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आईपीएल चीनी मिल के बाहर चला रेलवे का बुलडोजर
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जरवलरोड (बहराइच)। चीनी मिल गेट के सामने रेलवे की खाली पड़ी जमीन का एक करोड़ तीस लाख किराया चीनी मिल पर निकल रहा था। इस जमीन पर मिल ने अपना गेट खोलकर रास्ता निकाल रखा था। रेलवे प्रशासन की ओर से किराये को लेकर कई बार नोटिस भेजी गई। नोटिस का जवाब न मिलने और बकाया भुगतान न होने पर मंगलवार को रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। रेलवे प्रशासन ने रास्ते पर बुलडोजर से खुदाई कर जमीन कब्जे में लेते हुए मिल का गेट बंद कर दिया। अचानक हुई कार्रवाई से चीनी मिल में अफरातफरी मच गई। चीनी मिल प्रशासन अब प्रवेश के लिए दूसरा रास्ता निकालने की तैयारी में है।
जरवलरोड स्थित इंडियन पोटाश लिमिटेड चीनी मिल का मुख्य गेट रेलवे की जमीन पर खुलता था। रेलवे की जमीन से ही रास्ता निकला था। चीनी मिल प्रशासन पिछले कई वर्षों से रेलवे की खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल कर रहा था। करीब 10 वर्ष पूर्व चीनी मिल ने समझौते के तहत रेलवे से यह जमीन किराये पर ले ली थी। इसके बाद रेलवे प्रशासन की ओर से कई बार चीनी मिल को किराये को लेकर नोटिस भेजी गई, लेकिन किराया नहीं दिया गया। नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया। जमीन का किराया एक करोड़ तीस लाख के लगभग पहुंच चुका था। मंगलवार को रेलवे प्रशासन की ओर से सीनियर सेक्शन इंजीनियर आई डब्ल्यू मनोहर कुमार की अगुवाई में रेलवे पुलिस बुलडोजर के साथ चीनी मिल के मुख्य गेट पर पहुंची। इस दौरान टीम ने रास्ते की खुदाई करते हुए मिल का मुख्य गेट बंद कर दिया। साथ ही जमीन को कब्जे में ले लिया।
किराए को लेकर कई बार नोटिस भेजी गई, लेकिन चीनी मिल की ओर से न किराया जमा किया गया और न ही कोई जवाब दिया गया। मंगलवार को रेलवे ने जमीन को कब्जे में ले लिया।
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- मनोहर कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलवे
रेलवे को एक करोड़ तीस लाख दिया जाना था जो मिल प्रशासन के लिए संभव नहीं था। रेलवे ने मंगलवार को जमीन अपने कब्जे में लेकर रास्ता बंद कर दिया है। शीघ्र ही नए रास्ते का निर्माण कराया जाएगा।
-ठाट सिंह राणा, जीएम, आईपीएल चीनी मिल
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जरवलरोड स्थित इंडियन पोटाश लिमिटेड चीनी मिल का मुख्य गेट रेलवे की जमीन पर खुलता था। रेलवे की जमीन से ही रास्ता निकला था। चीनी मिल प्रशासन पिछले कई वर्षों से रेलवे की खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल कर रहा था। करीब 10 वर्ष पूर्व चीनी मिल ने समझौते के तहत रेलवे से यह जमीन किराये पर ले ली थी। इसके बाद रेलवे प्रशासन की ओर से कई बार चीनी मिल को किराये को लेकर नोटिस भेजी गई, लेकिन किराया नहीं दिया गया। नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया। जमीन का किराया एक करोड़ तीस लाख के लगभग पहुंच चुका था। मंगलवार को रेलवे प्रशासन की ओर से सीनियर सेक्शन इंजीनियर आई डब्ल्यू मनोहर कुमार की अगुवाई में रेलवे पुलिस बुलडोजर के साथ चीनी मिल के मुख्य गेट पर पहुंची। इस दौरान टीम ने रास्ते की खुदाई करते हुए मिल का मुख्य गेट बंद कर दिया। साथ ही जमीन को कब्जे में ले लिया।
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किराए को लेकर कई बार नोटिस भेजी गई, लेकिन चीनी मिल की ओर से न किराया जमा किया गया और न ही कोई जवाब दिया गया। मंगलवार को रेलवे ने जमीन को कब्जे में ले लिया।
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- मनोहर कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलवे
रेलवे को एक करोड़ तीस लाख दिया जाना था जो मिल प्रशासन के लिए संभव नहीं था। रेलवे ने मंगलवार को जमीन अपने कब्जे में लेकर रास्ता बंद कर दिया है। शीघ्र ही नए रास्ते का निर्माण कराया जाएगा।
-ठाट सिंह राणा, जीएम, आईपीएल चीनी मिल