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महिला अस्पताल में नहीं आ रहीं चिकित्सक, मरीजों को परेशानी
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कैसरगंज (बहराइच)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में संचालित महिला अस्पताल में चिकित्सक नहीं पहुंच रहे हैं। जिससे क्षेत्र की महिलाओं व शिशुओं को इलाज के लिए परेशानी होती है। महिलाएं इलाज के लिए जिला मुख्यालय या झोलाछाप चिकित्सक के यहां इलाज कराने को विवश हैं। क्षेत्र के लोगों ने अस्पताल में महिला चिकित्सकों के नदारद रहने की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
कैसरगंज में 50 बेड का महिला अस्पताल संचालित हो रहाहै। अस्पताल में डॉ. पायल, डॉ. रजनी चौधरी व डॉ. ममता बसंत की तैनाती है। शनिवार सुबह 11 बजे ग्रामीणों की शिकायत पर अमर उजाला संवाददाता ने मौका मुआयना किया तो सभी चिकित्सक नदारद मिले। चिकित्सकों के चैंबर बंद मिले। अस्पताल में मौजूद मरीज शशिबाला व सविता ने बताया कि बीते तीन दिन से अस्पताल के चक्कर काट रही हैं। लेकिन यहां पर तैनात महिला चिकित्सक नहीं मिल रही हैं। जिससे मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ता है। अस्पताल इलाज के लिए आईं महिलाओं ने बताया कि चिकित्सक के नदारद रहने पर सभी जिला मुख्यालय या झोलाछाप चिकित्सक का सहारा ले रही हैं।
इससे अधिक खर्च के साथ समय भी गंवाना पड़ता है। क्षेत्र के ग्रामीण अनिल अवस्थी, जगदेव पाल, रामकुमार,पवन वर्मा, फरीद अहमद, बनवारी पाठक व राहुल आदि ने बताया कि महिला अस्पताल में चिकित्सक कभी-कभार ही आती हैं। जब किसी मंत्री या वीआईपी का औचक निरीक्षण होता है तो महिला चिकित्सक अस्पताल आ जाती हैं। इसके बाद सभी अपनी कुर्सी से गायब हो जाती हैं। इसका खामियाजा महिलाओं को उठाना पड़ता है। इस मामले में अधीक्षक डॉ. एनके सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत मिली है। सीएमओ को मामले से अवगत करा दिया गया है।
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कैसरगंज में स्थित महिला विंग में चिकित्सकों की तैनाती है। इसके बावजूद वह सभी नदारद हैं तो इसकी रिपोर्ट अधीक्षक से तलब की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सीएमओ
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कैसरगंज में 50 बेड का महिला अस्पताल संचालित हो रहाहै। अस्पताल में डॉ. पायल, डॉ. रजनी चौधरी व डॉ. ममता बसंत की तैनाती है। शनिवार सुबह 11 बजे ग्रामीणों की शिकायत पर अमर उजाला संवाददाता ने मौका मुआयना किया तो सभी चिकित्सक नदारद मिले। चिकित्सकों के चैंबर बंद मिले। अस्पताल में मौजूद मरीज शशिबाला व सविता ने बताया कि बीते तीन दिन से अस्पताल के चक्कर काट रही हैं। लेकिन यहां पर तैनात महिला चिकित्सक नहीं मिल रही हैं। जिससे मरीजों को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ता है। अस्पताल इलाज के लिए आईं महिलाओं ने बताया कि चिकित्सक के नदारद रहने पर सभी जिला मुख्यालय या झोलाछाप चिकित्सक का सहारा ले रही हैं।
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इससे अधिक खर्च के साथ समय भी गंवाना पड़ता है। क्षेत्र के ग्रामीण अनिल अवस्थी, जगदेव पाल, रामकुमार,पवन वर्मा, फरीद अहमद, बनवारी पाठक व राहुल आदि ने बताया कि महिला अस्पताल में चिकित्सक कभी-कभार ही आती हैं। जब किसी मंत्री या वीआईपी का औचक निरीक्षण होता है तो महिला चिकित्सक अस्पताल आ जाती हैं। इसके बाद सभी अपनी कुर्सी से गायब हो जाती हैं। इसका खामियाजा महिलाओं को उठाना पड़ता है। इस मामले में अधीक्षक डॉ. एनके सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत मिली है। सीएमओ को मामले से अवगत करा दिया गया है।
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कैसरगंज में स्थित महिला विंग में चिकित्सकों की तैनाती है। इसके बावजूद वह सभी नदारद हैं तो इसकी रिपोर्ट अधीक्षक से तलब की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सीएमओ