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तेज हवा के साथ झमाझम बारिश ने उड़ाई किसानों की नींद
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बहराइच। बृहस्पतिवार को सुबह हुई हल्की बारिश के बाद देर रात से हुई झमाझम बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी है। शुक्रवार को भी दिनभर रुक-रुक कर बारिश जारी रही। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लगभग सभी प्रकार की फसलें प्रभावित हुईं हैं। कुछ फसलों को आंशिक तो कुछ को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। किसान सबसे ज्यादा मसूर, मटर, चना और सरसों को नुकसान होने की बात कह रहे हैं। जानकर बेमौसम हुई बारिश से कुछ जगहों पर गेहूं को नुकसान की बात भी कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार से आसमान में छाए बादल किसानों के लिए मुसीबत बनकर बरस रहे हैं। बृहस्पतिवार को जहां 17 मिमी. बारिश हुई वहीं शुक्रवार को दोपहर तक 15 मिमी. बारिश हो चुकी थी। फरवरी माह में हुई रिकॉर्ड बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को जहां जिले के कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि से किसान बेहाल हुए तो बृहस्पतिवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की नींद ही उड़ा दी। किसान तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश से सरसों के फूल गिरने से लगभग 30 से 40 प्रतिशत उपज प्रभावित होने की बात कह रहे हैं।
वहीं, जहां सरसों में दाने आ गए थे, वहां फसल गिरने से नुकसान की बात कही जा रही है। दलहनी फसलों को भी भारी नुकसान होने की बात कही जा रही है। इसके अलावा आलू, लहसुन, गोभी, मटर व फली की क्यारियों में पानी भर जाने से भी किसानों को नुकसान हुआ है। तेज हवा व बारिश से कई स्थानों पर गेहूं की फसल भी धराशायी होने की बात कही जा रही है।
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कृषि विज्ञान केंद्र प्रथम के प्रभारी वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक वीपी शाही ने बताया कि जिले में हुई मूसलाधार बारिश से सभी प्रकार की फसलें प्रभावित हुईं हैं। उन्होंने बताया कि आलू की फसल में जिन जगहों पर पानी भर गया है, वहां आलू खुदाई में दिक्कत होगी। तेज हवाओं से गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई है। गन्ना गिरने से नुकसान हुआ है। वही, गेहूं में अगर ज्यादा पानी भर गया है और पानी निकालने की व्यवस्था करें। तेज बारिश से दलहनी व सरसों की फसल को नुकसान हुआ है।
जिले में बारिश से ज्यादा नुकसान होने की आशंका नहीं है। फील्ड यूनिट को नुकसान के आकलन के लिए कहा गया है। जिन किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा है वे 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचित कर दें। नुकसान का सही आकलन रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
- सतीश पांडेय, जिला कृषि अधिकारी
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बृहस्पतिवार से आसमान में छाए बादल किसानों के लिए मुसीबत बनकर बरस रहे हैं। बृहस्पतिवार को जहां 17 मिमी. बारिश हुई वहीं शुक्रवार को दोपहर तक 15 मिमी. बारिश हो चुकी थी। फरवरी माह में हुई रिकॉर्ड बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को जहां जिले के कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि से किसान बेहाल हुए तो बृहस्पतिवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की नींद ही उड़ा दी। किसान तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश से सरसों के फूल गिरने से लगभग 30 से 40 प्रतिशत उपज प्रभावित होने की बात कह रहे हैं।
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वहीं, जहां सरसों में दाने आ गए थे, वहां फसल गिरने से नुकसान की बात कही जा रही है। दलहनी फसलों को भी भारी नुकसान होने की बात कही जा रही है। इसके अलावा आलू, लहसुन, गोभी, मटर व फली की क्यारियों में पानी भर जाने से भी किसानों को नुकसान हुआ है। तेज हवा व बारिश से कई स्थानों पर गेहूं की फसल भी धराशायी होने की बात कही जा रही है।
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कृषि विज्ञान केंद्र प्रथम के प्रभारी वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक वीपी शाही ने बताया कि जिले में हुई मूसलाधार बारिश से सभी प्रकार की फसलें प्रभावित हुईं हैं। उन्होंने बताया कि आलू की फसल में जिन जगहों पर पानी भर गया है, वहां आलू खुदाई में दिक्कत होगी। तेज हवाओं से गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई है। गन्ना गिरने से नुकसान हुआ है। वही, गेहूं में अगर ज्यादा पानी भर गया है और पानी निकालने की व्यवस्था करें। तेज बारिश से दलहनी व सरसों की फसल को नुकसान हुआ है।
जिले में बारिश से ज्यादा नुकसान होने की आशंका नहीं है। फील्ड यूनिट को नुकसान के आकलन के लिए कहा गया है। जिन किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा है वे 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचित कर दें। नुकसान का सही आकलन रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
- सतीश पांडेय, जिला कृषि अधिकारी