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ऑनलाइन दवा ब्रिकी पर लगाई जाए रोक
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बहराइच। शहर के एक रिसॉर्ट में केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट फेडरेशन की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ऑनलाइन दवा ब्रिकी पर रोक लगाने के साथ ड्रग कंट्रोल एक्ट बदलने की मांग की गई। दवा व्यापारियों के हो रहे शोषण को रोकने के लिए आवाज बुलंद की गई।
केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट फेडरेशन के प्रांतीय महामंत्री सुरेश गुप्ता ने कहा कि अंग्रेजी जमाने के ड्रग कंट्रोल एक्ट को बदलकर दवा व्यापारियों को सिस्टम के शोषण से बचाया जाए। साथ ही देश के दवा कारोबारियों के लिए केंद्र सरकार संयुक्त मंत्रालय का गठन करे और गैर कानूनी रूप से संचालित ऑनलाइन दवा की बिक्री पर रोक लगायी जाए। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी जमाने के ड्रग कंट्रोल एक्ट में खुदरा दवा कारोबारियों के प्रतिष्ठान पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता का विधान है जो वर्तमान समय में प्रासंगिक नहीं है। पुराने कानून में बदलाव कर तीन वर्ष से अधिक समय से कारोबार कर रहे कारोबारियों को प्रशिक्षित कर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट प्राविधान की समस्या को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पांच बार चर्चा कर ड्रग कंट्रोल एक्ट में उत्तर प्रदेश हेतु संशोधन कराए जाने के निमित प्रस्ताव भेजने की बात की गई, पर परिणाम ढाक के तीन पात रहे। इस मौके पर प्रांतीय संगठन मंत्री राकेश सिंह, मंडल अध्यक्ष शीतल अग्रवाल, जिलाध्यक्ष महेश अग्रवाल, महामंत्री मनोज बंसल, कोषाध्यक्ष राजू पटावरी, मीडिया प्रभारी नीतिन बंसल, अख्तर मेकरानी, सरदार हरिचरण सिंह, श्याम बिहारी गोयल, राजेश गोयल आदि मौजूद रहे।
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केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट फेडरेशन के प्रांतीय महामंत्री सुरेश गुप्ता ने कहा कि अंग्रेजी जमाने के ड्रग कंट्रोल एक्ट को बदलकर दवा व्यापारियों को सिस्टम के शोषण से बचाया जाए। साथ ही देश के दवा कारोबारियों के लिए केंद्र सरकार संयुक्त मंत्रालय का गठन करे और गैर कानूनी रूप से संचालित ऑनलाइन दवा की बिक्री पर रोक लगायी जाए। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी जमाने के ड्रग कंट्रोल एक्ट में खुदरा दवा कारोबारियों के प्रतिष्ठान पर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता का विधान है जो वर्तमान समय में प्रासंगिक नहीं है। पुराने कानून में बदलाव कर तीन वर्ष से अधिक समय से कारोबार कर रहे कारोबारियों को प्रशिक्षित कर फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।
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उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट प्राविधान की समस्या को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पांच बार चर्चा कर ड्रग कंट्रोल एक्ट में उत्तर प्रदेश हेतु संशोधन कराए जाने के निमित प्रस्ताव भेजने की बात की गई, पर परिणाम ढाक के तीन पात रहे। इस मौके पर प्रांतीय संगठन मंत्री राकेश सिंह, मंडल अध्यक्ष शीतल अग्रवाल, जिलाध्यक्ष महेश अग्रवाल, महामंत्री मनोज बंसल, कोषाध्यक्ष राजू पटावरी, मीडिया प्रभारी नीतिन बंसल, अख्तर मेकरानी, सरदार हरिचरण सिंह, श्याम बिहारी गोयल, राजेश गोयल आदि मौजूद रहे।
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