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सर्वे ने पकड़ी तेजी, 405 हो गई अवैध मदरसों की संख्या
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बहराइच। बाढ़ का संकट खत्म होने के बाद सर्वे ने तेजी पकड़ी तो अवैध तरीके से संचालित मदरसों की संख्या 405 हो गई है। पंजीकृत मदरसों की संख्या 302 है। बाढ़ की समस्या के बाद दोबारा सर्वे हो रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसरों के मुताबिक, सर्वे पूरा कर 15 नवंबर को सर्वे की रिपोर्ट सौंपनी है।
प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में मदरसों का सर्वे कराने का निर्देश दिया था। ज्यादातर जिलों में सर्वे का काम पूरा होने के बाद रिपोर्ट भी शासन को सौंपी जा चुकी है। बहराइच मेें बाढ़ का प्रकोप होने के चलते सर्वे का काम धीमा पड़ गया था। अब फिर तेजी आई तो अवैध मदरसों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जिला अल्संख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि अब तक हुई जांच में गैर पंजीकृत मदरसों की संख्या 405 हो गई है।
उन्होंने बताया कि इनमें तमाम ऐसे मदरसे हैं जो 40 से 50 साल पुराने हैं। इनका संचालन आवामी चंदे से कराया जा रहा है। नेपाल बॉर्डर पर अवैध मदरसों की संख्या 105 के आसपास है। उन्होंने बताया कि कुछ हिस्से ही बचे हैं जहां सर्वे होना है। सर्वे की रिपोर्ट पंद्रह नवंबर को डीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद शासन को भेजी जाएगी। अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई शासन स्तर पर ही की जाएगी।
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प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में मदरसों का सर्वे कराने का निर्देश दिया था। ज्यादातर जिलों में सर्वे का काम पूरा होने के बाद रिपोर्ट भी शासन को सौंपी जा चुकी है। बहराइच मेें बाढ़ का प्रकोप होने के चलते सर्वे का काम धीमा पड़ गया था। अब फिर तेजी आई तो अवैध मदरसों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जिला अल्संख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि अब तक हुई जांच में गैर पंजीकृत मदरसों की संख्या 405 हो गई है।
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उन्होंने बताया कि इनमें तमाम ऐसे मदरसे हैं जो 40 से 50 साल पुराने हैं। इनका संचालन आवामी चंदे से कराया जा रहा है। नेपाल बॉर्डर पर अवैध मदरसों की संख्या 105 के आसपास है। उन्होंने बताया कि कुछ हिस्से ही बचे हैं जहां सर्वे होना है। सर्वे की रिपोर्ट पंद्रह नवंबर को डीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद शासन को भेजी जाएगी। अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई शासन स्तर पर ही की जाएगी।
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