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Bahraich News: बाढ़ के पानी में बही पुलिया, 20 हजार लोगों का आवागमन ठप
Sun, 04 Aug 2024 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 04 Aug 2024 01:06 AM IST
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शिवपुर के चौकसाहार में पुलिया बहने के बाद बल्ली के सहारे गुजरते ग्रामीण।
शिवपुर(बहराइच)। नेपाल के पहाड़ों पर हुई बारिश से शुक्रवार को अचानक सरयू का जलस्तर बढ़ गया और शाम को नदी उफाना गई। इससे शिवपुर विकासखंड के आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया और एक पुलिया बहाव में बह गई। इससे 30 मजरों के आवागमन का रास्ता ठप हो गया। शनिवार को ग्रामीण पुलिया के जगह बांस बल्ली से वैकल्पिक रास्ता बनाते दिखे। वहीं दुईजीपुरवा में तीन घर कटान के मुहाने पर आ गए, जिससे ग्रामीण घर छोड़ कर भाग गए।
नेपाल के पहाड़ों पर ही बारिश के चलते एक बार फिर सरयू उफान पर है। सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ा और सरयू ने कटान तेज कर दी है। शुक्रवार को शिवपुर विकासखंड के चार गांवों चौकसाहार, परागी बेली, पाठकपुरवा, गिरदा में सरयू का पानी घुस गया। हालांकि जितनी तेजी से पानी घुसा, उतनी ही तेजी से निकल गया। लेकिन इस बीच पानी के बहाव से चौकसाहार गांव को रामपुर-पिपरिया मार्ग से जोड़ने वाली पुलिया बह गई। इससे लगभग 30 मजरों के 20 हजार से अधिक लोगों का आवागमन ठप हो गया। पानी कम होने के बाद शनिवार को ग्रामीण बांस बल्ली के सहारे आवागमन के लिए मार्ग बनाते नजर आए।
ग्राम प्रधान रेखा यादव ने बताया कि आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था। इसके बाद ग्रामीण वैकल्पिक मार्ग बना रहे हैं। मार्ग बना रहे डॉ. राजेन्द्र यादव, संजय शर्मा, राम अचल वर्मा, संजय यादव आदि ने बताया कि दोनों छोरों के बीच बल्ली लगाकर उस पर बांस बिछाई जा रही है।
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कटान के डर से घर छोड़ भागे लोग
शिवपुर विकासखंड के ही ग्राम पंचायत बौंडी के मजरा दूजीपुरवा में भी सरयू कहर मचा रही है। शुक्रवार को कटान करते हुए नदी ने गांव निवासी अवधराम, राजकुमार व तालुकदार के घरों को कटान के जद में ले लिया। कटान के डर से ग्रामीण घर छोड़ कर भाग गए और अब खुद से अपना घर तोड़कर जरूरी सामान निकाल रहे हैं।
टिकुरी में पांच घर व 10 बीघा फसल नदी में समाए
महसी। तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत टिकुरी में बीते कई दिनों से सरयू कहर बरपा रही है। शनिवार को नदी ने 10 बीघे गन्ना व धान लगी जमीन को काट कर नदी में समाहित कर लिया। यही नहीं पांच घरों का भी कटान किया। गांव निवासी रामसागर, रामादेवी, गीता देवी, लालदेई व पूनम ने बताया कि नदी ने उनके घरों को काट लिया, जिससे वे खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। वहीं नदी में रामछबील, पप्पू, सुनीता, अरूण, सहजराम, मोहनी, शिवपुजन, मगनविहारी, बडकन, विजय कुमार, कल्लन, राकेश, मनोज आदि की 10 बीघा जमीन नदी में समा गई। यही नहीं गांव निवासी रामजस, राजिंदर, दिलीप, रमेश, नरेश, मनोज, कल्लू, पिंटू, पवन सहित लगभग एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों के घर और फसल लगे खेत नदी के मुहाने पर पहुंच गए हैं। इससे इन सभी में डर व दहशत है। बताते चलें कि नदी अब तक टिकुरी में 100 बीघे फसल लगी जमीन और 30 घरों को निगल चुकी है।
हर संभव की जाएगी मदद
प्रतिदिन कटान पीड़ितों का डाटा फीड कर शासन को भेजा रहा है। पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी। शुक्रवार को भी एडीएम गौरव रंजन श्रीवास्तव के साथ मौके जाकर कटान का निरीक्षण किया गया था। -अखिलेश कुमार सिंह, एसडीएम महसी
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नेपाल के पहाड़ों पर ही बारिश के चलते एक बार फिर सरयू उफान पर है। सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ा और सरयू ने कटान तेज कर दी है। शुक्रवार को शिवपुर विकासखंड के चार गांवों चौकसाहार, परागी बेली, पाठकपुरवा, गिरदा में सरयू का पानी घुस गया। हालांकि जितनी तेजी से पानी घुसा, उतनी ही तेजी से निकल गया। लेकिन इस बीच पानी के बहाव से चौकसाहार गांव को रामपुर-पिपरिया मार्ग से जोड़ने वाली पुलिया बह गई। इससे लगभग 30 मजरों के 20 हजार से अधिक लोगों का आवागमन ठप हो गया। पानी कम होने के बाद शनिवार को ग्रामीण बांस बल्ली के सहारे आवागमन के लिए मार्ग बनाते नजर आए।
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ग्राम प्रधान रेखा यादव ने बताया कि आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था। इसके बाद ग्रामीण वैकल्पिक मार्ग बना रहे हैं। मार्ग बना रहे डॉ. राजेन्द्र यादव, संजय शर्मा, राम अचल वर्मा, संजय यादव आदि ने बताया कि दोनों छोरों के बीच बल्ली लगाकर उस पर बांस बिछाई जा रही है।
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कटान के डर से घर छोड़ भागे लोग
शिवपुर विकासखंड के ही ग्राम पंचायत बौंडी के मजरा दूजीपुरवा में भी सरयू कहर मचा रही है। शुक्रवार को कटान करते हुए नदी ने गांव निवासी अवधराम, राजकुमार व तालुकदार के घरों को कटान के जद में ले लिया। कटान के डर से ग्रामीण घर छोड़ कर भाग गए और अब खुद से अपना घर तोड़कर जरूरी सामान निकाल रहे हैं।
टिकुरी में पांच घर व 10 बीघा फसल नदी में समाए
महसी। तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत टिकुरी में बीते कई दिनों से सरयू कहर बरपा रही है। शनिवार को नदी ने 10 बीघे गन्ना व धान लगी जमीन को काट कर नदी में समाहित कर लिया। यही नहीं पांच घरों का भी कटान किया। गांव निवासी रामसागर, रामादेवी, गीता देवी, लालदेई व पूनम ने बताया कि नदी ने उनके घरों को काट लिया, जिससे वे खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। वहीं नदी में रामछबील, पप्पू, सुनीता, अरूण, सहजराम, मोहनी, शिवपुजन, मगनविहारी, बडकन, विजय कुमार, कल्लन, राकेश, मनोज आदि की 10 बीघा जमीन नदी में समा गई। यही नहीं गांव निवासी रामजस, राजिंदर, दिलीप, रमेश, नरेश, मनोज, कल्लू, पिंटू, पवन सहित लगभग एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों के घर और फसल लगे खेत नदी के मुहाने पर पहुंच गए हैं। इससे इन सभी में डर व दहशत है। बताते चलें कि नदी अब तक टिकुरी में 100 बीघे फसल लगी जमीन और 30 घरों को निगल चुकी है।
हर संभव की जाएगी मदद
प्रतिदिन कटान पीड़ितों का डाटा फीड कर शासन को भेजा रहा है। पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी। शुक्रवार को भी एडीएम गौरव रंजन श्रीवास्तव के साथ मौके जाकर कटान का निरीक्षण किया गया था। -अखिलेश कुमार सिंह, एसडीएम महसी

शिवपुर के चौकसाहार में पुलिया बहने के बाद बल्ली के सहारे गुजरते ग्रामीण।

शिवपुर के चौकसाहार में पुलिया बहने के बाद बल्ली के सहारे गुजरते ग्रामीण।