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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में 23 लोग बने महादानी
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01 बीएचआर 27 - बहराइच के मेडिकल कालेज में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित रक्तदान शिवि
- फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। विश्व स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 23 लोगों ने रक्तदान किया। मेडिकल कालेज के ब्लड बैंक परिसर में आयोजित शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। युवाओं और महिलाओं के साथ चिकित्सकों में भी रक्तदान को लेकर उत्साह रहा।
मेडिकल कालेज के ब्लड बैंक परिसर के रक्तदान शिविर का उद्घाटन मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने किया। शिविर में नेहरू युवा केंद्र और वन विभाग का भी सहयोग रहा। शिविर में मेडिकल कालेज के चिकित्सक डॉ. राजू चौरसिया, डॉ. राहुल बौद्ध व डॉ. उमर फारुख के अलावा कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के वनकर्मी अरुण सिंह, शिवम श्रीवास्तव, अमित भल्ला, आवेश हुसैन अंसारी ने भी रक्तदान किया। इसके अलावा नेहरू युवा केंद्र से इंद्र कुमार चौधरी, हरिशंकर मित्तल चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव संदीप मित्तल व उनकी पत्नी अंशिका मित्तल, रोटरी क्लब के नितिन बंसल व ज्योति बंसल समेत अन्य समाजसेवियों ने सहयोग किया। सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता है। इससे किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है। सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र का भी वितरण किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. हीरालाल, डॉ. अली मेंहदी, काउंसलर नूर मोहम्मद, रवि श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
अमर उजाला फाउंडेशन के शिविर में विकास सिंह, राजकुमार शुक्ला, अवधेश कुमार, राजेश गुप्ता, संजय साहू, जियाउद्दीन खान, छोटू, अरुण जायसवाल, पंकज शर्मा, आमना, सर्वजीत वर्मा, पूनम वर्मा, मो. लईक अहमद, नफीस अहमद भी रक्तदान करने में शामिल रहे।
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बहराइच के गंगवल बाजार निवासी रिजवान अहमद और शहर निवासी मुशीर अहमद ने पहली बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान से पहले मन में कई सवाल थे, मगर रक्तदान करने के बाद से कोई समस्या नहीं आई। अब हर साल और जरूरत पड़ने पर कभी भी वह रक्तदान करने को तत्पर रहेंगे।
कोरोना संक्रमण के चलते खून की काफी किल्लत हो गई थी। कोई रक्तदान करने नहीं आ रहा था, लेकिन अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया। जिसमें काफी मात्रा में खून मिला। इससे मरीजों को इलाज में मदद मिलेगी।
डॉ. ओपी पांडेय, सीएमएस
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रक्तदान करने का अवसर मिला। इससे जहां मन को सुकून मिला। वहीं अन्य लोगों को मदद के लिए प्रेरित करने का बल मिला। सभी रक्तदान करें। इससे कोई नुकसान नहीं है।
डॉ. उमर फारुख, चिकित्सक
रक्तदान सभी को करना चाहिए। इससे किसी को कोई भी विपरीत लक्षण नहीं दिखेंगे। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से चलाया जा रहा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर सराहनीय पहल है।
डॉ. राहुल कुमार बौद्ध, चिकित्सक
पयागपुर के कोट बाजार निवासी संजय कुमार साहू अमर उजाला के स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में खून देने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि भतीजे की तबियत खराब है, लेकिन मौके पर खून नहीं मिलता है। इसको देखते हुए वह प्रति तीन माह पर रक्तदान करने लगे।
एक अक्तूबर को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से खून देने का अवसर मिला। यह पुनीत कार्य है। इसी के बहाने किसी दूसरे की मदद की जा सके।
अरुण सिंह, वनकर्मी
आज हर मरीज में खून की मात्रा कम होती जा रही है, जिससे चिकित्सक खून की मांग करते हैं। किसी का ब्लड ग्रुप न मिलने पर दिक्कत होती है। ऐसे में सभी रक्तदान कर किसी की जान बचाने में मदद करें।
शिवम श्रीवास्तव, वनकर्मी
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मेडिकल कालेज के ब्लड बैंक परिसर के रक्तदान शिविर का उद्घाटन मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने किया। शिविर में नेहरू युवा केंद्र और वन विभाग का भी सहयोग रहा। शिविर में मेडिकल कालेज के चिकित्सक डॉ. राजू चौरसिया, डॉ. राहुल बौद्ध व डॉ. उमर फारुख के अलावा कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के वनकर्मी अरुण सिंह, शिवम श्रीवास्तव, अमित भल्ला, आवेश हुसैन अंसारी ने भी रक्तदान किया। इसके अलावा नेहरू युवा केंद्र से इंद्र कुमार चौधरी, हरिशंकर मित्तल चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव संदीप मित्तल व उनकी पत्नी अंशिका मित्तल, रोटरी क्लब के नितिन बंसल व ज्योति बंसल समेत अन्य समाजसेवियों ने सहयोग किया। सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता है। इससे किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है। सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र का भी वितरण किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. हीरालाल, डॉ. अली मेंहदी, काउंसलर नूर मोहम्मद, रवि श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला फाउंडेशन के शिविर में विकास सिंह, राजकुमार शुक्ला, अवधेश कुमार, राजेश गुप्ता, संजय साहू, जियाउद्दीन खान, छोटू, अरुण जायसवाल, पंकज शर्मा, आमना, सर्वजीत वर्मा, पूनम वर्मा, मो. लईक अहमद, नफीस अहमद भी रक्तदान करने में शामिल रहे।
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बहराइच के गंगवल बाजार निवासी रिजवान अहमद और शहर निवासी मुशीर अहमद ने पहली बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान से पहले मन में कई सवाल थे, मगर रक्तदान करने के बाद से कोई समस्या नहीं आई। अब हर साल और जरूरत पड़ने पर कभी भी वह रक्तदान करने को तत्पर रहेंगे।
कोरोना संक्रमण के चलते खून की काफी किल्लत हो गई थी। कोई रक्तदान करने नहीं आ रहा था, लेकिन अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया। जिसमें काफी मात्रा में खून मिला। इससे मरीजों को इलाज में मदद मिलेगी।
डॉ. ओपी पांडेय, सीएमएस
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रक्तदान करने का अवसर मिला। इससे जहां मन को सुकून मिला। वहीं अन्य लोगों को मदद के लिए प्रेरित करने का बल मिला। सभी रक्तदान करें। इससे कोई नुकसान नहीं है।
डॉ. उमर फारुख, चिकित्सक
रक्तदान सभी को करना चाहिए। इससे किसी को कोई भी विपरीत लक्षण नहीं दिखेंगे। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से चलाया जा रहा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर सराहनीय पहल है।
डॉ. राहुल कुमार बौद्ध, चिकित्सक
पयागपुर के कोट बाजार निवासी संजय कुमार साहू अमर उजाला के स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में खून देने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि भतीजे की तबियत खराब है, लेकिन मौके पर खून नहीं मिलता है। इसको देखते हुए वह प्रति तीन माह पर रक्तदान करने लगे।
एक अक्तूबर को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से खून देने का अवसर मिला। यह पुनीत कार्य है। इसी के बहाने किसी दूसरे की मदद की जा सके।
अरुण सिंह, वनकर्मी
आज हर मरीज में खून की मात्रा कम होती जा रही है, जिससे चिकित्सक खून की मांग करते हैं। किसी का ब्लड ग्रुप न मिलने पर दिक्कत होती है। ऐसे में सभी रक्तदान कर किसी की जान बचाने में मदद करें।
शिवम श्रीवास्तव, वनकर्मी