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Bahraich News: उन्नति के लिए आशावादी होना जरूरी
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बौंडी (बहराइच)। धर्मापुर स्थित हनुमान मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा में शनिवार को कथावाचक ने सत्संग व ईश्वर भक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।
कथा व्यास पंडित ज्ञानेंद्र मिश्रा ने कहा कि जब धर्म की हानि होती है तब भगवान प्रकट होते हैं। वह अपनी लीला से सभी बाधाओं को दूर कर परमानंद प्रदान करते हैं। कथा व्यास ने कहा कि व्यक्ति को जीवन में उन्नति करने के लिए आशावादी होना चाहिए। भागवत कथा में जीवन जीने के लिए आवश्यक बातों का समावेश है। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन चरित्र ही धर्म है।
भगवान श्रीराम अपने गुरु, पिता, भाई, संत व अनुचर के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। इसे समझते हुए धर्म को हम सभी बेहद आसानी से सीख सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा के श्रवण मात्र से ही मानव जीवन धन्य हो जाता है। श्रीराम का नाम कण-कण में व्याप्त है। उनका नाम लेने से ही मानव का जीवन धन्य हो जाता है। इस अवसर पर नाथूूराम पांडेय, सवेंद्र विक्रम सिंह, त्रिभुुवन सिंह, रामबहादुुर, डॉ. सुनीत सिंह, विजय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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कथा व्यास पंडित ज्ञानेंद्र मिश्रा ने कहा कि जब धर्म की हानि होती है तब भगवान प्रकट होते हैं। वह अपनी लीला से सभी बाधाओं को दूर कर परमानंद प्रदान करते हैं। कथा व्यास ने कहा कि व्यक्ति को जीवन में उन्नति करने के लिए आशावादी होना चाहिए। भागवत कथा में जीवन जीने के लिए आवश्यक बातों का समावेश है। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन चरित्र ही धर्म है।
भगवान श्रीराम अपने गुरु, पिता, भाई, संत व अनुचर के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। इसे समझते हुए धर्म को हम सभी बेहद आसानी से सीख सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा के श्रवण मात्र से ही मानव जीवन धन्य हो जाता है। श्रीराम का नाम कण-कण में व्याप्त है। उनका नाम लेने से ही मानव का जीवन धन्य हो जाता है। इस अवसर पर नाथूूराम पांडेय, सवेंद्र विक्रम सिंह, त्रिभुुवन सिंह, रामबहादुुर, डॉ. सुनीत सिंह, विजय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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