने लोहड़ी जलाकर पूजा अर्चना की। ढोल-नगाड़ों की थाप पर भांगड़ा, गिद्दा कर लोहड़ी की बधाइयां दीं।
शहर के पीपल तिराहा स्थित गुरुद्वारा में सामूहिक रूप से लोहड़ी मनाई गई। रागी जत्थे ने शबद कीर्तन किया। अखंड पाठ का भी आयोजन किया गया।
इसी तरह अस्पताल चौराहा स्थित गुरुद्वारे में भी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आकर्षक रूप से दीवान सजाया गया। अखंड पाठ व शबद कीर्तन के बाद गुरुद्वारों में प्रसाद वितरित किया गया।
विज्ञापन
संगत को मूंगफली, रेवड़ी, गजक, तिल, मक्का बांटे गए। मटेरा, नानपारा, मिहींपुरवा आदि इलाकों में भी धूम रही।
पंजाबी समुदाय के घरों में और गुरुद्वारे के बाहर लोहड़ी जलाई गई। लोगों ने लोहड़ी की परिक्रमा की तथा अग्निदेव को तिल, मूंगफली, पॉपकॉर्न समेत अन्य अनाज समर्पित किए। अग्नि के चारों ओर ढोल बजाकर लोगों ने नृत्य किया तथा लोहड़ी से संबंधित लोक गीत भी गाए गए।
विज्ञापन