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जंगल से बाहर बिछेगी बहराइच-मैलानी ब्रॉडगेज लाइन
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 31 Jul 2015 09:54 PM IST
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बहराइच। कतर्नियाघाट और दुधवा का जंगल बहराइच-मैलानी मीटरगेज को ब्रॉडगेज किए जाने में रोड़ा बन रहा है। इसी सत्र के रेल बजट में रेल मंत्री ने इसका सर्वे कराने की घोषणा की थी।
सेंक्चुरी वन क्षेत्र होने के कारण वन मंत्रालय ने ब्रॉडगेज किए जाने पर आपत्ति दर्ज करा दी है। वन मंत्रालय ने वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं।
इसके बाद रेल अधिकारियों ने मंथन कर जंगल से बाहर नई रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
बहराइच में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग 551 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। इसके साथ ही लखीमपुर खीरी का दुधवा नेशनल पार्क भी बहराइच की सीमा से सटा है।
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कतर्निया में लगभग 50 किलोमीटर तक मीटरगेज रेल लाइन बिछी हुई है। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इस बार संसद में पेश किए गए रेल बजट में बहराइच से मैलानी तक ब्रॉडगेज किए जाने का सर्वे कराने की घोषणा की थी लेकिन रेल मंत्रालय के प्रस्ताव के बाद वन मंत्रालय ने इस पर आपत्ति दर्ज करा दी है।
वन मंत्रालय ने कहा है कि ब्रॉडगेज किए जाने से जंगली वन्यजीवों के प्राकृतिक वास में अवरोध उत्पन्न होगा, जिससे उनके और अधिक आक्रामक होने के साथ ही आबादी के इलाकों में पहुंचने की संभावना रहेगी।
वन मंत्रालय की आपत्ति की जानकारी देते हुए पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के महाप्रबंधक राजीव मिश्रा ने अमर उजाला के खास बातचीत में बताया कि बहराइच से मैलानी तक के रेल लाइन सर्वे को रोक दिया गया है।
इस सर्वे को अब जंगल से बाहर किए जाने पर सहमति बनी है। हालांकि, मैलानी और बहराइच को जंगल से कैसे जोड़ा जाए, इस पर स्थिति अभी नहीं स्पष्ट हो सकी है। इसके लिए रेल अधिकारियों से सुझाव मांगे गए हैं।
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सेंक्चुरी वन क्षेत्र होने के कारण वन मंत्रालय ने ब्रॉडगेज किए जाने पर आपत्ति दर्ज करा दी है। वन मंत्रालय ने वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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इसके बाद रेल अधिकारियों ने मंथन कर जंगल से बाहर नई रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
बहराइच में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग 551 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। इसके साथ ही लखीमपुर खीरी का दुधवा नेशनल पार्क भी बहराइच की सीमा से सटा है।
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कतर्निया में लगभग 50 किलोमीटर तक मीटरगेज रेल लाइन बिछी हुई है। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इस बार संसद में पेश किए गए रेल बजट में बहराइच से मैलानी तक ब्रॉडगेज किए जाने का सर्वे कराने की घोषणा की थी लेकिन रेल मंत्रालय के प्रस्ताव के बाद वन मंत्रालय ने इस पर आपत्ति दर्ज करा दी है।
वन मंत्रालय ने कहा है कि ब्रॉडगेज किए जाने से जंगली वन्यजीवों के प्राकृतिक वास में अवरोध उत्पन्न होगा, जिससे उनके और अधिक आक्रामक होने के साथ ही आबादी के इलाकों में पहुंचने की संभावना रहेगी।
वन मंत्रालय की आपत्ति की जानकारी देते हुए पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के महाप्रबंधक राजीव मिश्रा ने अमर उजाला के खास बातचीत में बताया कि बहराइच से मैलानी तक के रेल लाइन सर्वे को रोक दिया गया है।
इस सर्वे को अब जंगल से बाहर किए जाने पर सहमति बनी है। हालांकि, मैलानी और बहराइच को जंगल से कैसे जोड़ा जाए, इस पर स्थिति अभी नहीं स्पष्ट हो सकी है। इसके लिए रेल अधिकारियों से सुझाव मांगे गए हैं।