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सत्ता संभालते ही एक्शन मोड में दिखी गांव की सरकार
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बहराइच। गांव की सत्ता संभालते ही ग्राम प्रधान एक्शन मोड में दिखे। बृहस्पतिवार से गांव में बैठकों का दौर शुरू होगा। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों को भी नामित कर दिया गया है। ग्राम प्रधानों के मुताबिक सबसे पहले गांव को संक्रमण से बचाने की जिम्मेदारी है। इसके लिए अधिकारियों से मिलकर काम किया जाएगा। वहीं बुधवार को भी गांवों में नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों को ऑनलाइन शपथ दिलाई गई।
पंचायत चुनाव व मतगणना के बाद ग्राम प्रधानों को शपथ का इंतजार था। कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने सभी को 25 मई से ऑनलाइन शपथ दिलाना शुरू कर दिया है। शपथ लेते ही गांव की सरकार एक्शन में दिखने लगी है। ग्राम प्रधान गांवों से कोरोना संक्रमण, गंदगी व प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए कार्य करने लगी है। गुरुवार से ग्राम प्रधानों की ओर से गांव में बैठक शुरू होगी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों को नामित किया गया है। नामित अधिकारी संबंधित गांवों में जाकर ग्राम प्रधान व ग्रामीणों से समस्याओं को लेकर वार्ता करेंगे। साथ सफाई, कोरोना संक्रमण पर रोकथाम व मनरेगा में काम पर चर्चा करेंगे। इसके बाद नव निर्वाचित ग्राम प्रधान जिम्मेदारी से अपने कार्य का निर्वहन शुरू कर देंगे।
ग्राम प्रधानों पर सबसे अधिक जिम्मेदारी गांवों को कोरोना मुक्त बनाने की होगी। क्योंकि इस समय कोरोना संक्रमण शहर को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्र में फैलने लगा है। ऐसे में ग्राम प्रधान, निगरानी समित व स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से संक्रमण को कम करने पर काम करेंगे। उधर चुनाव जीतने के बाद पहले दिन शपथ से वंचित ग्राम प्रधानों को दूसरे दिन गुरुवार को ऑनलाइन शपथ दिलाई गई। ग्राम प्रधानों ने ऑनलाइन शपथ लिया। ग्राम प्रधानों के शपथ लेते ही उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। हालांकि कोरोना लॉकडाउन को लेकर सभी एकत्र होकर खुशी नहीं मना सके। जिला पंचायत राज अधिकारी उमाकांत पांडेय ने बताया कि जिन गांवों के ग्राम प्रधान पहले दिन शपथ नहीं ले पाए थे। उन ग्राम प्रधानों को गुरुवार को ऑनलाइन शपथ दिला दिया गया है। अब सभी निष्ठापूर्वक काम करें।
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जिले 61 ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधानों को गुरुवार को शपथ नहीं दिलाई गई। इसका मुख्य कारण पंचायत सदस्यों का कम होना है। डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने बताया कि शपथ से वंचित 61 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को जिला प्रशासन के निर्देशन में आने वाले समय में शपथ दिलाया जाएगा।
जिले के विभिन्न गांवों के नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों ने गुरुवार को ऑनलाइन शपथ ग्रहण किया। शपथ ग्रहण करने वाले ग्राम प्रधानों में खुशी दिखी। नवाबगंज विकास खंड के ग्राम शंकरपुर के प्रधान मन्ना पाठक ने गुरुवार को शपथ लिया। उन्होंने कहा कि अब जिम्मेदारी मिल गई है। गांव में विकास करेंगे। किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। रिसिया विकास खंड के सैदा गिजरिया के ग्राम प्रधान मायाराम यादव ने कहा कि गांव का चहुंमुखी विकास करेंगे। सबसे पहले गांव में कोरोना न फैले, इस पर काम करेंगे।
इसी विकास खंड की ग्राम प्रधान उमा देवी ने कहा कि जनता ने चुनाव जिताया है। ऐसे में गांव का विकास कर श्रमिकों को रोजदार दिलाना पहली प्राथमिकता होगी। हुजूरपुर विकास खंड की ग्राम प्रधाबय्रेखा सिंह ने कहा कि सरकार के निर्देश पर ऑनलाइन शपथ दिला दी गई है। अब गांव के विकास के साथ प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा में काम दिलाना, जरूरतमंदों को अनाज व कोरोना संक्रमितों को मेडिकल किट दिलाना पहली प्राथमिकता होगी।
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पंचायत चुनाव व मतगणना के बाद ग्राम प्रधानों को शपथ का इंतजार था। कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने सभी को 25 मई से ऑनलाइन शपथ दिलाना शुरू कर दिया है। शपथ लेते ही गांव की सरकार एक्शन में दिखने लगी है। ग्राम प्रधान गांवों से कोरोना संक्रमण, गंदगी व प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए कार्य करने लगी है। गुरुवार से ग्राम प्रधानों की ओर से गांव में बैठक शुरू होगी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों को नामित किया गया है। नामित अधिकारी संबंधित गांवों में जाकर ग्राम प्रधान व ग्रामीणों से समस्याओं को लेकर वार्ता करेंगे। साथ सफाई, कोरोना संक्रमण पर रोकथाम व मनरेगा में काम पर चर्चा करेंगे। इसके बाद नव निर्वाचित ग्राम प्रधान जिम्मेदारी से अपने कार्य का निर्वहन शुरू कर देंगे।
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ग्राम प्रधानों पर सबसे अधिक जिम्मेदारी गांवों को कोरोना मुक्त बनाने की होगी। क्योंकि इस समय कोरोना संक्रमण शहर को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्र में फैलने लगा है। ऐसे में ग्राम प्रधान, निगरानी समित व स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से संक्रमण को कम करने पर काम करेंगे। उधर चुनाव जीतने के बाद पहले दिन शपथ से वंचित ग्राम प्रधानों को दूसरे दिन गुरुवार को ऑनलाइन शपथ दिलाई गई। ग्राम प्रधानों ने ऑनलाइन शपथ लिया। ग्राम प्रधानों के शपथ लेते ही उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। हालांकि कोरोना लॉकडाउन को लेकर सभी एकत्र होकर खुशी नहीं मना सके। जिला पंचायत राज अधिकारी उमाकांत पांडेय ने बताया कि जिन गांवों के ग्राम प्रधान पहले दिन शपथ नहीं ले पाए थे। उन ग्राम प्रधानों को गुरुवार को ऑनलाइन शपथ दिला दिया गया है। अब सभी निष्ठापूर्वक काम करें।
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जिले 61 ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधानों को गुरुवार को शपथ नहीं दिलाई गई। इसका मुख्य कारण पंचायत सदस्यों का कम होना है। डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने बताया कि शपथ से वंचित 61 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को जिला प्रशासन के निर्देशन में आने वाले समय में शपथ दिलाया जाएगा।
जिले के विभिन्न गांवों के नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों ने गुरुवार को ऑनलाइन शपथ ग्रहण किया। शपथ ग्रहण करने वाले ग्राम प्रधानों में खुशी दिखी। नवाबगंज विकास खंड के ग्राम शंकरपुर के प्रधान मन्ना पाठक ने गुरुवार को शपथ लिया। उन्होंने कहा कि अब जिम्मेदारी मिल गई है। गांव में विकास करेंगे। किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। रिसिया विकास खंड के सैदा गिजरिया के ग्राम प्रधान मायाराम यादव ने कहा कि गांव का चहुंमुखी विकास करेंगे। सबसे पहले गांव में कोरोना न फैले, इस पर काम करेंगे।
इसी विकास खंड की ग्राम प्रधान उमा देवी ने कहा कि जनता ने चुनाव जिताया है। ऐसे में गांव का विकास कर श्रमिकों को रोजदार दिलाना पहली प्राथमिकता होगी। हुजूरपुर विकास खंड की ग्राम प्रधाबय्रेखा सिंह ने कहा कि सरकार के निर्देश पर ऑनलाइन शपथ दिला दी गई है। अब गांव के विकास के साथ प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा में काम दिलाना, जरूरतमंदों को अनाज व कोरोना संक्रमितों को मेडिकल किट दिलाना पहली प्राथमिकता होगी।