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प्रदेश में सबसे ठंडा रहा बहराइच

Sun, 20 Dec 2020 11:05 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2020 11:05 PM IST
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Bahraich was the coldest in the state
बहराइच। उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी के चलते तराई में शीतलहर बढ़ गई है। रविवार को न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा, मगर अधिकतम तापमान नौ डिग्री तक नीचे आ गिरा। इससे प्रदेश में सबसे ठंडा दिन बहराइच में रहा। हालांकि दोपहर में तापमान 18 डिग्री तक पहुंच गया था। सुबह कोहरा छाया रहा तो दोपहर में धूप खिली, मगर वह बेअसर साबित हुई। कड़ाके की ठंड में चौक-चौराहों पर अलाव का इंतजाम न होने से लोग कांपते हुए नजर आए। रैन बसेरों में ठिठुरते हुए लोग दिन काटते दिखे।
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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही बर्फबारी के कारण तराई के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है। दो दिनों के अंदर ही तापमान सीधे 4.5 डिग्री सेल्सियस तक आ गिरा है। बर्फीली हवाएं चलने के कारण लोगों को भीषण ठंड का सामना करना पड़ रहा है। रविवार की सुबह से ही तेज हवाएं चल रही थीं। जिससे गलन बढ़ गई और दिनभर लोग ठिठुरते रहे। तेज हवाएं चलने के कारण घर से बाहर निकले लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अधिकतर लोग अलाव के किनारे बैठकर ही समय बिता रहे हैं। कड़ाके की ठंड होने के बाद भी चौक-चौराहों पर अलाव के इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। रविवार को सुबह पूरे जिले में घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता करीब 20 मीटर रही। रैन बसेरों में लोग ठिठुरते हुए दिन काटने को मजबूर हैं।
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बंद रहा रोडवेज बस अड्डे पर बना रैन बसेरा
जिला प्रशासन की ओर से शीतलहरी और ठंड को देखते हुए शहरी क्षेत्र में दो रैन बसेरे बनाए गए हैं। शहर के रोडवेज बस अड्डे पर एक रैन बसेरा बना हुआ है। रविवार दोपहर में रैन बसेरा बंद मिला। वहीं जिला अस्पताल में संचालित रैन बसेरे में तीन लोग मौजूद मिले। यहां मौजूद शानू, जुनैद और सलमान ने बताया कि रैन बसेरे में ओढ़ने के लिए कंबल दिए जा रहे हैं, मगर ठंड अधिक होने से यह बचाव के लिए नाकाफी है।
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पाला गिरने से फसलों को नुकसान
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि शीतलहरी बढ़ने के साथ पाला भी गिरने लगा है। पाला गिरने से मसूर, मक्का, आलू, गोभी, मटर समेत अन्य फसलों को काफी नुकसान होगा। सिंचाई करने से काफी हद तक पाले के नुकसान को नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही दवा का छिड़काव भी जरूरी है।

गर्म कपड़ों की खरीदारी तेज
तराई में बढ़ी शीतलहर के कहर से गर्म कपड़ों की खरीदारी में भी तेजी आ गई है। व्यवसायी सुमित कनौडिया ने बताया कि बच्चों के लिए टोपी, ऊनी मोजे, स्वेटर आदि की बिक्री जोरों पर हो रही है।
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