{"_id":"62740be349f2c749c22ba0a8","slug":"bahraich-bahraich-news-lko629223984","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुर्गी फॉर्म ढहा, सैकड़ों मुर्गियों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुर्गी फॉर्म ढहा, सैकड़ों मुर्गियों की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रानीपुर(बहराइच)। थाना क्षेत्र के सरवा गांव में बुधवार रात आई जोरदार आंधी से मुर्गी फार्म धराशाई हो गया। मलबे में दबकर सैकड़ों मुर्गियों की मौत हो गई। गनीमत रही कि फार्म की देखभाल में लगे मजदूर बाल-बाल बच गए और बड़ा हादसा टल गया। मजदूरों ने भाग कर किसी तरह जान बचाई। मुर्गियों की मौत व फॉर्म के ढहने से लाखों के नुकसान की बात कही जा रही है।
रानीपुर थाना क्षेत्र के रमवापुर गांव निवासी दिलीप सिंह पुत्र ज्वाला सिंह का सरवा गांव में मुर्गी फॉर्म है। एक बीघे में फैले मुर्गी फॉर्म में लगभग 25 सौ मुर्गियों का पालन हो रहा था। बुधवार रात आई तेज आंधी व पानी से पूरा फार्म भरभरा कर ढह गया जिसमें दबकर एक हजार से अधिक मुर्गियों की मौत हो गई। फॉर्म मालिक दिलीप सिंह ने बताया कि पिछले कई वर्षों से वह मुर्गी पालन का व्यवसाय कर रहे हैं। फॉर्म में 25 सौ मुर्गियों का पालन किया जा रहा था। बीती रात आंधी और पानी में फॉर्म ढहने से लगभग 12 सौ मुर्गियों की मौत हो गई है। करीब पांच लाख के नुकसान की आशंका है। उन्होंने बताया कि परिवार की आजीविका का साधन फॉर्म ही था। परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
रानीपुर थाना क्षेत्र के रमवापुर गांव निवासी दिलीप सिंह पुत्र ज्वाला सिंह का सरवा गांव में मुर्गी फॉर्म है। एक बीघे में फैले मुर्गी फॉर्म में लगभग 25 सौ मुर्गियों का पालन हो रहा था। बुधवार रात आई तेज आंधी व पानी से पूरा फार्म भरभरा कर ढह गया जिसमें दबकर एक हजार से अधिक मुर्गियों की मौत हो गई। फॉर्म मालिक दिलीप सिंह ने बताया कि पिछले कई वर्षों से वह मुर्गी पालन का व्यवसाय कर रहे हैं। फॉर्म में 25 सौ मुर्गियों का पालन किया जा रहा था। बीती रात आंधी और पानी में फॉर्म ढहने से लगभग 12 सौ मुर्गियों की मौत हो गई है। करीब पांच लाख के नुकसान की आशंका है। उन्होंने बताया कि परिवार की आजीविका का साधन फॉर्म ही था। परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
विज्ञापन